आंखों की सेहत पर नजर रखें लेकिन कैसे?

जैसे -जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, हमारे शरीर में कई बदलाव आते है।इनमे आंखों की सेहत भी शामिल है, जो 40 की उम्र पार करते ही बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।दरअसल, इस दौरान पढ़ते समय आंखों पर ज्यादा जोर पड़ना, आंखों में सुखपान, जलन, खुजली या जल्दी थकान होना आम समस्या बन जाती है।कई लोगों को रात के समय देखने में भी परेशानी महसूस होती है।शोधों में भी पाया गया है कि 45 से अधिक उम्र के हर छह वयस्कोंमें से एक किसी न किसी तरह की आंखों की समस्या से पीड़ित होता है।इसलिए दृष्टि संबंधी समस्याओं से बचने के लिए जितनी जल्दी हो सके अपनी आंखों की देखभाल शुरू कर दें।

आंखों की निमित जांच कराएं

50 की उम्र के बाद आंखों में कोई दिक्कत न होने पर भी साल में कम-से-कम एक बार आंखों की पूरी जांच करानी चाहिए।कई बार आंखों की बीमारियां शुरुआती दौर में बिना किसी लक्षण के बढ़ती रहती हैं, जो बाद में गंभीर रूप ले सकती हैं, जैसे मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, मैक्युलर डिजनरेशन व शुगर से जुड़ी आंखों की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।इसलिए 50 की उम्र के बाद आंखों की देखभाल को प्राथमिकता देना जरुरी है।निमित जांच से नजर का नंबर, आंखों का दबाव व रेटिना की स्थिति का सही आकलन हो जाता है, जिससे समय रहते इलाज संभव हो जाता है।

क्या खाएं और क्यों

आंखे हमारे शरीर का सबसे सवेंदनशील हिस्सा है।डिजिटल युग में, जब स्क्रीन टाइम बढ़ रहा है, सही पोषण ही आंखों की रोशनी को लंबे समय तक बनाए रख सकता है, जैसे विटामिन ए, सी और बिटा-कैरोटीन युक्त साग-सब्जियों का सेवन करें।ये आंखों की रोशनी के लिए सुपरफूड माने जाते हैं, जबकि Best Foods for Eye Health केटेगरी मे भी आते है, जैसे गाजर, शकरकंद, टमाटर, आंवला, हरी सब्जियां, पपीता, कद्दू आदि।जबकि अलसी, अखरोट, और मछली में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड आंखों को सुखापन और उम्र के असर से बचाने में मदद करते हैं।पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी आंखों की सेहत के लिए जरुरी है।

अपनी आंखों को आराम दें

यदि आप टीवी देखने या कंप्यूटर स्क्रीन पर काम करने में बहुत समय बिताते हैं और अकसर अपनी पलकें झपकाना भूल जाते हैं, तो आपकी यह आदत आंखों में सुखापन और थकान की वजह बन सकती है।असल में, मोबाइल, लैपटॉप और टीवी पर ज्यादा समय बिताने से आंखों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे धीरे-धीरे जलन, दर्द और धुंधला दिखने जैसी दिक्कतें होने लगती है।इसलिए लंबे समय तक स्क्रीन देखने से बचें।आप चाहें तो आंखों के लिए व्यायाम भी कर सकते हैं, जैसे 20-20-20 का नियम।इसके तहत, हर 20 मिनट के स्क्रीन वर्क के बाद, 20 फीट दूर रखी किसी चीज को 20 सेकंड तक देखें।

इससे आंखों को बहुत जरुरी आराम मिल जाता है और उन्हें तनावमुक्त होने में मदद मिलती है।इसके अलावा लैपटॉप या मोबाइल स्क्रीन की ब्राइटनेस अपनी आंखों के अनुसार रखें।अमेरिकन ऑप्टोमेट्रिक एसोसिएशन तो कंप्यूटर मॉनिटर को आपकी आंखों से 20 से 28 इंच की दूरी पर रखने की सलाह देता है।इसके अनुसार, आंखों को अधिकतम आराम देने के लिए कंप्यूटर का ऊपरी हिस्सा आंखों के स्तर पर या उससे थोड़ा नीचे होना चाहिए।

बाहर निकलते समय तेज धूप से बचाव के लिए युवी प्रोटेक्शन वाला चश्मा पहनें, क्योंकि धूप की हानिकारक किरणें आंखों की लेंस व रेटिना को नुकसान पहुंचा सकती हैं और मोतियाबिंद व मैक्युलर डिजनरेशन का खतरा बढ़ा सकती हैं।साथ ही बढ़ती उम्र में आंखों को स्वस्थ रखने के लिए शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखना जरुरी है।इनके बढ़ने से आंखों की नसें प्रभावित होती हैं, जिससे नजर कमजोर हो सकती है।अगर आंखों में अचानक दर्द, नजर कम होना या काले धब्बे दिखें, तो तुरंत अपने नजदीकी नेत्र विशेषज्ञ से सलाह लें।

क्लॉक एक्सरसाइज आंखों के लिए आसान व्यायाम

यह व्यायाम आंखों की मांसपेशियों का तनाव कम करता है और सिरदर्द से राहत दिलाता है।अपना सिर सीधा रखें और सामने एक बड़ी एनालॉग घड़ी की कल्पना करें।पहले अपनी नजरें काल्पनिक तौर पर 6 पर लें जाएं, फिर काल्पनिक तौर पर 12 पर ले जाएं।यानी नीचे से ऊपर की ओर अपनी नजर ले जाएं।इसी तरह घड़ी के विपरीत नंबर जोड़ों पर ध्यान केंद्रित करें, जैसे 3 और 9, 4 और 10, 5 और 11 नंबर।प्रत्येक संख्या पर एक या दो सेकंड के लिए अपनी नजर टिकएं, फिर अगली संख्या पर जाएं।ऐसा रोजाना 4-5 मिनट तक करें।यह आपकी आंखों के फोकस को बेहतर बनाता है और स्क्रीन पर लंबे समय तक काम करने से होने वाली थकान को दूर करता है।

आंखों की सेहत

निष्कर्ष:

हमारी आँखें अनमोल हैं और 40 की उम्र के बाद इन्हें विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है।इन्हें नजरअंदाज करना गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।इसलिए सही खान-पान, नियमित व्यायाम और समय पर डॉक्टरी जांच के जरिए आप अपनी आंखों की रोशनी को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं। याद रखें, आंखों की छोटी सी भी लापरवाही बड़ी समस्या बन सकती है, इसलिए आज से ही अपनी आंखों की सेहत को प्राथमिकता दें।