आँख से कीचड़ आना: (Eye discharge) 5 सामान्य कारण, लक्षण, उपचार दवा और रोक थाम

आँख से कीचड़ आना जिसे मेडिकल भाषा मे (Eye Discharge) या “राइनोरिया” कहा जाता है जो सुबह उठते ही आँखों के कोने में सफेद, पीले और पपड़ीदार, या हरे रंग का गंदा पदार्थ जमा होता है, यह एक आम समस्या है लेकिन कभी-कभी यह कीचड़ इतना सख्त हो जाता है कि आँखें खोलने में भी दिक्कत होती है

इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे की आँख से कीचड़ क्यों आता है और इसके कारण, लक्षण क्या है इसके अलग-अलग प्रकार क्या होते हैं, और इसका घरेलू उपचार व मेडिकल इलाज दवा और साफ सफाई रोक थाम क्या हैं।

आँख से कीचड़ आना

आँख से कीचड़ आना क्या है?

हमारी आँखों की पलकों के किनारे पर छोटी-छोटी ग्रंथियां  होती हैं, जो एक तैलीय पदार्थ बनाती हैं जब हम लोग सो के उठते है तो यह तैलीय पदार्थ, धूल, मैल और बैक्टीरिया के साथ मिलकर आँखों के कोने में जमा हो जाता है, और उठते ही आँखों के कोने में सफेद, पीले और पपड़ीदार, या हरे रंग का गंदा पदार्थ जमा होता है, और यह बड़े बुजुर्ग बच्चे सबके लिए एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया होती है, लेकिन जब यह डिस्चार्ज का रंग पीला, हरा या चिपचिपा हो और काफी ज्यादा मात्रा में आने लगे जैसे सुबह की समय पलके आपस में चिपकी हो तो यह आँखों से जुड़ी किसी समस्या का संकेत हो सकता है।

आँख से कीचड़ आना और उसके प्रकार

Eye discharge का रंग और गाढ़ापन समस्या के कारण के बारे में अहम जानकारी दे सकता है और आँख से कीचड़ आने का निम्नलिखित प्रकार हो सकते है।

  • सफेद या हल्का पीला, गाढ़ा कीचड़ आ रहा है तो यह बैक्टीरियल कंजक्टिवाइटिस, ब्लेफेराइटिस में होता है और इसमें आँखें चिपचिपी होना, पलकें चिपकना, आँखों में लालिमा होना होता है
  • साफ पानी जैसा चिपचिपा कीचड़ आना यह वायरल कंजक्टिवाइटिस, आँखों में एलर्जी, सर्दी, जुकाम या आँख में धूल गर्दा के चले जाने से हो सकता है और इसकी वजह से आँखों में खुजली होना, पानी बहना, छींक आना होता है
  • हरा या गाढ़ा पीला कीचड़ आना यह सबसे गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण की वजह से होता है और आँखों में दर्द, सूजन, धुंधला दिखाई देना होता है
  • लसदार या धागे जैसा सफेद कीचड़ आना और यह आँखों में सूखापन, वायरल कंजक्टिवाइटिस की वजह से हो सकता है इसमें आँखों में रेत जैसा कुछ होने का अहसास होना, आँखों में जलन, भारीपन महसूस होता है
  • सफेद, पीले या दूधिया कलर का आँखों में लगातार जमा होने वाले कीचड़ को बार-बार निकालने की आदत भी आँखों में परेशानी का सबब बन सकती है और उसकी वजह से आँखों से पानी आना, लालिमा, जलन होना खुजली होना हो सकता है

आँख से कीचड़ आने का कारण

सामान्य आंख का कीचड़ (Crusty Sleep)

जब आप सो रहे होते हैं तो आपकी आंखें अपनी सतह साफ करने के लिए बलगम और आँसू का मिश्रण बनाती हैं और यह सुबह पपड़ी के रूप में आँख में जमा हो जाता है जो पतला पानी जैसा या सूखने पर सफेद हल्का पीला, पपड़ीदार होता है और जागने के बाद आसानी से साफ हो जाता है और हानिकारक नहीं होते है और इसे (Crusty Sleep) भी कहा जाता है।

कंजक्टिवाइटिस (Conjunctivitis)

आँख का सबसे आम इन्फेक्शन, जिसमें लालपन, जलन और कीचड़ ज्यादा मात्रा मे आता है और इसे ( आई फ्लू ) या गुलाबी आँख भी कहते हैं, बैक्टीरिया के कारण होने वाले इस इन्फेक्शन में आँखों से पीले या हरे रंग का गाढ़ा डिस्चार्ज होने लगता है, जो आँखों को चिपचिपा बना देता है जिस्से आँखें लाल हो जाती हैं और उनमें खुजली व जलन होती है।

वायरल (Conjunctivitis)

यह अक्सर सर्दी या फ्लू के साथ होता है और अत्यधिक संक्रामक होता है जिसे वायरल कॉन्जंक्टिवाइटिस कहा जाता और इसमें आमतौर पर पानी जैसा या थोड़ा गाढ़ा सफेद कीचड़ निकलता है और इसके साथ ही आंखों में जलन होना और आँख का लाल होना और खुजली होना होता है और यह भी बहुत संक्रामक होता है।

एलर्जी (Conjunctivitis)

आँख से कीचड़ आना एलर्जिक कॉन्जंक्टिवाइटिस के कारण भी हो सकता है जो धूल, धुआँ, परागकण या कॉस्मेटिक्स से एलर्जी होने पर आँख से कीचड़ आना शुरू हो जाता है और इसके साथ जलन होना आँखों मे खुजली होना होता है और इसमें कीचड़ पानी जैसा पतला सफ़ेद होता है और आमतौर पर एक या दोनों आँखों मे एक साथ हो सकता है।

आँसू की नली बंद होना (Blocked Tear Duct)

यह विशेषकर छोटे बच्चों मे, और बुजुर्ग लोगो मे आँख से कीचड़ आना आंसू की नली बंद होने के कारण होता है लेकिन वयस्कों में भी हो सकता है ऐसे में आँख पानी छोड़ती रहती है और कीचड़ जमने लगता है जिससे आँसू और बलगम आँख में जमा हो जाते हैं, और पानी जैसा चिपचिपा कीचड़ लगातार आता रहता है और (Tear Duct) पर हल्का दबाव डालने से कीचड़ निकल सकता है।

कॉर्नियल अल्सर (Corneal Ulcer)

यह आँख की कॉर्निया पर घाव होने या जखम होने से होता है जो अक्सर बैक्टीरियल, वायरल या फंगल संक्रमण का रूप ले लेता है और यह एक गंभीर स्थिति है और इसमें गाढ़ा, पीला या भूरा कीचड़ निकल सकता है और इसके साथ दर्द लालिमा भी होने लगती है और इसका सही समय पर इलाज ना किया जाये तो यह दृष्टि हानि का कारण बन सकता है।

आँख से कीचड़ आना के लक्षण

वैसे तो आमतौर पर आँख से कीचड़ आना एक सामान्य बात है लेकिन आँखों मे होने वाले संक्रमड़ मे भी इसी तरह के लक्षण होते है जो इस बात का संकेत देते हैं कि समस्या सामान्य है या गंभीर और आपको इस बात का पता होना चाहिए:

  • सामान्य से ज्यादा मात्रा में कीचड़ आना
  • लगातार पानी जैसा या हल्का पीला कीचड़ आना
  • शिशुओं में आँसू नलिकाओं का बंद होना
  • लसदार धागे जैसा आँख से कीचड़ आना
  • आँखों में रेत जैसा अहसास होना
  • पीला, हरा या गाढ़ा कीचड़ बार बार आना
  • आँखों में जलन और लॉलीपन खुजली होना
  • पलकों का चिपकना

आँख से कीचड़ आना और उसका घरेलू इलाज

वैसे तो आँख से कीचड़ आना एक आम बात है लेकिन आपको अपनी खुद की देखभाल से अपनी आँखों का ख्याल रखना होगा ताकि आँख से कीचड़ आना ज्यादा मात्रा में ना शुरू हो जाये निचे बताये गये तरीके आपकी आँखों से कीचड़ ज्यादा मात्रा में ना आये और संक्रमण बनने के खतरे को रोक सकते है:

  • साफ सफाई पे धयान दें: सुबह के समय अपनी आँखों को साफ पानी से अच्छे तरीके से धोयें और नहाते समय धयान रखे साबुन सम्पू आँखों मे ना जाये और घर से बाहर जाते समय चश्मे का हो सके तो इस्तेमाल करें साफ कपडे से दिन भर मे 2-3 मर्तबा आँखों के पपड़ीदार कीचड़ को साफ करें धयान रखे गंदे हाथ और कपडे और धूल धुंआ वाली जगह से बचें।
  • आंखों को बार-बार हाथ लगाने से बचें: अपने हाथ को बार बार आँख पे ना लगाये और ना ही मले क्यों की बार-बार आंखों को छूने या मलने से आँखों में इन्फेक्शन हो सकता है जिससे संक्रमण और आँखों से कीचड़ आना ज्यादा मात्रा में शुरू हो सकता है।
  • कॉन्टेक्ट लेंस का इस्तेमाल रात में ना करें: आप कॉन्टेक्ट लेंस का इस्तेमाल करते है तो रात में कॉन्टेक्ट लेंस का इस्तेमाल ना करें क्यों की रातभर लेंस पहनकर सोने से आंखों में सूखापन और जलन हो सकती है, जिससे आँखों से कीचड़ आने की समस्या बढ़ जाती है और अपने कॉन्टेक्ट लेंस को नियमित रूप से साफ करें।
  • रोजाना पर्याप्त नींद लें: थकान और नींद पूरी न हो पाना भी आँखों से कीचड़ आना और आंखों के सूखेपन का कारण बन सकता है रोजाना 7-8 घंटे पर्याप्त नींद लें क्यों की पर्याप्त नींद लेने से आंखों को आराम मिलता है और उनकी सफाई करने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया ठीक से काम करती है।
  • रात को मेकअप हटाना न भूलें: आई मेकअप जैसे काजल, आईलाइनर और मस्कारा आंखों में आँसू जाने वाले रास्ते को बंद कर देते हैं, जिस्से आँखों में कीचड़ जमा होकर संक्रमण का बड़ा कारण बन सकता है रोजाना सोने से पहले कोमल आई मेकअप रिमूवर का इस्तेमाल करके अपना मेकअप जरूर हटाएं।

आँख से कीचड़ आने के जोखिम कारक

  • आँखों को बार बार हाथ लगाना या मलना
  • गंदे कपडे या तौलिया से आँख और मुँह पोछना
  • केमिकल्स या रासायन के सम्पर्क मे आना
  • आँखों मे संक्रमण होना
  • आँखों मे किसी चीज का चले जाना
  • सर्दी, जुखाम होना या बार बार छीक आना
  • आँखों मे सुखपन और एलर्जी, वायरल, conjunctivitis का होना भी आँखों मे जोखिम कारक बन सकते है।

मुझे कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए?

आँख से कीचड़ आना ओ भी सुबह के समय यह चिंता का विषय नहीं होता, लेकिन कीचड़ की मात्रा, रंग या उससे जुड़े अन्य लक्षण बदलते हैं, तो आपको तुरंत किसी नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

  • कीचड़ इतना ज्यादा हो कि आपकी पलकें सुबह चिपक जाती हों और उन्हें खोलने में कठिनाई हो।
  • आपकी दृष्टि धुंधली हो रही हो और कीचड़ साफ करने के बाद भी धुंधलापन दिखाई दे रहा हो।
  • आँख में तेज दर्द या चुभन महसूस हो ​आँख या पलकों के आसपास लालिमा या सूजन हो और ऐसा महसूस हो जैसे आँख में कुछ फसा गया हो।
  • अगर आपको हाल ही में आँख में कोई चोट धूल या किसी चीज का कण चला गया हो और उसके बाद आँख से कीचड़ आना शुरू हो गया हो।
  • कीचड़ की मात्रा अचानक बहुत अधिक बढ़ गई हो कीचड़ गाढ़ा, पीला या हरा रंग का आरहा हो।

आँख से कीचड़ आने का निदान

  • लक्षणों की जांच: आपका डॉक्टर सबसे पहले आपके लक्षणों के बारे में विस्तार से पूछेंगे, जैसे कीचड़ का रंग, सफेद, पीला, हरा या पानी जैसा तो नहीं आरहा है और कब से यह समस्या है क्या सुबह के समय पलके आपस मे चिपक जाती है क्या खुजली, जलन, लालपन या रोशनी से परेशानी तो नहीं होती ये सब पूछ सकता है।
  • आँखों की जांच: आपका डॉक्टर आपको (स्लिट लैंप) की मदद से आँखों की जाँच करेगा ताकि कॉर्निया, कंजक्टाइवा, आईलिड्स, लैश लाइन और टीयर डक्ट्स की गहराई से जांच कर सके इससे पता चलता है कि कहीं कॉर्निया में घाव, कंजक्टिवा में सूजन, ब्लेफेराइटिस या किसी अन्य कारण से आँख से कीचड़ आना तो नहीं बन रहा।

आपका डॉक्टर आँख से कीचड़ आना की वजह जानने के लिए अन्य जाँच भी कर सकता है अगर बैक्टीरियल इन्फेक्शन या (keratitis) का शक होता है, तो आँख के डिस्चार्ज का सैम्पल लेकर लैब में भेज सकते हैं, इससे पता चलता है कि कौन सा बैक्टीरिया संक्रमण फैला रहा है और कौन सी एंटीबायोटिक दवा उस पर कारगर होगी।

आँख से कीचड़ आना और उसका मेडिकल उपचार

बैक्टीरियल इन्फेक्शन आँख से कीचड़ आना का कारण बन रहा है तो आपका डॉक्टर आपको एंटीबायोटिक आई ड्रॉप्स या आई ऑइंटमेंट दे सकता है

वायरल इन्फेक्शन आँख से कीचड़ आना का कारण बन रहा है तो आपका डॉक्टर आपको कृत्रिम आँसू या हल्के स्टेरॉयड वाली ड्रॉप्स दे सकता है

एलर्जी की वजह से आँख से कीचड़ आना लाल होना खुजली होना हो रहा है तो आपका डॉक्टर एंटीहिस्टामाइन आई ड्रॉप्स या खाने की दवाएं भी दे सकता है

आँसू नली बंद होने पर आँख से कीचड़ आना हो रहा है तो आपका डॉक्टर आपको (मसाज) बता सकता है और जरुरत पड़ने पर एक छोटे सर्जिकल जाँच भी कर सकता है

कॉर्नियल अल्सर की वजह से आँख से कीचड़ आना शुरू हो जाता है और यह एक इमरजेंसी स्थिति होती है इसके इलाज में एंटीबायोटिक, एंटीवायरल या एंटीफंगल आई ड्रॉप्स आपका डॉक्टर आपको दे सकता है