आँखों में खुजली होना (Eye itching): इसके 5 प्रमुख कारण, लक्षण, रोकथाम उपचार और बचाव

आँखों में खुजली होना (Eye itching) आज के समय एक आम समस्या बन चुकी है, जो आपकी अपनी आदत की वजह से आँखों मे जलन, आँखों से पानी आना या खुजली होने जैसी समस्या कभी कभार होने लगती है जो किसी भी उम्र में किसी को हो सकती है, जबकि अधिकतर मामलों मे खुद की देखभाल से ठीक भी हो जाती है, लेकिन बार-बार या लंबे समय तक खुजली बने रहना किसी और समस्या का कारण हो सकता है और इसके अन्य लक्षण दिख सकते है, जो आपके रोज़ाना के काम पर भी असर डाल सकता है

इस लेख में हम जानेंगे की आँखों में खुजली क्यों होती है, बार बार खुजली होने का क्या कारण है, इसके लक्षण, उपचार, रोकथाम और इससे बचाव के लिए क्या-क्या सावधानियाँ अपनानी चाहिए, ताकि आप इस समस्या को बेहतर ढंग से समझ सकें और सही कदम उठा सकें।

आँखों मे बार बार खुजली होना

आँखों में बार-बार खुजली होना एक आम लेकिन परेशान करने वाली समस्या है और इसके कई कारण हो सकते हैं, खासकर लंबे समय तक मोबाइल या कंप्यूटर देखने से और नींद का पूरा ना होना इसका सबसे बड़ा कारण बनते है, जबकि खुजली के साथ लालिमा, पानी आना या आँखों मे जलन होने जैसे आम लक्षण दिखने लगते हैं, जिससे आँखों को बार-बार खुजलाने या रगड़ने की इच्छा होने लगती है

जबकि यही बार-बार आँखें रगड़ने या हाथ लगाने से अन्य समस्या पैदा होने लगती है और इंफेक्शन होने का खतरा बना रहेता है, जबकि कई लोग इसे मामूली समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन लंबे समय तक खुजली बने रहना ये आँखों की अन्य समस्या का संकेत होता है, जो आँखों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

आँखों में खुजली होने का कारण

Eye itching हल्की एलर्जी से लेकर किसी गंभीर आँखों की समस्या का कारण हो सकता है, जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है, जबकि बार-बार या लंबे समय तक खुजली होना कुछ मामलों मे सामान्य भी हो सकता हैं और कुछ पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी होता है, लेकिन इसके भी अपने कारण होते हैं जैसे:

आँखों मे एलर्जी होना

Eye itching का सबसे प्रमुख कारण Allergic Conjunctivitis होता है, जब आँखें किसी एलर्जन के संपर्क में आती हैं जैसे धूल मिट्टी धुआँ, प्रदूषण के संपर्क मे आने से या पालतू जानवर के बाल की वजह से और परफ्यूम केमिकल्स यहाँ तक की गंदे हाथ आँखों पर लग जाने से भी एलर्जी हो सकती है, जिससे आँखों मे खुजली होना लालिमा और पानी आना शुरू हो जाता है।

मोबाइल लैपटॉप या कंप्यूटर का अधिक उपयोग

मोबाइल और लैपटॉप का अधिक उपयोग आजकल आँखों में खुजली, जलन और सूखेपन (Dry Eye Syendrome) का एक प्रमुख कारण बन गया है, जिसे अक्सर डिजिटल आई स्ट्रेन या कंप्यूटर विजन सिंड्रोम कहा जाता है, क्यूंकि लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप या टीवी स्क्रीन देखने से आँखों पर दबाव पड़ता है, जिससे आँखें सूखी हो जाती हैं और आँखों में खुजली होना शुरू हो जाता है।

बाहरी तत्वों का प्रवेश और गंदे हाथ

Eye itching का एक प्रमुख कारण यह भी है, जब आँखों में कोई बाहरी कण हवा के साथ या अनजाने में आँखों में चला जाता है, जैसे धूल, रेत या पलक का टूटा हुआ बाल तो आँखों मे खुजली होना और गड़न महेसूस होने लगती है, जबकि अदिखतर लोग ऐसे मे गंदे हाथ से आँखों को बार बार छूने लगते है, जिससे आँखों में तुरंत जलन होना पानी आना और खुजली की समस्या अधिक हो जाती है और असहजता महसूस होने लगती है, फिर आँखों को बार-बार रगड़ने की इच्छा होने लगती है, जो आगे चलकर संक्रमण और अन्य आँखों की समस्याओं का कारण बन जाती है।

Contect Lens और Eye Makeup

Eye itching होना या जलन होने के पीछे अक्सर आपकी अपनी रोज़ाना की आदतें भी इसका कारण बनती है, अगर आप आई मेकअप प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते है, तो यह भी खुजली होने का कारण बन सकता है, अगर कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करते है और लेंस की सही साफ सफ़ाई के बिना इस्तेमाल करते है तो यह आँखों मे खुजली होने का कारण बन जाता है, जिससे Eye itching होने के साथ आँखों से पानी आना और जलन जैसी समस्या बढ़ने लगती है।

आँखों मे संक्रमण (Conjunctivitis)

Conjunctivitis आँखों की एक सामान्य लेकिन संक्रामक समस्या है, जो बैक्टीरिया, वायरस या एलर्जी के कारण हो सकती है, इस स्थिति में आँखों में तेज़ खुजली, लालिमा दर्द और जलन महसूस होती है, इसके साथ ही आँखों से पानी आना, सुबह उठते समय पलकों का चिपक जाना और चिपचिपा स्राव निकलना भी शुरू हो जाता हैं, खासकर बच्चों मे बच्चों की आँख से कीचड़ आना बैक्टीरिया की वजह से ही होता है और समय पर इलाज न किया जाए तो यह समस्या बढ़ सकती है।

आँखों में खुजली के साथ दिखने वाले सामान्य लक्षण

आँखों में खुजली होना अक्सर अकेली समस्या नहीं होती है, बल्कि अन्य समस्याओं के साथ-साथ उभर सकती है और इसके साथ कई अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं, जो Eye itching के कारण और उसकी गंभीरता पर निर्भर करते हैं, जबकि इन लक्षणों पर ध्यान देने से समस्या के कारण को पहचानने में मदद मिल सकती है जैसे:

आँखों में खुजली होने के साथ कुछ और लक्षण भी दिख सकते हैं, जैसे:

  • आँखों में जलन चुभन या रेत जैसा महसूस होना
  • आँखों से अत्यधिक बार-बार पानी आना
  • आँखों का लाल होना या सूजन दिखाई देना
  • तेज़ रोशनी से आँखों में परेशानी या चौंधियाहट होना
  • धुंधला या साफ़ न दिखाई देना
  • पलकों या आँखों के आसपास सूजन आ जाना
  • आँख या सिर में दर्द महसूस होना
  • आँखों से चिपचिपा या पीला कीचड़ निकलना खासकर सुबह के समय

आँखों मे खुजली होने पर क्या करें?

Eye itching होने पर सही देखभाल और कुछ आसान उपाय अपनाकर इसकी रोकथाम और काफी हद तक राहत पाई जा सकती है, खासकर बताये गये उपाय ज़रूर अपनाएँ:

  • Eye itching के समय आँखों पर अपना हाथ लगाने से बचें क्योंकि इससे जलन लालिमा और इंफेक्शन होने का खतरा कम जाता है।
  • अगर Itching कंप्यूटर मोबाइल के अधिक इस्तेमाल करने से हो रही है, तो ऐसे मे मोबाइल लैपटॉप और कंप्यूटर पर समय कम करें और 20-20-20 नियम अपनाएँ, हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें।
  • आँखों मे कुछ चले जाने पर गंदे हाथों से निकालने की कोसिस बिलकुल भी ना करें, सबसे पहले अपने हाथ साबुन से अच्छी तरह साफ कर लें, फिर साफ़ और नार्मल पानी से आँखों को धोएँ, ताकि धूल या एलर्जी पैदा करने वाले कण बाहर निकल जाएँ।
  • घर से बाहर निकलते समय और खासकर आँखों मे खुजली होने या जलन होने पर धूप का चश्मा पहनें, धूल धुआँ और प्रदूषण वाली जगह जाने से बचें।
  • अगर आप कॉन्टैक्ट लेंस इस्तेमाल करते है या मेकअप का इस्तेमाल करते है तो कुछ समय के लिए रोक दें, जब तक खुजली पूरी तरह ठीक न हो जाए।
  • अगर एलर्जी का शक हो तो, एलर्जन या परेशान करने वाले पदार्थों से दूरी बनाएं जैसे धूल, धुआँ, पराग, पालतू जानवरों के बाल या तेज गंध से दूर रहें, बचने के लिए चश्मा पहन लें।

आँखों में खुजली होने पर क्या नही करना चाहिए?

Eye itching के समय आपकी कुछ गलत आदतें इस समस्या को और गंभीर बना सकती हैं, इसलिए खुजली होने पर कुछ खास बातों पर ध्यान दें और बचें:

  • आँखों को बार-बार रगड़ें नहीं, इससे आँखों की सतह को नुकसान और इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • गंदे हाथों से आँखों को न छुएँ, क्योंकि इससे बैक्टीरिया और वायरस आँखों में पैदा हो सकते हैं।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल न करें खासकर स्टेरॉइड ड्रॉप्स।
  • Eye itching होने पर यह फिर मेकअप की वजह से खुजली हो रही है तो उपयोग न करें।
  • कॉन्टैक्ट लेंस खुजली के दौरान न पहनें, इससे जलन और इंफेक्शन बढ़ सकता है।
  • धूल गर्दा और तेज़ हवा के सीधे संपर्क में न रहें, यह खुजली को और बढ़ा सकता है।
  • Eye itching होने पर लंबे समय तक मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन न देखें, बिना ब्रेक लिए काम करने से आँखों पर ज़ोर पड़ता है।

ध्यान दें बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल न करें खासकर स्टेरॉइड ड्रॉप्स, क्यूंकि खुद से दवाइयाँ लेना या सुने सुनाये घरेलू नुस्खे अपनाना आपकी आँखों के लिए हानिकारक और Eye itching की समस्या को बढ़ा सकता है।

आँखों में खुजली का घरेलू इलाज और आसान उपाय

ज़्यादातर मामलों में, आँखों में खुजली का घरेलू इलाज करके ही आराम मिल जाता है।

  • ठंडी सिकाई: एक साफ़ कपड़े को ठंडे पानी में भिगोकर आँखों पर 5-10 मिनट तक रखें इससे तुरंत आराम मिलता है और सूजन कम होती है।
  • 20-20-20 नियम: अगर खुजली मोबाइल कंप्यूटर या स्क्रीन टाइम पर काम करने की वजह से है, तो हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें।
  • आर्टिफिशियल आँसू: अगर आपकी आँखों में सूखापन है तो बिना प्रिस्क्रिप्शन के मिलने वाले आर्टिफिशियल आँसू का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • आँखों को साफ़ पानी से धोएँ: दिन में कई बार अपनी आँखों को साफ़ और ठंडे पानी से धोएं ताकि धूल, पराग या एलर्जी पैदा करने वाले कण निकल जाएं।

आँखों में खुजली से बचाव के सबसे अच्छे तरीक़े

​आँखों में खुजली होना इससे बचाव के लिए आप कुछ आसान उपाय अपना सकते हैं।

  • हाथों की सफाई: गंदे हाथों से अपनी आँखों को न छूएं।
  • धूल और धुएँ से बचें: प्रदूषण या धूल भरे वातावरण में जाएं तो एक अच्छी क्वालिटी का धूप का चश्मा पहनें।
  • सौंदर्य प्रसाधनों का सही चुनाव: आँखों के लिए ऐसे प्रोडक्ट्स चुनें जो हाइपोएलर्जेनिक हों और एक्सपायरी डेट के बाद उनका इस्तेमाल न करें।
  • एलर्जी ट्रिगर्स से बचें: अगर आपको पता है कि आपको किस चीज़ से एलर्जी है तो उस चीज़ से दूर रहने की कोशिश करें।
  • सही कॉन्टैक्ट लेंस का उपयोग: अपने लेंस को साफ़ रखें और उन्हें ज़्यादा समय तक न पहनें।
  • हेल्दी डाइट: विटामिन A, C और E से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे गाजर, पालक और खट्टे फल, आँखों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

अगर आँखों में खुजली होना घरेलु इलाज और खुद की देखभाल से भी आराम ना मिले और आँखों में खुजली अन्य लक्षणों के साथ होती है, तो आप को अपने किसी नजदीकी नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें,ख़ासकर अगर आपको:

  • लगातार और तेज़ खुजली जो घरेलू उपायों से ठीक न हो।
  • आँखों में बहुत ज़्यादा सूजन, दर्द या लालिमा हो।
  • दृष्टि में बदलाव धुंधला दिखाई देने लगे।
  • आँखों से पीला या हरा पस जैसा डिस्चार्ज निकलना।
  • प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता (आँखों का तेज़ रोशनी से असहज महसूस करना)।

आँखों में खुजली का निदान

आँखों में खुजली होना अगर कम नहीं हो रहा है तो आपका डॉक्टर सही निदान के लिए कुछ जांच कर सकते है जिसमे शामिल है:

  • आँखों की सामान्य जाँच: आपका डॉक्टर आपकी आँखों को देखकर लालिमा सूजन या किसी बाहरी कण की जाँच करेंगे।
  • मेडिकल हिस्ट्री: आपका डॉक्टर आपसे आपकी पिछली एलर्जी दवाइयों के इस्तेमाल और लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतों के बारे में पूछेंगे।
  • स्लिट-लैंप जाँच: इस प्रक्रिया में डॉक्टर एक विशेष माइक्रोस्कोप (स्लिट-लैंप) का उपयोग करके आपकी आँखों के अंदरूनी हिस्से जैसे कॉर्निया और पलकों की जाँच करते हैं।
  • आँसू की जाँच: आँखों के सूखेपन का पता लगाने के लिए आँसू की गुणवत्ता और मात्रा की जाँच की जा सकती है।
  • दृष्टि की जाँच: आपका डॉक्टर आपकी नज़र की जाँच करंगे जिसमे दूर की नज़र और नजदीक की नज़र शामिल होती है।
  • एलर्जी टेस्ट: अगर डॉक्टर को एलर्जी का संदेह होता है तो वे एक एलर्जी टेस्ट का सुझाव दे सकते हैं इससे यह पता चलता है कि आपको किस चीज़ से एलर्जी है।

आँखों में खुजली का मेडिकल इलाज

  • एंटी-हिस्टामाइन आई ड्रॉप्स: : ये सबसे आम दवाइयाँ हैं जो एलर्जी के कारण होने वाली खुजली को तुरंत रोकती हैं आपका डॉक्टर एलर्जी होने पर ये दे सकता है।
  • मास्ट सेल स्टेबिलाइज़र आई ड्रॉप्स: ये दवाइयाँ एलर्जी पैदा करने वाले रसायनों को आँखों में बनने से रोकती हैं जिससे खुजली लंबे समय तक नहीं होती।
  • ​एंटीबायोटिक आई ड्रॉप्स: अगर खुजली किसी बैक्टीरियल संक्रमण (जैसे कंजंक्टिवाइटिस) के कारण है तो डॉक्टर एंटीबायोटिक आई ड्रॉप्स या ऑइंटमेंट लिख सकते हैं।
  • स्टेरॉइड आई ड्रॉप्स: ज़्यादा सूजन और गंभीर एलर्जी के मामलों में और आँखों के लाल होने पर कुछ नॉन-स्टेरॉइड आई ड्रॉप्स आपका डॉक्टर आपको लिख सकता है।
  • ओरल मेडिसिन: कुछ गंभीर मामलों में आपका डॉक्टर ओरल एंटी-हिस्टामाइन या एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएँ आपको दे सकते हैं।

ध्यान दे

किसी भी दवा का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के बिना न करें।