आँखों में जलन:10 सामान्य कारण,लक्षण और उपचार

आँखों में जलन चुभन या खुजली होना एक आम समस्या है जिससे हर कोई कभी-न-कभी परेशान होता है​ और आँखों में अक्सर जलन चुभन या रेत जैसा महसूस होता है कभी यह धूल-मिट्टी या थकान के कारण होता है तो कभी किसी गंभीर नेत्र रोग का संकेत भी हो सकता है, और ये असहज लक्षण न केवल आपके दैनिक जीवन को प्रभावित करते हैं बल्कि अंतर्निहित नेत्र समस्या का संकेत भी हो सकते हैं और इसे नज़र अंदाज़ नहीं करना चाहिए​, इस विस्तृत लेख में हम आँखों में जलन क्यों होती है? आँखों में जलन होने के कारण, इससे जुड़े लक्षण, और रोकथाम उपचार और डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए इसका निदान और मेडिकल उपचार के बारे मे विस्तृत से जानेंगे।

आँखों में जलन क्यूं होती है?

आँखों में जलन होना कई कारणों से हो सकती है और किसी को भी हो सकती है और ज्यादातर लोगों में प्रदूषण धूल-मिट्टी या धुंए की की वजह से आँखों मे जलन होने लगती है लेकिन मौसम में बदलाव एलर्जी और ड्राई आई सिंड्रोम की वजह से भी आंख में जलन हो सकती है और लंबे समय तक मोबाइल कंप्यूटर या लैपटॉप देखने से आँखों पर ज़्यादा ज़ोर पड़ता है जिससे जलन और थकान महसूस होने लगती और नींद की कमी और शरीर में पानी की कमी से भी यह समस्या हो सकती है अगर आपको आँखों में जलन होने के साथ-साथ आंख से पानी आना या कीचड़ आना और दर्द होने की समस्या होती है और लंबे समय तक आंख में जलन बनी रहेती है तो इसकी वजह से आपको धुंधला दिखना शुरू हो सकता है अगर यह समस्या लंबे समय से है या अक्सर आपको इस समस्या का सामना करना पड़ता है तो इसे बिलकुल भी नजर अंदाज न करें क्यों की समय पर आँखों की जाँच और सही इलाज से इस समस्या से राहत पाई जा सकती है।

आँखों में जलन होने के कारण

आँखों में जलन होने के कई कारण हो सकते हैं और इन्हें समझना सही इलाज के लिए बहुत ज़रूरी है अगर आपकी आँखों में जलन के पीछे इनमे से कोई एक या एक से अधिक कारण दीखते है तो आपको अपने नज़दीकी डॉक्टरस से संपर्क करना चाहिए :

  • डिजिटल आई स्ट्रेन (Digital Eye Strain) लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप या टीवी स्क्रीन देखने से आँखें सूख जाती हैं और तनावग्रस्त हो जाती हैं और आँखों मे जलन होने का कारण बनती है और यही समस्या ज़्यादातर गलत स्क्रीन दूरी, कम ब्लिंक करना और ज़्यादा स्क्रीन टाइम के कारण होती है।
  • सूखी आँखें (Dry Eye Syndrome) यह सबसे आम कारण है जब आँखें पर्याप्त आँसू नहीं बना पातीं तो सूखापन जलन और आँखों मे किसी कण का होने जैसा महसूस होता है और इसका कारण प्रदूषण और धुआँ धूल धुआँ स्मॉग क्लोरीन या तेज़ रसायनों के संपर्क में आने से होती है।
  • एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस(Allergic Conjunctivitis) किसी भी चीज से हो सकती है जैसे पराग कण पालतू जानवरों की रूसी धूल के कण कॉस्मेटिक चीज़ों से खराब स्वच्छता की वजह से और पराबैंगनी किरणों के संपर्क में रहेने से भी हो सकती है जिस्से आँखों में तेज जलन खुजली पानी आना और लाली हो सकती है यह अक्सर मौसम बदलने के साथ बढ़ जाता है।
  • कंजंक्टिवाइटिस (Conjunctivitis) जिसे पिंक आई भी कहा जाता है और यह संक्रमण या एलर्जी के कारण आँखों के कंजंक्टिवा जो सफेद भाग के ऊपर वाली परत मे सूजन आने के कारण होती है और यह अक्सर लालिमा और पानी आने का कारण भी बनता है जिस्से आँखों मे जलन के साथ आँख से पानी आना और चिपचिपा कीचड़ लाली और सूजन भी होती है।
  • ब्लेफेराइटिस (Blepharitis) इसमें पलकों के किनारे पर स्थित तेल ग्रंथियों में सूजन आ जाती है जो अक्सर डैंड्रफ या बैक्टीरिया के कारण होती है और इसकी वजह से पलकों पर पपड़ी जमना आँखों मे खुजली होना और जलन चिपचिपापन और आँख में कुछ गड़ने का एहसास होता है और कुछ मामलों मे पलकों के बार भी कम होने लगते है।
  • कॉन्टैक्ट लेंस (Contact Lenses) लंबे समय तक पहनना या खराब स्वच्छता बनाए रखना और कॉन्टैक्ट लेंस से जुड़ी समस्या भी आँखों मे जलन का कारण बनती है जैसे लंबे समय तक बिना साफ किये झट से लेंस पहन लेना और उसी लेंस का उपयोग करते रहेना या लेंस के लिए उपयुक्त न होने वाले सॉल्यूशन का इस्तेमाल करने से आँखों में जलन और लाली हो सकती है।
  • पर्यावरणीय कारक आज के समय बढ़ते प्रदूषण धूल धुंआ आँखों मे जलन होने के सबसे मुख्य कारण बन चुके है और यही कारण जैसे धुआं धूल तेज रसायन  क्लोरीन स्मॉग और तेज हवा या धूप में अधिक समय बिताने से और उनके संपर्क मे आने से आँखों में जलन लाली और खुजली होना सुरु हो जाती है।
  • आँखों में धूल या कण चले जाना बढ़ते प्रदूषण और उड़ते धूल दुआँ की वजह से आपको भी कभी ना कभी आपकी आँखों मे मिट्टी रेत कीड़े या कोई छोटा कण आँख में गया तो ज़रूर होगा और इस इस्थिती मे तुरंत जलन चुभन और आँखों से पानी आने लगता है और जलन का कारण बनता है जबकि खुद की देखभाल से यह ठीक भी हो जाता है।
  • गलत आई ड्रॉप या दवाइयों का असर बिना डॉक्टर की सलाह के बिना आई ड्रॉप हो या खाने वाली दवा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जबकि बहोत से लोग ऐसे भी है जो बिना डॉक्टर की सलाह से दवा इस्तेमाल करते है और लम्बे समय तक करते रहेते है और यही कारण आँखों की सवस्थ और प्राकृतिक नमी खराब करने की वजह बनते है जिससे आँखों मे जलन और जलन के साथ दर्द भी हो सकता है।
  • मेकअप या कॉस्मेटिक प्रोडक्ट आज के समय हर कोई कॉस्मेटिक प्रोडक्ट का इस्तेमाल करता ही है चाहे शहर के लोग हो या गाँव के और यही चीज किसी को बहुत जल्दी रिएक्शन कर जाती है किसी को ना के बराबर और ये सब चीज़ें जैसे आँखों के आसपास लगाए जाने वाले काजल आईलाइनर या क्रीम पाउडर रिएक्शन होकर आँखों मे जलन होने का कारण बनते है।

आँखों मे जलन के साथ दिखने वाले लक्षण

  • आंखों का लाल होना जैसे आँखों के सफेद भाग मे रक्त वाहिकाओं फैली हो या पिंक आई दिख रही हो।
  • आंखों से पानी आना यह आँख के सूखेपन का संकेत हो सकता है और इसे नज़र अंदाज़ ना करें।
  • आँखों में खुजली होना यह मुख्य रूप से एलर्जी का सबसे मजबूत संकेत है।
  • आंखों में दर्द हल्का खिंचाव और थकान या तेज दर्द होना यह संक्रमण या कॉर्नियल अल्सर का संकेत हो सकता है।
  • सूजन या पलकों का भारी होना यह एलर्जी या संक्रमण की स्थिति में होता है।
  • धुंधला दिखाई देना जैसे तेज रोशनी देखने में असहजता या दर्द महसूस होना और यह गंभीर संक्रमण का लक्षण हो सकता है।
  • आंखों से कीचड़ निकलना जैसे हल्का पानी जैसा स्राव हो रहा है तो यह एलर्जी या वायरल संक्रमण का संकेत या गाढ़ा पीला हरा स्राव हो रहा है तो बैक्टीरियल संक्रमण का संकेत हो सकता है।
  • आँख में कुछ चुभने या रेत जैसा महसूस होना और यह लक्षण ड्राई आई सिंड्रोम और ब्लेफेराइटिस में बहुत आम है।

आँखों में जलन हो तो क्या करें? और उसका घरेलू उपचार

अगर आपकी आँख मे हल्की फूलकी जलन हो रही है तो अपनी खुदकी देखभाल और घरेलू उपचार से यह ठीक हो सकती है जैसे:

  • साफ़ और नार्मल पानी से आँखें धोएं यह धूल प्रदूषकों और एलर्जी कणों को आँखों की सतह से हटाने का सबसे आसान तरीका है जिस्से आँखों मे जलन और खुजली से छुटकारा मिल सकता है।
  • अगर स्क्रीन देखने से जलन हो रही है तो हर 20 मिनट पर 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें इस्से तनाव कम होगा और आँखों मे जलन पानी आने की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।
  • अगर कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं तो तुरंत उनका इस्तेमाल रोक दें और चश्मा पहनें क्यों की कॉन्टैक्ट लेंस आँखों मे जलन होने पानी आने चुभन होने के खतरे को बढ़ा सकती है।
  • पर्याप्त पानी पिएं और शरीर में पानी की कमी न होने दें क्योंकि यह सीधे आँसू के उत्पादन को प्रभावित करता है और शरीर मे पानी की कमी होने से अन्य रोग भी जन्म लें सकते है।
  • बिना डॉक्टर के मिलने वली लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का उपयोग करें जो आँखों को नमी प्रदान करती हैं जिस्से आँखों मे तनाव दर्द खुजली गड़न चुभन जलन से राहत मिलती है।​
  • अपनी आँखें कुछ देर बंद करके आराम दें इस्से आँसू फिर से पुनर्जीवित होने और आँख को नमी मिलने का मौका मिलता है जिस्से आँखों को बहुत आराम मिलता है।​
  • आँखों को मलें नहीं आँखों को मलने या रगड़ने से बचें इससे जलन बढ़ सकती है और कॉर्निया को नुकसान पहुँच सकता है।

डॉक्टर के पास कब जाएँ

आँखों में हल्की-फुल्की जलन कभी-कभी धूल, धूप या थकान के कारण हो सकती है, जो आराम करने और अपनी खुद की देखभाल और घरेलू उपचार से ठीक हो जाती है,लेकिन कभी-कभी यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है, और ऐसे समय पर तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से मिलना चाहिए जैसे:

  • घरेलू उपचार और खुद की देखभाल से आराम ना मिल रहा हो
  • आँखों में जलन कुछ दिनों से अधिक समय तक बनी रहेती है
  • आँख से कीचड़ आना और सुबह के समय पलकें आपस मे चिपक जाती हो
  • अचानक धुंधला दिखाई देने लगे
  • आँख में तेज दर्द होना या चक्कर आने लगे
  • आँखों में खुजली होना और इसके साथ नाक और आँख से पानी आता हो
  • रोशनी या उजाले की तरफ देखने में बहुत तकलीफ हो

आँखों की जलन का निदान और मेडिकल उपचार

आँखों में जलन एक लक्षण है कोई बीमारी नहीं और इसका सही इलाज तभी संभव है जब जलन के असली कारण का पता हो और सही निदान किया जाए​आपका डॉक्टर आपकी आँखों में जलन के सटीक कारण का पता लगाने के लिए विभिन्न जाँच और उपचार विधियों का उपयोग कर सकते हैं जैसे:​

  • नेत्र परीक्षण: आपका डॉक्टर निदान की शुरुआत सबसे पहेले नज़र की जाँच से शुरू कर सकता है जैसे दूर और पास के नज़र की जाँच करेंगे इस्से पता चलता है की दोनों आँखों की नज़र में कोई अंतर तो नहीं है अगर आप चस्मा पहनते है तोपुराने चश्मे का नंबर सही है या नहीं ये भी जाँच करेंगे
  • स्लिट लैम्प से जांच: आपका डॉक्टर आपकी आँखों की सबसे महत्वपूर्ण जाँच स्लिट लैम्प से ही करता है आपकी आँखों और कंजंक्टिवा कॉर्निया आँसू की परत और पलकों और पलकों की जड़ों की स्थिति बहुत गहन जाँच करेंगे इस्से ड्राई आईएलर्जी कंजंक्टिवाइटिस और केमिकल या धूप से हुई क्षति जलन के कारण की पहचान करते हैं
  • टियर फिल्म टेस्ट: आँखों मे ड्राई आई जलन का सबसे आम कारण है आपका डॉक्टर Schirmer Test कर सकते हैऔर आँसू की मोटाई और स्थिरता की पैहचान करेंगे और आँसू पर्याप्त मात्रा में बन रहे हैं या नहीं और आँसू जल्दी सूख तो नहीं रहे ये सब जाँच कर सकते है
  • पलकों की जांच: आपका डॉक्टर पलकों की जड़ों में गंदगी या रूसी को देखेगा और Meibomian Glands बंद है या खुली देखेगा और Blepharitis की मौजूदगी का पता लगाये गा और पलकों की ग्रंथियाँ तेल बनाती हैं या नहीं क्यों कीतेल की कमी से आँसू जल्दी सूखते हैं और इससे लगातार जलन बनी रहती है
  • एलर्जी की पहचान: आप का डॉक्टर अगर आपकी आँखों मे जलन के साथ खुजली, पानी और लालिमा हो रही है तो कुछ मामलों मे एलर्जी की जाँच और Fluorescein टेस्ट डायबिटीज, थाइरोइड की जरुरत पड़ने पर कर सकता है

मिडिकल उपचार

  • आपका डॉक्टर आपकी आँखों मे जलन एलर्जी की वजह से देखता है अगर हो रही है तो आपको एंटीहिस्टामाइन आई ड्रॉप्स, मास्ट सेल स्टेबलाइजर्स, या कुछ मामलों में स्टेरॉयड आई ड्रॉप्स दे सकता है।
  • आपका डॉक्टर निदान करने के बाद संक्रमण की वजह से आँखों मे जलन बन रही है तो उस कंडीशन मे एंटीबायोटिक आई ड्रॉप्स या ऑइंटमेंट, और वायरल इन्फेक्शन के लिए एंटी-वायरल दवाएँ दे सकता है।
  • अगर आपकी आँखों मे जलन ड्राई आई सिंड्रोम की वजह से हो रही है तो निदान करने के बाद आपका डॉक्टर आपको आर्टिफिशियल टियर्स, साइक्लोस्पोरिन या लाइफिटेग्रास्ट जैसी इम्यूनोमॉड्यूलेटरी आई ड्रॉप्स दे सकता है।
  • आपका डॉक्टर निदान करने पर ब्लेफेराइटिस देखता है तो इस कंडीशन मे आपको पलकों की सफाई कैसे करना है सुझा सकता है और वार्म कंप्रेस और कभी-कभी एंटीबायोटिक ऑइंटमेंट और खाने की दवा भी दे सकता है।
  • आपकी आँखों का निदान करने पर अगर सूजन संबंधी समस्या पाता है तो उसके लिए स्टेरॉयड या नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी आई ड्रॉप्स दे सकता है अगर डायबिटीज, थायरॉयड जैसी समस्या पाता है तो उसके लिए उचित प्रबंधन सुझा सकता है।

बचाव के उपाय

  • स्क्रीन सेफ्टी: मोबाईल कंप्यूटर लैपटॉप का ब्राइटनेस सही रखें और 20-20-20 रूल अपनाएँ।
  • धूम्रपान और शराब से दूरी: स्मोकिंग आँखों की नमी कम करती है, जिससे जलन बढ़ती है।
  • हेल्दी डाइट: अपने आहार में गाजर, पालक, टमाटर, मछली, बादाम, अखरोट आदि शामिल करें।
  • पर्याप्त नींद: आप अपनी रोज आना कम से कम 7-8 घंटे की पर्याप्त नींद लें।
  • कॉन्टैक्ट लेंस का सही इस्तेमाल: लेंस पहनने से पहले हाथ धोएं, और लेंस को समय पर साफ करें।
  • धूप और धूल से बचाव: बाहर जाते समय और धूल भरी जगह पर मास्क और गॉगल्स का प्रयोग करें।
  • साफ सफाई पे धयान दें: गंदे हाथों से आँख को ना टच करें और आँखों को मलने से बचें।

धयान दें

आज के दौर में बढ़ते पर्दूषण और मोबाईल कंप्यूटर लैपटॉप का अधिक इस्तेमाल करने से आँखों में जलन होना एक सामान्य समस्या बन चुकी है, लेकिन इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।अगर समस्या साधारण है तो घरेलू नुस्खे और आई ड्रॉप्स मदद कर सकते हैं।लेकिन अगर लगातार जलन, दर्द या धुंधलापन हो तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ (Eye Doctor) से संपर्क करें।