मोबाइल देखने से आँखों में दर्द और जलन होना ? इसका प्रमुख कारण, बचाव और रोकथाम

मोबाइल देखने से आंखो मे दर्द और जलन होना

आज के डिजिटल युग में हमारा ज्यादातर समय स्मार्टफोन या लैपटॉप की स्क्रीन पर बीतता है। लेकिन क्या आपने गौर किया है कि ज्यादा देर तक मोबाइल देखने से आँखों में दर्द या धुंधलापन महसूस होने लगता है. इसका मुख्य कारण क्या है और मोबाइल हमारी आँखों को कैसे प्रभावित करता है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे मोबाइल आंखो के लिए कितना नोकसान दे है.

मोबाइल देखने से आँखों में कौन सी बीमारी होती है?

आज के समय मोबाइल हो या लैपटॉप, इन सब डिजिटल चीजों का इस्तेमाल करना एक आम बात है, लेकिन लगातार स्क्रीन देखने से आंखो पर बहुत बुरा असर पड़ता है, खासकर उनको जो बिना UV प्रोटेक्शन के इस्तेमाल करते हैं. इसलिए स्क्रीन देखने से होने वाली आंखों की समस्याओं को मेडिकल भाषा में डिजिटल विज़न सिंड्रोम या कंप्यूटर विज़न सिंड्रोम कहा जाता है।क्यों कीयह कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि आंखों से जुड़ी कई समस्याओं का समूह होता है, जिसके अपने मुख्य लक्षण होते हैं और यह समस्या बच्चों, युवाओं और बुज़ुर्गों में तेजी से बढ़ रही है जैसे:

  • आँखों में भारीपन और थकान महसूस होना
  • आँखों से पानी आना या सूखापन
  • धुंधला दिखाई देना
  • सिर मे या गर्दन और कंधों में दर्द होना
  • आँखों में जलन होना या चुभन होना

मोबाइल देखने से आँखों में दर्द और जलन होने का कारण

मोबाइल हो या कोई भी डिजिटल स्क्रीन उसपे लंबे समय तक देखने से आँखों में दर्द, जलन, थकान या सूखेपन का अनुभव होना आम है। लेकिन इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण हैं जिन्हें समझना ज़रूरी है जैसे:

  • कम पलक झपकाना: हर व्यकित सामान्य स्थिति में एक मिनट में लगभग 15–20 बार पलकें झपकाता हैं, लेकिन मोबाइल या लैपटॉप देखते समय यह संख्या घटकर 5–7 बार रह जाती है, इसके कारण आंखों की नमी जल्दी सूख जाती है, जिससे ड्राई आई की समस्या होने लगती है, जिसके कारण जलन और दर्द महसूस होता है
  • ड्राई आई सिंड्रोम: लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में बनने वाली आंसुओं की परत जल्दी सूख जाती है, जो सुखी आंख का कारण बनती है, जिससे आंखों में जलन होना, लालिमा और किरकिरापन महसूस होना या कभी-कभी ज्यादा पानी आना हो सकता है।
  • मोबाइल की ब्लू लाइट: यह सबसे प्रमुख कारण है, क्यूंकि लंबे समय तक ब्लू लाइट के संपर्क में रहने से डिजिटल आई स्ट्रेन बढ़ता है और मोबाइल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट आंखों पर ज्यादा दबाव डालती है, जो आंखों की सतह को नोकसान पहुँचती है और आंखों को जल्दी थका देती है।
  • बिना रुके मोबाइल देखना: बिना रुके लंबे समय तक मोबाइल देखने या लगातार कई घंटों तक मोबाइल देखने से आंखों की मांसपेशियां थक जाती हैं, जिससे के कारण फोकस करने की क्षमता कम हो जाती है, जबकि इसी कारण आंखों में दर्द और जलन बढ़ती है
  • अंधेरे में मोबाइल चलाना: रात में लाइट बंद करके मोबाइल देखने से आंखों को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, क्यूंकि स्क्रीन की तेज रोशनी सीधे आंखों पर पड़ती है जिसके कारण आंखों में दर्द, जलन और सिरदर्द हो सकता है।
  • गलत दूरी और गलत पोज़िशन: अगर आप मोबाइल आंखों के बहुत पास रख कर इस्तेमाल करते हैं या लेटकर इस्तेमाल करते हैं तो ये आपकी आंखों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती जिससे आंखों की मांसपेशियां जल्दी थकती हैं जबकि आंखो की अन्य समस्याओं का कारण भी बनती हैं

एक दिन में मोबाइल कितना चलाना चाहिए?

एक दिन में मोबाइल कितना इस्तेमाल करना चाहिए यह उपयोग के उद्देश्य, व्यक्ति की उम्र और जीवनशैली पर निर्भर करता है। इसलिए सबसे पहली चीज यह है की मोबाइल आपको नियंत्रित न करे आप मोबाइल को नियंत्रित करें.अगर मोबाइल का उपयोग काम, शिक्षा या उत्पादक कार्यों के लिए है, तो इस्तेमाल करें लेकिन ब्रेक जरूरी हैं। क्यूंकि बच्चों और किशोरों के लिए (अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के दिशा-निर्देश) के अनुसार 1-2 घंटे बहुत हैं.

बच्चों को मोबाइल देखने से क्या नुकसान होता है?

आज के समय हर घर की यह एक सामान्य बात हो चुकी है की बच्चों को मोबाइल दे दो बच्चों से कुछ देर के लिए फुर्सत मिल जाती है. जबकि माता पिता को यह बात पता होती है की बच्चों की आंखें बड़ों की तुलना में ज्यादा नाज़ुक होती हैं। लेकिन सायद ये बात ना पता हो की ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल से बच्चों की आंखो मे क्या समस्याएं हो सकती हैं जैसे:

  • कम पलक झपकाने से आंखों की नमी खत्म हो जाती है जिसके कारण बच्चे की आंखों में जलन और लालिमा होने का खतरा बना रहेता है
  • सबसे प्रमुख कारण यही है की बच्चों मे मायोपिया विकसित होने लगता है जिसके कारण कम उम्र में ही दूर की चीजें अस्पस्ट नही दिखती है
  • बच्चों का पढ़ाई से मन भटकने लगता है जबकि ध्यान और याददाश्त पर असर पड़ता है जिसके कारण बच्चे की फोकस छमता कम हो जाती है
  • रात में मोबाइल देखने से नींद प्रभावित होती है जो अन्य समस्या का कारण बनती है
मोबाइल देखने से बच्चों की आंखो मे क्या होता है

आँखों को सुरक्षित रखने का 20-20-20 नियम

​यदि आप स्क्रीन पर काम करते हैं या ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल करते है तो आंखों की देखभाल के लिए यह नियम बहुत प्रभावी है बस ये तीन स्टेप्स याद रखें जैसे:

  • लगातार मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन न देखें हर 20 मिनट के बाद एक छोटा सा ब्रेक लें।
  • ब्रेक के दौरान अपनी आँखों को स्क्रीन से हटाकर कम से कम 20 सेकंड का आराम दें
  • इस समय के दौरान अपनी आँखों से कम से कम 20 फीट दूर रखी कोई भी चीज जैसे खिड़की के बाहर कोई पेड़ या दीवार पर लगी घड़ी को देखें।

यह नियम आँखों की उन मांसपेशियों को रिलैक्स करता है जो स्क्रीन पर फोकस करते-करते थक जाती है,​जबकि बार-बार ब्रेक लेने से आँखों में सूखापन नहीं होता, जिससे आँखों में जलन की समस्या कम हो जाती है और इसकी वजह से​ आँखों पर कम दबाव पड़ने लगता है जो डिजिटल स्क्रीन के कारण होने वाले सिरदर्द में भी कमी आती है

मोबाइल चलाते समय इन बातों का खास ध्यान रखें

आज के समय मोबाइल का इस्तेमाल हर उम्र के लोग करते हैं, खासकर बड़ों से ज्यादा बच्चे और यही स्क्रीन पर अधिक समय बिताना आँखों में दर्द, जलन, सूखापन और धुंधलापन जैसी समस्याएँ पैदा करता हैं।लेकिन अगर आप मोबाइल का सही तरीके से उपयोग करते हैं, तो इन आँखों की समस्याओं से काफी हद तक बच सकते हैं:

  • स्क्रीन की ब्राइटनेस सही रखें या फिर ऑटो-ब्राइटनेस फीचर का इस्तेमाल करें क्यूंकि बहुत तेज ब्राइटनेस आँखों पर दबाव डालती है
  • मोबाइल और आँखों के बीच 15–20 इंच की दूरी पर रख कर इस्तेमाल करें जो आँखों की सीध में हो लेकिन बहुत नीचे या ऊपर न हो
  • स्क्रीन देखते समय हर एक मिनट मे 10- 12 बार-बार पलकें झपकाएं या आदत बना लें इससे आँखों की नमी बनी रहती है और जलन कम होती है
  • लगातार मोबाइल देखने से बचें इससे आँखों की फोकस क्षमता कम हो जाती है इसलिए लंबे समय तक लगातार स्क्रीन पर काम करने के बाद ब्रेक लें
  • रात में हल्की रोशनी में मोबाइल का उपयोग करें औरनाइट मोड या डार्क मोड ऑन रखें
  • हाथ पैर धोते समय पानी से आँखों पर छींटे मारें इससे आँखों की थकान और जलन कम होती है

डिजिटल स्क्रीन से आँखों को होने वाले नोकसान से बचाव और रोकथाम का तरीका

मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर देखने से होने वाली आँखों की समस्या अगर शुरुआती स्तर पर हो, तो यह खुदकी देखभाल और आदतों से इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है जो इसकी रोकथाम और बचाव के लिए बहुत अच्छा तरीका है जैसे:

  • पानी ज्यादा पिएं: शरीर में पानी की कमी न होने दें और दिन भर पर्याप्त पानी पिएं क्यूंकि इससे आँखों में सूखापन बढ़ता है।
  • पर्याप्त नींद लें: रोज़ आना 7–8 घंटे की पर्याप्त नींद जरूरी है क्यूंकि कम नींद लेने से आँखों की समस्या और बढ़ जाती है।
  • आँखों को आराम दें: लगातार स्क्रीन देखने के बाद 2–4 मिनट के लिए आँखें बंद करें इससे आँखों की थकान कम होती है और फोकस बना रहेता है।
  • संतुलित आहार लें: जैसे शरीर के लिए खान पान का होना जरुरी है वैसे ही आँखों की सेहत के लिए पोषण बहुत ज़रूरी है, इसलिए आपको अपने रोजाना के भोजन में हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, आँवला और खट्टे फल, बादाम, अखरोट, गाजर, शकरकंद इन सब चीजों को अपने आहार मे शामिल करना चाहिए।

अगर मोबाइल या लैपटॉप देखने से आँखों में दर्द, जलन या धुंधलापन लगातार बना रहता है, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें और आँखों की जाँच ज़रूर कराएं.यदि आप या का बच्चा अगर नंबर का चश्मा लगाता है तो सही पावर का ही इस्तेमाल करें और कम से कम एक साल के अंदर आंखो की जाँच करवा लें यह बहुत ज़रूरी है।

कब डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है?

याद रखें मोबाइल ज़रूरी है, लेकिन आपकी आँखें उससे भी ज़्यादा ज़रूरी हैं, खासकर नीचे दिए गए लक्षण यदि आपको लंबे समय से है, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें ऐसे मे अपने नजदीकी आँखों के डॉक्टर से परामर्श लें:

  • लगातार आँखों में दर्द या जलन होना
  • धुंधला दिखाई देना
  • आँखों में लालिमा या सूजन होना
  • सिरदर्द के साथ आँखों में परेशानी
  • बच्चों में आँखों से सम्बंधित कोई लक्षण दिखना

निष्कर्ष

मोबाइल देखने से आँखों में दर्द और जलन आज एक आम लेकिन गंभीर समस्या बनती जा रही है। क्यूंकि लगातार स्क्रीन देखने से डिजिटल विज़न सिंड्रोम, ड्राई आई और आँखों की थकान जैसी समस्याएँ बढ़ती जा रही हैं। हालाँकि, इन्हें सही आदतें अपनाकर और संतुलित आहार, पर्याप्त नींद इन समस्याओं से काफी हद तक बचा सकती है, क्यूंकि स्मार्टफोन के इस दौर में इनकी सुरक्षा पूरी तरह आपके हाथ में है इसलिए आपको अपनी और अपने बच्चों के स्क्रीन टाइम से जितना हो सके बचना चाहिए।

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आँखों में खुजली होना (Eye itching) आज के समय एक आम समस्या बन चुकी है, जो आपकी अपनी आदत की वजह से आँखों मे जलन, आँखों से पानी आना या खुजली होने जैसी समस्या कभी कभार होने लगती है जो किसी भी उम्र में किसी को हो सकती है, जबकि अधिकतर मामलों मे खुद की देखभाल से ठीक भी हो जाती है, लेकिन बार-बार या लंबे समय तक खुजली बने रहना किसी और समस्या का कारण हो सकता है और इसके अन्य लक्षण दिख सकते है, जो आपके रोज़ाना के काम पर भी असर डाल सकता है

इस लेख में हम जानेंगे की आँखों में खुजली क्यों होती है, बार बार खुजली होने का क्या कारण है, इसके लक्षण, उपचार, रोकथाम और इससे बचाव के लिए क्या-क्या सावधानियाँ अपनानी चाहिए, ताकि आप इस समस्या को बेहतर ढंग से समझ सकें और सही कदम उठा सकें।

आँखों मे बार बार खुजली होना

आँखों में बार-बार खुजली होना एक आम लेकिन परेशान करने वाली समस्या है और इसके कई कारण हो सकते हैं, खासकर लंबे समय तक मोबाइल या कंप्यूटर देखने से और नींद का पूरा ना होना इसका सबसे बड़ा कारण बनते है, जबकि खुजली के साथ लालिमा, पानी आना या आँखों मे जलन होने जैसे आम लक्षण दिखने लगते हैं, जिससे आँखों को बार-बार खुजलाने या रगड़ने की इच्छा होने लगती है

जबकि यही बार-बार आँखें रगड़ने या हाथ लगाने से अन्य समस्या पैदा होने लगती है और इंफेक्शन होने का खतरा बना रहेता है, जबकि कई लोग इसे मामूली समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन लंबे समय तक खुजली बने रहना ये आँखों की अन्य समस्या का संकेत होता है, जो आँखों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

आँखों में खुजली होने का कारण

Eye itching हल्की एलर्जी से लेकर किसी गंभीर आँखों की समस्या का कारण हो सकता है, जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है, जबकि बार-बार या लंबे समय तक खुजली होना कुछ मामलों मे सामान्य भी हो सकता हैं और कुछ पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी होता है, लेकिन इसके भी अपने कारण होते हैं जैसे:

आँखों मे एलर्जी होना

Eye itching का सबसे प्रमुख कारण Allergic Conjunctivitis होता है, जब आँखें किसी एलर्जन के संपर्क में आती हैं जैसे धूल मिट्टी धुआँ, प्रदूषण के संपर्क मे आने से या पालतू जानवर के बाल की वजह से और परफ्यूम केमिकल्स यहाँ तक की गंदे हाथ आँखों पर लग जाने से भी एलर्जी हो सकती है, जिससे आँखों मे खुजली होना लालिमा और पानी आना शुरू हो जाता है।

मोबाइल लैपटॉप या कंप्यूटर का अधिक उपयोग

मोबाइल और लैपटॉप का अधिक उपयोग आजकल आँखों में खुजली, जलन और सूखेपन (Dry Eye Syendrome) का एक प्रमुख कारण बन गया है, जिसे अक्सर डिजिटल आई स्ट्रेन या कंप्यूटर विजन सिंड्रोम कहा जाता है, क्यूंकि लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप या टीवी स्क्रीन देखने से आँखों पर दबाव पड़ता है, जिससे आँखें सूखी हो जाती हैं और आँखों में खुजली होना शुरू हो जाता है।

बाहरी तत्वों का प्रवेश और गंदे हाथ

Eye itching का एक प्रमुख कारण यह भी है, जब आँखों में कोई बाहरी कण हवा के साथ या अनजाने में आँखों में चला जाता है, जैसे धूल, रेत या पलक का टूटा हुआ बाल तो आँखों मे खुजली होना और गड़न महेसूस होने लगती है, जबकि अदिखतर लोग ऐसे मे गंदे हाथ से आँखों को बार बार छूने लगते है, जिससे आँखों में तुरंत जलन होना पानी आना और खुजली की समस्या अधिक हो जाती है और असहजता महसूस होने लगती है, फिर आँखों को बार-बार रगड़ने की इच्छा होने लगती है, जो आगे चलकर संक्रमण और अन्य आँखों की समस्याओं का कारण बन जाती है।

Contect Lens और Eye Makeup

Eye itching होना या जलन होने के पीछे अक्सर आपकी अपनी रोज़ाना की आदतें भी इसका कारण बनती है, अगर आप आई मेकअप प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते है, तो यह भी खुजली होने का कारण बन सकता है, अगर कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करते है और लेंस की सही साफ सफ़ाई के बिना इस्तेमाल करते है तो यह आँखों मे खुजली होने का कारण बन जाता है, जिससे Eye itching होने के साथ आँखों से पानी आना और जलन जैसी समस्या बढ़ने लगती है।

आँखों मे संक्रमण (Conjunctivitis)

Conjunctivitis आँखों की एक सामान्य लेकिन संक्रामक समस्या है, जो बैक्टीरिया, वायरस या एलर्जी के कारण हो सकती है, इस स्थिति में आँखों में तेज़ खुजली, लालिमा दर्द और जलन महसूस होती है, इसके साथ ही आँखों से पानी आना, सुबह उठते समय पलकों का चिपक जाना और चिपचिपा स्राव निकलना भी शुरू हो जाता हैं, खासकर बच्चों मे बच्चों की आँख से कीचड़ आना बैक्टीरिया की वजह से ही होता है और समय पर इलाज न किया जाए तो यह समस्या बढ़ सकती है।

आँखों में खुजली के साथ दिखने वाले सामान्य लक्षण

आँखों में खुजली होना अक्सर अकेली समस्या नहीं होती है, बल्कि अन्य समस्याओं के साथ-साथ उभर सकती है और इसके साथ कई अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं, जो Eye itching के कारण और उसकी गंभीरता पर निर्भर करते हैं, जबकि इन लक्षणों पर ध्यान देने से समस्या के कारण को पहचानने में मदद मिल सकती है जैसे:

आँखों में खुजली होने के साथ कुछ और लक्षण भी दिख सकते हैं, जैसे:

  • आँखों में जलन चुभन या रेत जैसा महसूस होना
  • आँखों से अत्यधिक बार-बार पानी आना
  • आँखों का लाल होना या सूजन दिखाई देना
  • तेज़ रोशनी से आँखों में परेशानी या चौंधियाहट होना
  • धुंधला या साफ़ न दिखाई देना
  • पलकों या आँखों के आसपास सूजन आ जाना
  • आँख या सिर में दर्द महसूस होना
  • आँखों से चिपचिपा या पीला कीचड़ निकलना खासकर सुबह के समय

आँखों मे खुजली होने पर क्या करें?

Eye itching होने पर सही देखभाल और कुछ आसान उपाय अपनाकर इसकी रोकथाम और काफी हद तक राहत पाई जा सकती है, खासकर बताये गये उपाय ज़रूर अपनाएँ:

  • Eye itching के समय आँखों पर अपना हाथ लगाने से बचें क्योंकि इससे जलन लालिमा और इंफेक्शन होने का खतरा कम जाता है।
  • अगर Itching कंप्यूटर मोबाइल के अधिक इस्तेमाल करने से हो रही है, तो ऐसे मे मोबाइल लैपटॉप और कंप्यूटर पर समय कम करें और 20-20-20 नियम अपनाएँ, हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें।
  • आँखों मे कुछ चले जाने पर गंदे हाथों से निकालने की कोसिस बिलकुल भी ना करें, सबसे पहले अपने हाथ साबुन से अच्छी तरह साफ कर लें, फिर साफ़ और नार्मल पानी से आँखों को धोएँ, ताकि धूल या एलर्जी पैदा करने वाले कण बाहर निकल जाएँ।
  • घर से बाहर निकलते समय और खासकर आँखों मे खुजली होने या जलन होने पर धूप का चश्मा पहनें, धूल धुआँ और प्रदूषण वाली जगह जाने से बचें।
  • अगर आप कॉन्टैक्ट लेंस इस्तेमाल करते है या मेकअप का इस्तेमाल करते है तो कुछ समय के लिए रोक दें, जब तक खुजली पूरी तरह ठीक न हो जाए।
  • अगर एलर्जी का शक हो तो, एलर्जन या परेशान करने वाले पदार्थों से दूरी बनाएं जैसे धूल, धुआँ, पराग, पालतू जानवरों के बाल या तेज गंध से दूर रहें, बचने के लिए चश्मा पहन लें।

आँखों में खुजली होने पर क्या नही करना चाहिए?

Eye itching के समय आपकी कुछ गलत आदतें इस समस्या को और गंभीर बना सकती हैं, इसलिए खुजली होने पर कुछ खास बातों पर ध्यान दें और बचें:

  • आँखों को बार-बार रगड़ें नहीं, इससे आँखों की सतह को नुकसान और इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • गंदे हाथों से आँखों को न छुएँ, क्योंकि इससे बैक्टीरिया और वायरस आँखों में पैदा हो सकते हैं।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल न करें खासकर स्टेरॉइड ड्रॉप्स।
  • Eye itching होने पर यह फिर मेकअप की वजह से खुजली हो रही है तो उपयोग न करें।
  • कॉन्टैक्ट लेंस खुजली के दौरान न पहनें, इससे जलन और इंफेक्शन बढ़ सकता है।
  • धूल गर्दा और तेज़ हवा के सीधे संपर्क में न रहें, यह खुजली को और बढ़ा सकता है।
  • Eye itching होने पर लंबे समय तक मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन न देखें, बिना ब्रेक लिए काम करने से आँखों पर ज़ोर पड़ता है।

ध्यान दें बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल न करें खासकर स्टेरॉइड ड्रॉप्स, क्यूंकि खुद से दवाइयाँ लेना या सुने सुनाये घरेलू नुस्खे अपनाना आपकी आँखों के लिए हानिकारक और Eye itching की समस्या को बढ़ा सकता है।

आँखों में खुजली का घरेलू इलाज और आसान उपाय

ज़्यादातर मामलों में, आँखों में खुजली का घरेलू इलाज करके ही आराम मिल जाता है।

  • ठंडी सिकाई: एक साफ़ कपड़े को ठंडे पानी में भिगोकर आँखों पर 5-10 मिनट तक रखें इससे तुरंत आराम मिलता है और सूजन कम होती है।
  • 20-20-20 नियम: अगर खुजली मोबाइल कंप्यूटर या स्क्रीन टाइम पर काम करने की वजह से है, तो हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें।
  • आर्टिफिशियल आँसू: अगर आपकी आँखों में सूखापन है तो बिना प्रिस्क्रिप्शन के मिलने वाले आर्टिफिशियल आँसू का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • आँखों को साफ़ पानी से धोएँ: दिन में कई बार अपनी आँखों को साफ़ और ठंडे पानी से धोएं ताकि धूल, पराग या एलर्जी पैदा करने वाले कण निकल जाएं।

आँखों में खुजली से बचाव के सबसे अच्छे तरीक़े

​आँखों में खुजली होना इससे बचाव के लिए आप कुछ आसान उपाय अपना सकते हैं।

  • हाथों की सफाई: गंदे हाथों से अपनी आँखों को न छूएं।
  • धूल और धुएँ से बचें: प्रदूषण या धूल भरे वातावरण में जाएं तो एक अच्छी क्वालिटी का धूप का चश्मा पहनें।
  • सौंदर्य प्रसाधनों का सही चुनाव: आँखों के लिए ऐसे प्रोडक्ट्स चुनें जो हाइपोएलर्जेनिक हों और एक्सपायरी डेट के बाद उनका इस्तेमाल न करें।
  • एलर्जी ट्रिगर्स से बचें: अगर आपको पता है कि आपको किस चीज़ से एलर्जी है तो उस चीज़ से दूर रहने की कोशिश करें।
  • सही कॉन्टैक्ट लेंस का उपयोग: अपने लेंस को साफ़ रखें और उन्हें ज़्यादा समय तक न पहनें।
  • हेल्दी डाइट: विटामिन A, C और E से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे गाजर, पालक और खट्टे फल, आँखों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

अगर आँखों में खुजली होना घरेलु इलाज और खुद की देखभाल से भी आराम ना मिले और आँखों में खुजली अन्य लक्षणों के साथ होती है, तो आप को अपने किसी नजदीकी नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें,ख़ासकर अगर आपको:

  • लगातार और तेज़ खुजली जो घरेलू उपायों से ठीक न हो।
  • आँखों में बहुत ज़्यादा सूजन, दर्द या लालिमा हो।
  • दृष्टि में बदलाव धुंधला दिखाई देने लगे।
  • आँखों से पीला या हरा पस जैसा डिस्चार्ज निकलना।
  • प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता (आँखों का तेज़ रोशनी से असहज महसूस करना)।

आँखों में खुजली का निदान

आँखों में खुजली होना अगर कम नहीं हो रहा है तो आपका डॉक्टर सही निदान के लिए कुछ जांच कर सकते है जिसमे शामिल है:

  • आँखों की सामान्य जाँच: आपका डॉक्टर आपकी आँखों को देखकर लालिमा सूजन या किसी बाहरी कण की जाँच करेंगे।
  • मेडिकल हिस्ट्री: आपका डॉक्टर आपसे आपकी पिछली एलर्जी दवाइयों के इस्तेमाल और लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतों के बारे में पूछेंगे।
  • स्लिट-लैंप जाँच: इस प्रक्रिया में डॉक्टर एक विशेष माइक्रोस्कोप (स्लिट-लैंप) का उपयोग करके आपकी आँखों के अंदरूनी हिस्से जैसे कॉर्निया और पलकों की जाँच करते हैं।
  • आँसू की जाँच: आँखों के सूखेपन का पता लगाने के लिए आँसू की गुणवत्ता और मात्रा की जाँच की जा सकती है।
  • दृष्टि की जाँच: आपका डॉक्टर आपकी नज़र की जाँच करंगे जिसमे दूर की नज़र और नजदीक की नज़र शामिल होती है।
  • एलर्जी टेस्ट: अगर डॉक्टर को एलर्जी का संदेह होता है तो वे एक एलर्जी टेस्ट का सुझाव दे सकते हैं इससे यह पता चलता है कि आपको किस चीज़ से एलर्जी है।

आँखों में खुजली का मेडिकल इलाज

  • एंटी-हिस्टामाइन आई ड्रॉप्स: : ये सबसे आम दवाइयाँ हैं जो एलर्जी के कारण होने वाली खुजली को तुरंत रोकती हैं आपका डॉक्टर एलर्जी होने पर ये दे सकता है।
  • मास्ट सेल स्टेबिलाइज़र आई ड्रॉप्स: ये दवाइयाँ एलर्जी पैदा करने वाले रसायनों को आँखों में बनने से रोकती हैं जिससे खुजली लंबे समय तक नहीं होती।
  • ​एंटीबायोटिक आई ड्रॉप्स: अगर खुजली किसी बैक्टीरियल संक्रमण (जैसे कंजंक्टिवाइटिस) के कारण है तो डॉक्टर एंटीबायोटिक आई ड्रॉप्स या ऑइंटमेंट लिख सकते हैं।
  • स्टेरॉइड आई ड्रॉप्स: ज़्यादा सूजन और गंभीर एलर्जी के मामलों में और आँखों के लाल होने पर कुछ नॉन-स्टेरॉइड आई ड्रॉप्स आपका डॉक्टर आपको लिख सकता है।
  • ओरल मेडिसिन: कुछ गंभीर मामलों में आपका डॉक्टर ओरल एंटी-हिस्टामाइन या एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएँ आपको दे सकते हैं।

ध्यान दे

किसी भी दवा का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के बिना न करें।

आँखों से पानी आना: 9 सामान्य कारण,लक्षण और इसका इलाज

आँखों से पानी आना

आँखों से पानी आना एक आम समस्या है जो बच्चों बड़ों और बुजुर्गों,किसी को भी हो सकती है,जब आँखों से सामान्य से ज़्यादा आँसू आने लगते हैं, तो यह रोज़मर्रा के जीवन में परेशानी का कारण बन सकता है,इस लेख में हम आँखों से पानी आने के कारण,इसके लक्षणों और इसके इलाज के बारे में विस्तार से जानेंगे ताकि आप अपनी आँखों को स्वस्थ रख सकें।

आँखों से पानी क्यों आता है?

आँसू हमारी आँखों को स्वस्थ और साफ रखने के लिए बहुत ज़रूरी होते हैं, और आँसू पानी बलगम और तेल से बने होते हैं, जो आँखों को नमी देते हैं और उन्हें संक्रमण से बचाते हैं आमतौर पर जब सब कुछ सामान्य होता है तो आँखें खुद को नम रखने के लिए लगातार आँसू बनाती रहती हैं।

लेकिन कभी-कभी किसी खास वजह से आँखों से ज़्यादा आँसू आने लगते हैं,जब आँखों में जलन होती है या कोई बाहरी कण चला जाता है, तो आँखें उसे बाहर निकालने के लिए तेज़ी से आँसू बनाना शुरू कर देती हैं। इसके अलावा, अगर आँसू निकलने का रास्ता (टियर डक्ट) ब्लॉक हो जाए, तो भी आँसू बाहर नहीं निकल पाते और आँखों में जमा होकर बाहर बहने लगते हैं।

आँखों से पानी आने का प्रमुख कारण

आँखों से पानी आना ये कई कारण से हो सकते हैं जिनमें से  कुछ सामान्य होते हैं और कुछ को मेडिकल इलाज की जरुरत होती

  • आँखों में कुछ पड़ना: आँखों से पानी आना तब हो सकता है जब धूल रेत छोटा तिनका या कोई बाहरी वस्तू जब कभी आपकी आँख में चला जाता है, तो आँख उसे बाहर निकालने के लिए तुरंत ज़्यादा आँसू बनाने लगती है।
  • आँखों मे एलर्जी: आँखों से पानी आना इसका एक बड़ा कारण आँख की एलर्जी भी है,धूल या पालतू जानवरों के बाल पराग कण,जैसे एलर्जन के संपर्क में आने पर आँखों में जलन और खुजली होने के साथ आँखों से पानी आना शुरू हो जाता है।
  • कंप्यूटर विज़न सिंड्रोम: लंबे समय तक मोबाइल कंप्यूटर  टीवी देखने से आँखें थक जाती हैं और सूखी हो जाती हैं,इससे आँखें पतले और कमज़ोर आँसू बनाती हैं जो आँख को ठीक से नम नहीं कर पाते और बहकर बाहर आ जाते हैं।
  • आँखों का सूखापन: सूखी आँखें वास्तव में आँखों से पानी आने का एक बड़ा कारण है, जब आँखें पर्याप्त नमी नहीं बना पातीं, तो आँखों की ग्रंथि तुरंत ज़्यादा तरल आँसू बनाने लगती है, जो आँख को ठीक से नम नहीं कर पाते और बहकर बाहर आ जाते हैं।
  • मौसम और पर्यावरण: तेज़ हवा या सूरज की रोशनी के संपर्क में ज्यादा देर रहने से आँखें सूखने लगती है और आँखों से पानी आने का कारण बनती हैं।
  • मोतियाबिंद या ग्लूकोमा: कुछ गंभीर आँखों की बीमारियाँ, जैसे मोतियाबिंद या ग्लूकोमा, और इसके साथ नज़र भी कमजोर हो जाती है और साथ ही साथ आँखों से पानी आना दर्द होने का कारण बनती है।
  • आँखों का संक्रमण: कंजंक्टिवाइटिस जिसे आम बोलचाल में आई फ्लू कहते हैं और यह आँखों से पानी आने का एक बहुत बड़ा कारण है, इसमें आँखों में लाली, खुजली और पानी के साथ-साथ चिपचिपा पदार्थ भी निकल सकता है।
  • पलकों की समस्या: अगर आपकी पलकें अंदर की तरफ मुड़ी हैं (एंट्रोपियन) या बाहर की तरफ लटकी हैं (एक्ट्रोपियन), तो आँसू सही से आँख मे फैल नहीं पाते, जिससे लगातार पानी आने की समस्या हो सकती है।
  • टियर डक्ट का बंद होना: आँख और नाक के बीच आँसू जाने वाले रास्ते के बंद हो जाने पर आँसू जमा हो जाते हैं और आँखों से बाहर निकलने लगते हैं, यह छोटे बच्चों और बुजुर्गों में एक आम कारण है।

आँखों से पानी आने के लक्षण

आँखों से पानी आना कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है और पानी आने के साथ-साथ कुछ और लक्षण भी दिख सकते हैं जो कारण को समझने में मदद करते हैं:

  • लगातार आँसू आना बिना किसी भावनात्मक कारण के आँसू बहना।
  • ​आँखों का लाल होना विशेष रूप से एलर्जी या संक्रमण के कारण।
  • सुबह उठने पर पलकें चिपकी हुई महसूस होना, जो संक्रमण का संकेत है।
  • धुंधला दिखाई देना आँखों से ज़्यादा आंसू आने की वजह से।
  • आँखों में कुछ होने का एहसास जैसे कोई कण अंदर चला गया हो।
  • सूजन और दर्द अगर आँखों में कोई गंभीर समस्या या चोट हो।
  • आँखों में जलन और आँखों में खुजली होना यह एलर्जी के कारण होता है।

बच्चों और बुजुर्गों की आँखों से पानी आना

बुजुर्गों में: बढ़ती उम्र के साथ, आँखों की मांसपेशियों और पलकों की बनावट में बदलाव आता है जिससे टियर डक्ट में रुकावट या पलकों का अंदर-बाहर मुड़ना हो सकता है, और यह लगातार पानी आने का कारण बन सकता है।

बच्चों में: नवजात शिशुओं में अक्सर टियर डक्ट (आँसू की नली) बंद हो जाती है, जिससे उनकी आँखों से पानी आता है, इसमें डॉक्टर की सलाह लेना ज़रूरी है।

आँखों से पानी आना और इसकी रोकथाम

धूम्रपान से बचें: धूम्रपान आँखों में जलन और सूखापन बढ़ा सकता है, जिससे पानी आने की समस्या हो सकती है।

स्वास्थ्य और आहार: संतुलित आहार और पर्याप्त पानी पीना आँखों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, और विटामिन से भरपूर खाद्य पदार्थ, जैसे गाजर, पालक, और खट्टे फल, आँखों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

पर्याप्त नींद: आँखों को आराम देने और उन्हें स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त नींद लेना बहुत ज़रूरी है।

कॉन्टैक्ट लेंस की सही देखभाल: अगर आप कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं, तो उन्हें साफ रखने और सही समय पर बदलने की आदत डालें, ताकि संक्रमण से बचा जा सके।

आँखों से पानी आने का इलाज

आँखों से पानी आना इसका इलाज इसके कारण पर निर्भर करता है और कुछ मामलों में यह आपकी अपनी देखभाल से भी ठीक हो जाता है जबकि कुछ स्थितियों में डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी होता है।

स्क्रीन का कम इस्तेमाल अपनी आंखों को नियमित रूप से आराम दें और लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल का उपयोग करने से बचें और हर 20 मिनट के बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखे इससे आँखों को आराम मिलता है।

आँखों को साफ़ रखें अपनी आंखों की देखभाल करें और नियमित रूप से आंखों को साफ करने के लिए नार्मल पानी का इस्तेमाल करें ताकि धूल या एलर्जी पैदा करने वाले कण निकल जाएं और गंदे हाथों से आँखों को छूने से बचें।

आँखों की सुरक्षा तेज धूप हवा या धूल भरे वातावरण में बाहर जाते समय या धूप में काम करते समय एक अच्छी क्वालिटी का UV प्रोटेक्शन या फोटोकरोमिक वाला धूप का चश्मा इस्तेमाल करें।

गर्म पानी की पट्टी आँखों से पानी आना सूजन जलन या संक्रमण होने पर गर्म पानी की पट्टी एक असरदार उपाय है यह न केवल आँखों की मांसपेशियों को आराम देती है बल्कि आंखों को सुखने और संक्रमण को कम करने में मदद करती है।

आँखों को रगड़ने से बचें खुजली या जलन होने पर आँखों को रगड़ने से समस्या और बढ़ सकती है और संक्रमण फैल सकता है, और बहुत से लोग आँखों में खुजली या जलन होने पर आदतन उन्हें रगड़ने लगते हैं।

सही चश्मा पहनें अगर आपको धुंधला दिखाई दे रहा है, तो यह आपकी आँखों के लिए सही चश्मा पहनने का समय हो सकता है।अगर आप पहले से चश्मा पहन रहे है उसका नम्बर कम ज्यादा हो गया है तो सही नंबर का चश्मा पहने सही नम्बर का चश्मा न पहनने से आँखों पर दबाव पड़ता है, जिससे आँखों से पानी आना और जलन की समस्या हो सकती है।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

अगर आँखों से पानी आना लगातार बना रहे या इसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दें, तो यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है जैसे:

  • आँख में चोट, धूल या केमिकल जाने के बाद पानी आना।
  • अचानक धुंधलापन या दृष्टि कम होने लगे।
  • लगातार तेज़ जलन या दर्द महसूस हो।
  • आँखों से पानी के साथ आँख में लालपन या सूजन हो।
  • कॉन्टैक्ट लेंस पहनने पर बार-बार पानी आना और जलन होना।

निष्कर्ष

आँखों से पानी आना एक आम समस्या हो सकती है, लेकिन इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ गंभीर भी हो सकते हैं। अगर आपको ऊपर बताए गए लक्षण महसूस होते हैं और खुद की देखभाल के बाद भी समस्या बनी रहती है, तो जल्द से जल्द किसी डॉक्टर से सलाह लें। अपनी आँखों का ध्यान रखें, क्योंकि स्वस्थ आँखें ही स्वस्थ जीवन की कुंजी हैं।

आँखों में जलन:10 सामान्य कारण,लक्षण और उपचार

आँखों में जलन

आँखों में जलन चुभन या खुजली होना एक आम समस्या है जिससे हर कोई कभी-न-कभी परेशान होता है​ और आँखों में अक्सर जलन चुभन या रेत जैसा महसूस होता है कभी यह धूल-मिट्टी या थकान के कारण होता है तो कभी किसी गंभीर नेत्र रोग का संकेत भी हो सकता है, और ये असहज लक्षण न केवल आपके दैनिक जीवन को प्रभावित करते हैं बल्कि अंतर्निहित नेत्र समस्या का संकेत भी हो सकते हैं और इसे नज़र अंदाज़ नहीं करना चाहिए​, इस विस्तृत लेख में हम आँखों में जलन क्यों होती है? आँखों में जलन होने के कारण, इससे जुड़े लक्षण, और रोकथाम उपचार और डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए इसका निदान और मेडिकल उपचार के बारे मे विस्तृत से जानेंगे।

आँखों में जलन क्यूं होती है?

आँखों में जलन होना कई कारणों से हो सकती है और किसी को भी हो सकती है और ज्यादातर लोगों में प्रदूषण धूल-मिट्टी या धुंए की की वजह से आँखों मे जलन होने लगती है लेकिन मौसम में बदलाव एलर्जी और ड्राई आई सिंड्रोम की वजह से भी आंख में जलन हो सकती है और लंबे समय तक मोबाइल कंप्यूटर या लैपटॉप देखने से आँखों पर ज़्यादा ज़ोर पड़ता है जिससे जलन और थकान महसूस होने लगती और नींद की कमी और शरीर में पानी की कमी से भी यह समस्या हो सकती है अगर आपको आँखों में जलन होने के साथ-साथ आंख से पानी आना या कीचड़ आना और दर्द होने की समस्या होती है और लंबे समय तक आंख में जलन बनी रहेती है तो इसकी वजह से आपको धुंधला दिखना शुरू हो सकता है अगर यह समस्या लंबे समय से है या अक्सर आपको इस समस्या का सामना करना पड़ता है तो इसे बिलकुल भी नजर अंदाज न करें क्यों की समय पर आँखों की जाँच और सही इलाज से इस समस्या से राहत पाई जा सकती है।

आँखों में जलन होने के कारण

आँखों में जलन होने के कई कारण हो सकते हैं और इन्हें समझना सही इलाज के लिए बहुत ज़रूरी है अगर आपकी आँखों में जलन के पीछे इनमे से कोई एक या एक से अधिक कारण दीखते है तो आपको अपने नज़दीकी डॉक्टरस से संपर्क करना चाहिए :

  • डिजिटल आई स्ट्रेन (Digital Eye Strain) लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप या टीवी स्क्रीन देखने से आँखें सूख जाती हैं और तनावग्रस्त हो जाती हैं और आँखों मे जलन होने का कारण बनती है और यही समस्या ज़्यादातर गलत स्क्रीन दूरी, कम ब्लिंक करना और ज़्यादा स्क्रीन टाइम के कारण होती है।
  • सूखी आँखें (Dry Eye Syndrome) यह सबसे आम कारण है जब आँखें पर्याप्त आँसू नहीं बना पातीं तो सूखापन जलन और आँखों मे किसी कण का होने जैसा महसूस होता है और इसका कारण प्रदूषण और धुआँ धूल धुआँ स्मॉग क्लोरीन या तेज़ रसायनों के संपर्क में आने से होती है।
  • एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस(Allergic Conjunctivitis) किसी भी चीज से हो सकती है जैसे पराग कण पालतू जानवरों की रूसी धूल के कण कॉस्मेटिक चीज़ों से खराब स्वच्छता की वजह से और पराबैंगनी किरणों के संपर्क में रहेने से भी हो सकती है जिस्से आँखों में तेज जलन खुजली पानी आना और लाली हो सकती है यह अक्सर मौसम बदलने के साथ बढ़ जाता है।
  • कंजंक्टिवाइटिस (Conjunctivitis) जिसे पिंक आई भी कहा जाता है और यह संक्रमण या एलर्जी के कारण आँखों के कंजंक्टिवा जो सफेद भाग के ऊपर वाली परत मे सूजन आने के कारण होती है और यह अक्सर लालिमा और पानी आने का कारण भी बनता है जिस्से आँखों मे जलन के साथ आँख से पानी आना और चिपचिपा कीचड़ लाली और सूजन भी होती है।
  • ब्लेफेराइटिस (Blepharitis) इसमें पलकों के किनारे पर स्थित तेल ग्रंथियों में सूजन आ जाती है जो अक्सर डैंड्रफ या बैक्टीरिया के कारण होती है और इसकी वजह से पलकों पर पपड़ी जमना आँखों मे खुजली होना और जलन चिपचिपापन और आँख में कुछ गड़ने का एहसास होता है और कुछ मामलों मे पलकों के बार भी कम होने लगते है।
  • कॉन्टैक्ट लेंस (Contact Lenses) लंबे समय तक पहनना या खराब स्वच्छता बनाए रखना और कॉन्टैक्ट लेंस से जुड़ी समस्या भी आँखों मे जलन का कारण बनती है जैसे लंबे समय तक बिना साफ किये झट से लेंस पहन लेना और उसी लेंस का उपयोग करते रहेना या लेंस के लिए उपयुक्त न होने वाले सॉल्यूशन का इस्तेमाल करने से आँखों में जलन और लाली हो सकती है।
  • पर्यावरणीय कारक आज के समय बढ़ते प्रदूषण धूल धुंआ आँखों मे जलन होने के सबसे मुख्य कारण बन चुके है और यही कारण जैसे धुआं धूल तेज रसायन  क्लोरीन स्मॉग और तेज हवा या धूप में अधिक समय बिताने से और उनके संपर्क मे आने से आँखों में जलन लाली और खुजली होना सुरु हो जाती है।
  • आँखों में धूल या कण चले जाना बढ़ते प्रदूषण और उड़ते धूल दुआँ की वजह से आपको भी कभी ना कभी आपकी आँखों मे मिट्टी रेत कीड़े या कोई छोटा कण आँख में गया तो ज़रूर होगा और इस इस्थिती मे तुरंत जलन चुभन और आँखों से पानी आने लगता है और जलन का कारण बनता है जबकि खुद की देखभाल से यह ठीक भी हो जाता है।
  • गलत आई ड्रॉप या दवाइयों का असर बिना डॉक्टर की सलाह के बिना आई ड्रॉप हो या खाने वाली दवा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जबकि बहोत से लोग ऐसे भी है जो बिना डॉक्टर की सलाह से दवा इस्तेमाल करते है और लम्बे समय तक करते रहेते है और यही कारण आँखों की सवस्थ और प्राकृतिक नमी खराब करने की वजह बनते है जिससे आँखों मे जलन और जलन के साथ दर्द भी हो सकता है।
  • मेकअप या कॉस्मेटिक प्रोडक्ट आज के समय हर कोई कॉस्मेटिक प्रोडक्ट का इस्तेमाल करता ही है चाहे शहर के लोग हो या गाँव के और यही चीज किसी को बहुत जल्दी रिएक्शन कर जाती है किसी को ना के बराबर और ये सब चीज़ें जैसे आँखों के आसपास लगाए जाने वाले काजल आईलाइनर या क्रीम पाउडर रिएक्शन होकर आँखों मे जलन होने का कारण बनते है।

आँखों मे जलन के साथ दिखने वाले लक्षण

  • आंखों का लाल होना जैसे आँखों के सफेद भाग मे रक्त वाहिकाओं फैली हो या पिंक आई दिख रही हो।
  • आंखों से पानी आना यह आँख के सूखेपन का संकेत हो सकता है और इसे नज़र अंदाज़ ना करें।
  • आँखों में खुजली होना यह मुख्य रूप से एलर्जी का सबसे मजबूत संकेत है।
  • आंखों में दर्द हल्का खिंचाव और थकान या तेज दर्द होना यह संक्रमण या कॉर्नियल अल्सर का संकेत हो सकता है।
  • सूजन या पलकों का भारी होना यह एलर्जी या संक्रमण की स्थिति में होता है।
  • धुंधला दिखाई देना जैसे तेज रोशनी देखने में असहजता या दर्द महसूस होना और यह गंभीर संक्रमण का लक्षण हो सकता है।
  • आंखों से कीचड़ निकलना जैसे हल्का पानी जैसा स्राव हो रहा है तो यह एलर्जी या वायरल संक्रमण का संकेत या गाढ़ा पीला हरा स्राव हो रहा है तो बैक्टीरियल संक्रमण का संकेत हो सकता है।
  • आँख में कुछ चुभने या रेत जैसा महसूस होना और यह लक्षण ड्राई आई सिंड्रोम और ब्लेफेराइटिस में बहुत आम है।

आँखों में जलन हो तो क्या करें? और उसका घरेलू उपचार

अगर आपकी आँख मे हल्की फूलकी जलन हो रही है तो अपनी खुदकी देखभाल और घरेलू उपचार से यह ठीक हो सकती है जैसे:

  • साफ़ और नार्मल पानी से आँखें धोएं यह धूल प्रदूषकों और एलर्जी कणों को आँखों की सतह से हटाने का सबसे आसान तरीका है जिस्से आँखों मे जलन और खुजली से छुटकारा मिल सकता है।
  • अगर स्क्रीन देखने से जलन हो रही है तो हर 20 मिनट पर 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें इस्से तनाव कम होगा और आँखों मे जलन पानी आने की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।
  • अगर कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं तो तुरंत उनका इस्तेमाल रोक दें और चश्मा पहनें क्यों की कॉन्टैक्ट लेंस आँखों मे जलन होने पानी आने चुभन होने के खतरे को बढ़ा सकती है।
  • पर्याप्त पानी पिएं और शरीर में पानी की कमी न होने दें क्योंकि यह सीधे आँसू के उत्पादन को प्रभावित करता है और शरीर मे पानी की कमी होने से अन्य रोग भी जन्म लें सकते है।
  • बिना डॉक्टर के मिलने वली लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का उपयोग करें जो आँखों को नमी प्रदान करती हैं जिस्से आँखों मे तनाव दर्द खुजली गड़न चुभन जलन से राहत मिलती है।​
  • अपनी आँखें कुछ देर बंद करके आराम दें इस्से आँसू फिर से पुनर्जीवित होने और आँख को नमी मिलने का मौका मिलता है जिस्से आँखों को बहुत आराम मिलता है।​
  • आँखों को मलें नहीं आँखों को मलने या रगड़ने से बचें इससे जलन बढ़ सकती है और कॉर्निया को नुकसान पहुँच सकता है।

डॉक्टर के पास कब जाएँ

आँखों में हल्की-फुल्की जलन कभी-कभी धूल, धूप या थकान के कारण हो सकती है, जो आराम करने और अपनी खुद की देखभाल और घरेलू उपचार से ठीक हो जाती है,लेकिन कभी-कभी यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है, और ऐसे समय पर तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से मिलना चाहिए जैसे:

  • घरेलू उपचार और खुद की देखभाल से आराम ना मिल रहा हो
  • आँखों में जलन कुछ दिनों से अधिक समय तक बनी रहेती है
  • आँख से कीचड़ आना और सुबह के समय पलकें आपस मे चिपक जाती हो
  • अचानक धुंधला दिखाई देने लगे
  • आँख में तेज दर्द होना या चक्कर आने लगे
  • आँखों में खुजली होना और इसके साथ नाक और आँख से पानी आता हो
  • रोशनी या उजाले की तरफ देखने में बहुत तकलीफ हो

आँखों की जलन का निदान और मेडिकल उपचार

आँखों में जलन एक लक्षण है कोई बीमारी नहीं और इसका सही इलाज तभी संभव है जब जलन के असली कारण का पता हो और सही निदान किया जाए​आपका डॉक्टर आपकी आँखों में जलन के सटीक कारण का पता लगाने के लिए विभिन्न जाँच और उपचार विधियों का उपयोग कर सकते हैं जैसे:​

  • नेत्र परीक्षण: आपका डॉक्टर निदान की शुरुआत सबसे पहेले नज़र की जाँच से शुरू कर सकता है जैसे दूर और पास के नज़र की जाँच करेंगे इस्से पता चलता है की दोनों आँखों की नज़र में कोई अंतर तो नहीं है अगर आप चस्मा पहनते है तोपुराने चश्मे का नंबर सही है या नहीं ये भी जाँच करेंगे
  • स्लिट लैम्प से जांच: आपका डॉक्टर आपकी आँखों की सबसे महत्वपूर्ण जाँच स्लिट लैम्प से ही करता है आपकी आँखों और कंजंक्टिवा कॉर्निया आँसू की परत और पलकों और पलकों की जड़ों की स्थिति बहुत गहन जाँच करेंगे इस्से ड्राई आईएलर्जी कंजंक्टिवाइटिस और केमिकल या धूप से हुई क्षति जलन के कारण की पहचान करते हैं
  • टियर फिल्म टेस्ट: आँखों मे ड्राई आई जलन का सबसे आम कारण है आपका डॉक्टर Schirmer Test कर सकते हैऔर आँसू की मोटाई और स्थिरता की पैहचान करेंगे और आँसू पर्याप्त मात्रा में बन रहे हैं या नहीं और आँसू जल्दी सूख तो नहीं रहे ये सब जाँच कर सकते है
  • पलकों की जांच: आपका डॉक्टर पलकों की जड़ों में गंदगी या रूसी को देखेगा और Meibomian Glands बंद है या खुली देखेगा और Blepharitis की मौजूदगी का पता लगाये गा और पलकों की ग्रंथियाँ तेल बनाती हैं या नहीं क्यों कीतेल की कमी से आँसू जल्दी सूखते हैं और इससे लगातार जलन बनी रहती है
  • एलर्जी की पहचान: आप का डॉक्टर अगर आपकी आँखों मे जलन के साथ खुजली, पानी और लालिमा हो रही है तो कुछ मामलों मे एलर्जी की जाँच और Fluorescein टेस्ट डायबिटीज, थाइरोइड की जरुरत पड़ने पर कर सकता है

मिडिकल उपचार

  • आपका डॉक्टर आपकी आँखों मे जलन एलर्जी की वजह से देखता है अगर हो रही है तो आपको एंटीहिस्टामाइन आई ड्रॉप्स, मास्ट सेल स्टेबलाइजर्स, या कुछ मामलों में स्टेरॉयड आई ड्रॉप्स दे सकता है।
  • आपका डॉक्टर निदान करने के बाद संक्रमण की वजह से आँखों मे जलन बन रही है तो उस कंडीशन मे एंटीबायोटिक आई ड्रॉप्स या ऑइंटमेंट, और वायरल इन्फेक्शन के लिए एंटी-वायरल दवाएँ दे सकता है।
  • अगर आपकी आँखों मे जलन ड्राई आई सिंड्रोम की वजह से हो रही है तो निदान करने के बाद आपका डॉक्टर आपको आर्टिफिशियल टियर्स, साइक्लोस्पोरिन या लाइफिटेग्रास्ट जैसी इम्यूनोमॉड्यूलेटरी आई ड्रॉप्स दे सकता है।
  • आपका डॉक्टर निदान करने पर ब्लेफेराइटिस देखता है तो इस कंडीशन मे आपको पलकों की सफाई कैसे करना है सुझा सकता है और वार्म कंप्रेस और कभी-कभी एंटीबायोटिक ऑइंटमेंट और खाने की दवा भी दे सकता है।
  • आपकी आँखों का निदान करने पर अगर सूजन संबंधी समस्या पाता है तो उसके लिए स्टेरॉयड या नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी आई ड्रॉप्स दे सकता है अगर डायबिटीज, थायरॉयड जैसी समस्या पाता है तो उसके लिए उचित प्रबंधन सुझा सकता है।

बचाव के उपाय

  • स्क्रीन सेफ्टी: मोबाईल कंप्यूटर लैपटॉप का ब्राइटनेस सही रखें और 20-20-20 रूल अपनाएँ।
  • धूम्रपान और शराब से दूरी: स्मोकिंग आँखों की नमी कम करती है, जिससे जलन बढ़ती है।
  • हेल्दी डाइट: अपने आहार में गाजर, पालक, टमाटर, मछली, बादाम, अखरोट आदि शामिल करें।
  • पर्याप्त नींद: आप अपनी रोज आना कम से कम 7-8 घंटे की पर्याप्त नींद लें।
  • कॉन्टैक्ट लेंस का सही इस्तेमाल: लेंस पहनने से पहले हाथ धोएं, और लेंस को समय पर साफ करें।
  • धूप और धूल से बचाव: बाहर जाते समय और धूल भरी जगह पर मास्क और गॉगल्स का प्रयोग करें।
  • साफ सफाई पे धयान दें: गंदे हाथों से आँख को ना टच करें और आँखों को मलने से बचें।

धयान दें

आज के दौर में बढ़ते पर्दूषण और मोबाईल कंप्यूटर लैपटॉप का अधिक इस्तेमाल करने से आँखों में जलन होना एक सामान्य समस्या बन चुकी है, लेकिन इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।अगर समस्या साधारण है तो घरेलू नुस्खे और आई ड्रॉप्स मदद कर सकते हैं।लेकिन अगर लगातार जलन, दर्द या धुंधलापन हो तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ (Eye Doctor) से संपर्क करें।