आंखों में फेविक्विक या कोई भी सुपर ग्लू चला जाए, तो ऐसे में तुरंत प्राथमिक उपचार अपनाए और साफ पानी से 10-15 मिनट तक आंख को धोयें और कोई भी घरेलू उपचार न अपनाएं, लेकिन याद रखें खासकर आंखों में फेविक्विक हो या फेविकोल का चला जाना एक इमरजेंसी स्थिति होती है, ऐसे में लापरवाही करना गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। जबकि घबराने के बजाय तुरंत सही कदम उठाये और अपने नजदीकी डॉक्टर से सलाह लें यह बहुत जरूरी है।
फेविक्विक आंख में जाने पर क्या होता है?
फेविक्विक खोलते समय या गलती से अगर आंख में चला जाता है, तो यह आंखों की पलकों को चिपका सकता या आंखों के अंदर कॉर्निया या कांजूनक्टिवा में चिपका हुआ दिख सकता है, दरअसल फेविक्विक एक तेज़ी से चिपकने वाला केमिकल होता है, जो cyanoacrylate से बना होता है और आंख में जाने पर यह गंभीर समस्या पैदा कर देता है जैसे:
- अगर फेविक्विक आंखों की पलकों पर चला जाए तो यह पलकों को आपस में चिपका सकता है
- आंखों के अंदर जाने पर आंख में जलन और दर्द पैदा कर देता है, जिससे आंखों में असहजाता महसूस होने लगती है
- आंख की ऊपरी परत (कॉर्निया) और सफ़ेद वाले हिस्से कांजूनक्टिवा को नुकसान पहुंचा सकता है
- धुंधला दिखना शुरू हो सकता है और आंखों से पानी आना, आंखे लाल हो जाना जैसे लक्षण दिखने लगते है
आंखों में फिविक्विक चला जाए तो क्या करें?
प्राथमिक उपचार
अगर आपकी या आपकी फॅमिली में किसी की आंख में फेविक्विक या फेविकोल चला जाए, तो घबराने के बजाय तुरंत प्राथमिक उपचार अपनये और समय रहते हूए अपने नज़दीकी डॉक्टर से परामर्श लेना न भूले क्यों की आंख है तो सब कुछ है:
आंख को रगड़ें नहीं
आंखों के अंदर या बाहर फेविक्विक या कोई भी ग्लू चला जाए तो रगड़ने की कोसिस बिलकुल भी ना करें, क्यूंकि रगड़ने से आंखों में लालिमा बढ़ सकती है और ऊपरी परत कॉर्निया पर जखम बना सकती है
पलकें जबरदस्ती न खोलें
फेविक्विक जाने पर अगर पलकें चिपक गई हैं तो ऐसे में साफ पानी से धोए और अपने नज़दीकी डॉक्टर से परामर्श लें, याद रखें उन्हें खींचने की कोशिश और न ही जबरदस्ती खोलने की कोसिस करें।
सलाइन का उपयोग करें

अगर आपके पास sterile saline solution उपलब्ध है, तो इससे आंखों को साफ करें यह एक सुरक्षित और प्रभावी माना जाता है, जो आंखों को बिना नुकसान पहुंचाए धूल, केमिकल या गोंद के कणों को धीरे-धीरे बाहर निकालने में मदद करता है।
घरेलू उपचार न अपनाए
आंखों में फेविक्विक या कोई भी ग्लू के चले जाने पर बहुत से लोग सुने सुनाये घरेलु उपचार अपनाने लगते है, लेकिन याद रखें यह एक इमरजेंसी स्तिथि है ऐसे में प्राथमिक उपचार के बाद आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
बच्चों की आंख में फेविक्विक चला जाए तो क्या करें?
बच्चों की आंखों में कुछ भी चला जाए तो वह घबरा जाते हैं और आंख जोर से मलते हैं। ऐसे में आप सबसे पहले बच्चे को शांत करें और उसके हाथ पकड़ लें ताकि वह आंख न रगड़े। उसके बाद बच्चे को लिटाकर पानी से धीरे-धीरे आंख धोएं और किसी भी तरह का घरेलू उपचार न आजमाएं। लेकिन जितनी जल्दी हो सके बच्चे को तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास ले जाएं, क्यूंकि बच्चों की कॉर्निया ज्यादा नाजुक होते हैं।

क्या फेविक्विक से आंख की रोशनी जा सकती है?
आंखों में फेविक्विक या फेविकोल चले जाने से अधिकतर मामलों में स्थायी नुकसान नहीं होता है, लेकिन अगर कॉर्निया पर गहरा असर पड़ जाए और इलाज में देरी हो जाए तो दृष्टि प्रभावित हो सकती है, जो उम्र भर के लिए अंधेपन का कारण भी बन सकती है, इसलिए समय रहते हुए उपचार करवा लेना बहुत जरूरी है।
तुरंत डॉक्टर के पास जाएं?
आंखों में कोई भी केमिकल हो या कोई ग्लू चला जाए तो, आंख ठीक भी हो या नही भी लेकिन एक बार डॉक्टर को देखा लेना ही बहेतर है, ऐसे में अगर आपको निचे दिये गए कोई भी लक्षण दिखे तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से इमरजेंसी में परामर्श लेना चाहिए:
- आंख खुल नहीं रही है
- तेज दर्द या जलन हो रही है
- धुंधला दिखने लगा हो
- पलकें पूरी तरह चिपक गई हो
- किसी छोटे बच्चे की आंख प्रभावित हुई हो
ऐसी स्थिति में जितनी जल्दी हो सके तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।
डॉक्टर कैसे इलाज करते हैं?
आपका नेत्र विशेषज्ञ निचे दिए गए तरीकों से आंखों की जाँच और इलाज कर सकते हैं:

- स्लिट लैंप जांच: आपका डॉक्टर माइक्रोस्कोप से आंख के अंदर और बाहर फेविक्विक की स्थिति और पहचान करेंगे।
- दृष्टि की जाँच: फेविक्विक जाने के बाद आंखों की नजर पर भी असर पड़ता है, ऐसे में आपका डॉक्टर दूर और पास की नजर की जाँच भी करेंगे।
- विशेष घोल से गोंद निकालना: आपका डॉक्टर एक सुन्न करने वाली दवा (एनेस्थेटिक ड्रॉप) आंखों में डालकर, पहचान होने पर विशेष उपकरणों से गोंद को धीरे से हटा सकते हैं।
- एंटीबायोटिक: आपका डॉक्टर एंटीबायोटिक ड्रॉप या आइंटमेंट दे सकते हैं।
- लुब्रिकेटिंग: लुब्रिकेटिंग ड्रॉप या आइंटमेंट भी दे सकते हैं, कॉर्निया को रिलीफ देने के लिए।
अगर ऊपर और नीचे की पलकें आपस में चिपकी हुई है, तो ऐसे में डॉक्टर इसे बिना किसी चीरे या कटिंग के, बेहद सुरक्षित तरीके से अलग कर देते हैं। जैसे कि एंटीबायोटिक या खास तौर पर बना हुआ अल्कोहल-आधारित घोल जो आंखों के लिए सुरक्षित होता है और चिपकी हुई पलकों के किनारों पर लगाने के कुछ मिनट बाद यह घोल साइनोएक्रिलेट गोंद के बॉन्ड को कमज़ोर करना शुरू कर देता है।
उसके बाद डॉक्टर एक स्टेराइल कॉटन टिप या नेत्र उपकरण से इसे हल्के हाथों से साफ कर देते हैं। लेकिन कुछ गंभीर मामलों में जैसे कॉर्निया पर गहरा घाव हो, तो अस्थायी बैंडेज कॉन्टैक्ट लेंस या की ज़रूरत पड़ सकती है।
क्या बिल्कुल न करें?
- आंख को जोर से न रगड़ें
- खुद से ग्लू हटाने की कोशिश न करें
- कोई घरेलू उपाय न अपनाएं
- इलाज में देरी न करें
भविष्य में बचाव कैसे करें?
भविष्य में बचाव के 5 आसान तरीके जिन्हे आपको जानना चाहिए:
- ऐसा कुछ भी काम करने से पहले आपको सुरक्षा चश्मा पहन लेना चाहिए खासकर फेविक्विक इस्तेमाल करते समय बहुत ज़रूरी है
- बच्चों की पहुंच से दूर रखें ऐसा फेविक्विक पर भी लिखा होता इसलिए आपको ग्लू को ऊंची शेल्फ या लॉकर में हमेशा रखना चाहिए
- जल्दबाजी में न खोलें और बोतल खोलते समय अपने चेहरे से दूर रखें
- ट्यूब को आंख के पास न लाएं इस्तेमाल के समय ट्यूब को आंखों के लेवल से नीचे रखें
- लेबल पढ़ें और हर केमिकल की इमरजेंसी प्रोसेस देखें ये आपके लिए बहुत ज़रूरी है
निष्कर्ष
आंख में फेविक्विक जाना एक मेडिकल इमरजेंसी केस होता है, ऐसे में सही समय पर सही कदम उठाने से नुकसान को कम किया जा सकता है।खासकर सबसे जरूरी है, घबराएं नहीं, ऐसे में तुरंत पानी से आंख धोएं और अपने नजदीकी डॉक्टर के पास जाएं। दरअसल ज्यादातर मामलों में समय पर इलाज मिलने पर 90–95% मरीज पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या फेविक्विक से आंख की रोशनी जा सकती है?
हां, अगर इलाज में देरी हो जाए और कॉर्निया को गहरा नुकसान पहुंचे, तो दृष्टि स्थायी रूप से प्रभावित हो सकती है। लेकिन समय पर इलाज मिलने पर 95% मामलों में आंख ठीक हो जाती है।
क्या फेविक्विक अपने आप निकल सकता है?
आंखों में फेविक्विक चले जाने पर आंखों के प्राकृतिक आंसुओं और प्रोटीन के कारण ग्लू का बॉन्ड ढीला हो जाता है, लेकिन आंखों जैसे संवेदनशील अंग के मामले में ‘अपने आप’ निकलने का इंतजार करना खतरनाक हो सकता है। डॉक्टर से जांच कराना ही सुरक्षित है।
क्या गुलाब जल डालने से फेविक्विक निकल सकता है?
नहीं, गुलाब जल या किसी भी तरह के आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के बिना न करें। फेविक्विक एक रासायनिक पदार्थ है, और गुलाब जल उसे निकालने में सक्षम नहीं है। केवल साधारण साफ पानी सबसे सुरक्षित है।
लेखक के बारे में:
मलिक फहद एक प्रशिक्षित ऑप्टोमेट्रिस्ट और स्वास्थ्य ब्लॉगर हैं। आंखों की सुरक्षा और प्राथमिक चिकित्सा विषयों पर उनकी गहरी पकड़ है। वे पिछले कई वर्षों से नेत्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में पाठकों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत अपने नेत्र चिकित्सक से संपर्क करें।