मोबाइल देखने से आँखों में दर्द और जलन होना ? इसका प्रमुख कारण, बचाव और रोकथाम

आज के डिजिटल युग में हमारा ज्यादातर समय स्मार्टफोन या लैपटॉप की स्क्रीन पर बीतता है। लेकिन क्या आपने गौर किया है कि ज्यादा देर तक मोबाइल देखने से आँखों में दर्द या धुंधलापन महसूस होने लगता है. इसका मुख्य कारण क्या है और मोबाइल हमारी आँखों को कैसे प्रभावित करता है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे मोबाइल आंखो के लिए कितना नोकसान दे है.

मोबाइल देखने से आँखों में कौन सी बीमारी होती है?

आज के समय मोबाइल हो या लैपटॉप, इन सब डिजिटल चीजों का इस्तेमाल करना एक आम बात है, लेकिन लगातार स्क्रीन देखने से आंखो पर बहुत बुरा असर पड़ता है, खासकर उनको जो बिना UV प्रोटेक्शन के इस्तेमाल करते हैं. इसलिए स्क्रीन देखने से होने वाली आंखों की समस्याओं को मेडिकल भाषा में डिजिटल विज़न सिंड्रोम या कंप्यूटर विज़न सिंड्रोम कहा जाता है।क्यों कीयह कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि आंखों से जुड़ी कई समस्याओं का समूह होता है, जिसके अपने मुख्य लक्षण होते हैं और यह समस्या बच्चों, युवाओं और बुज़ुर्गों में तेजी से बढ़ रही है जैसे:

  • आँखों में भारीपन और थकान महसूस होना
  • आँखों से पानी आना या सूखापन
  • धुंधला दिखाई देना
  • सिर मे या गर्दन और कंधों में दर्द होना
  • आँखों में जलन होना या चुभन होना

मोबाइल देखने से आँखों में दर्द और जलन होने का कारण

मोबाइल हो या कोई भी डिजिटल स्क्रीन उसपे लंबे समय तक देखने से आँखों में दर्द, जलन, थकान या सूखेपन का अनुभव होना आम है। लेकिन इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण हैं जिन्हें समझना ज़रूरी है जैसे:

  • कम पलक झपकाना: हर व्यकित सामान्य स्थिति में एक मिनट में लगभग 15–20 बार पलकें झपकाता हैं, लेकिन मोबाइल या लैपटॉप देखते समय यह संख्या घटकर 5–7 बार रह जाती है, इसके कारण आंखों की नमी जल्दी सूख जाती है, जिससे ड्राई आई की समस्या होने लगती है, जिसके कारण जलन और दर्द महसूस होता है
  • ड्राई आई सिंड्रोम: लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में बनने वाली आंसुओं की परत जल्दी सूख जाती है, जो सुखी आंख का कारण बनती है, जिससे आंखों में जलन होना, लालिमा और किरकिरापन महसूस होना या कभी-कभी ज्यादा पानी आना हो सकता है।
  • मोबाइल की ब्लू लाइट: यह सबसे प्रमुख कारण है, क्यूंकि लंबे समय तक ब्लू लाइट के संपर्क में रहने से डिजिटल आई स्ट्रेन बढ़ता है और मोबाइल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट आंखों पर ज्यादा दबाव डालती है, जो आंखों की सतह को नोकसान पहुँचती है और आंखों को जल्दी थका देती है।
  • बिना रुके मोबाइल देखना: बिना रुके लंबे समय तक मोबाइल देखने या लगातार कई घंटों तक मोबाइल देखने से आंखों की मांसपेशियां थक जाती हैं, जिससे के कारण फोकस करने की क्षमता कम हो जाती है, जबकि इसी कारण आंखों में दर्द और जलन बढ़ती है
  • अंधेरे में मोबाइल चलाना: रात में लाइट बंद करके मोबाइल देखने से आंखों को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, क्यूंकि स्क्रीन की तेज रोशनी सीधे आंखों पर पड़ती है जिसके कारण आंखों में दर्द, जलन और सिरदर्द हो सकता है।
  • गलत दूरी और गलत पोज़िशन: अगर आप मोबाइल आंखों के बहुत पास रख कर इस्तेमाल करते हैं या लेटकर इस्तेमाल करते हैं तो ये आपकी आंखों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती जिससे आंखों की मांसपेशियां जल्दी थकती हैं जबकि आंखो की अन्य समस्याओं का कारण भी बनती हैं

एक दिन में मोबाइल कितना चलाना चाहिए?

एक दिन में मोबाइल कितना इस्तेमाल करना चाहिए यह उपयोग के उद्देश्य, व्यक्ति की उम्र और जीवनशैली पर निर्भर करता है। इसलिए सबसे पहली चीज यह है की मोबाइल आपको नियंत्रित न करे आप मोबाइल को नियंत्रित करें.अगर मोबाइल का उपयोग काम, शिक्षा या उत्पादक कार्यों के लिए है, तो इस्तेमाल करें लेकिन ब्रेक जरूरी हैं। क्यूंकि बच्चों और किशोरों के लिए (अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के दिशा-निर्देश) के अनुसार 1-2 घंटे बहुत हैं.

बच्चों को मोबाइल देखने से क्या नुकसान होता है?

आज के समय हर घर की यह एक सामान्य बात हो चुकी है की बच्चों को मोबाइल दे दो बच्चों से कुछ देर के लिए फुर्सत मिल जाती है. जबकि माता पिता को यह बात पता होती है की बच्चों की आंखें बड़ों की तुलना में ज्यादा नाज़ुक होती हैं। लेकिन सायद ये बात ना पता हो की ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल से बच्चों की आंखो मे क्या समस्याएं हो सकती हैं जैसे:

  • कम पलक झपकाने से आंखों की नमी खत्म हो जाती है जिसके कारण बच्चे की आंखों में जलन और लालिमा होने का खतरा बना रहेता है
  • सबसे प्रमुख कारण यही है की बच्चों मे मायोपिया विकसित होने लगता है जिसके कारण कम उम्र में ही दूर की चीजें अस्पस्ट नही दिखती है
  • बच्चों का पढ़ाई से मन भटकने लगता है जबकि ध्यान और याददाश्त पर असर पड़ता है जिसके कारण बच्चे की फोकस छमता कम हो जाती है
  • रात में मोबाइल देखने से नींद प्रभावित होती है जो अन्य समस्या का कारण बनती है
मोबाइल देखने से बच्चों की आंखो मे क्या होता है

आँखों को सुरक्षित रखने का 20-20-20 नियम

​यदि आप स्क्रीन पर काम करते हैं या ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल करते है तो आंखों की देखभाल के लिए यह नियम बहुत प्रभावी है बस ये तीन स्टेप्स याद रखें जैसे:

  • लगातार मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन न देखें हर 20 मिनट के बाद एक छोटा सा ब्रेक लें।
  • ब्रेक के दौरान अपनी आँखों को स्क्रीन से हटाकर कम से कम 20 सेकंड का आराम दें
  • इस समय के दौरान अपनी आँखों से कम से कम 20 फीट दूर रखी कोई भी चीज जैसे खिड़की के बाहर कोई पेड़ या दीवार पर लगी घड़ी को देखें।

यह नियम आँखों की उन मांसपेशियों को रिलैक्स करता है जो स्क्रीन पर फोकस करते-करते थक जाती है,​जबकि बार-बार ब्रेक लेने से आँखों में सूखापन नहीं होता, जिससे आँखों में जलन की समस्या कम हो जाती है और इसकी वजह से​ आँखों पर कम दबाव पड़ने लगता है जो डिजिटल स्क्रीन के कारण होने वाले सिरदर्द में भी कमी आती है

मोबाइल चलाते समय इन बातों का खास ध्यान रखें

आज के समय मोबाइल का इस्तेमाल हर उम्र के लोग करते हैं, खासकर बड़ों से ज्यादा बच्चे और यही स्क्रीन पर अधिक समय बिताना आँखों में दर्द, जलन, सूखापन और धुंधलापन जैसी समस्याएँ पैदा करता हैं।लेकिन अगर आप मोबाइल का सही तरीके से उपयोग करते हैं, तो इन आँखों की समस्याओं से काफी हद तक बच सकते हैं:

  • स्क्रीन की ब्राइटनेस सही रखें या फिर ऑटो-ब्राइटनेस फीचर का इस्तेमाल करें क्यूंकि बहुत तेज ब्राइटनेस आँखों पर दबाव डालती है
  • मोबाइल और आँखों के बीच 15–20 इंच की दूरी पर रख कर इस्तेमाल करें जो आँखों की सीध में हो लेकिन बहुत नीचे या ऊपर न हो
  • स्क्रीन देखते समय हर एक मिनट मे 10- 12 बार-बार पलकें झपकाएं या आदत बना लें इससे आँखों की नमी बनी रहती है और जलन कम होती है
  • लगातार मोबाइल देखने से बचें इससे आँखों की फोकस क्षमता कम हो जाती है इसलिए लंबे समय तक लगातार स्क्रीन पर काम करने के बाद ब्रेक लें
  • रात में हल्की रोशनी में मोबाइल का उपयोग करें औरनाइट मोड या डार्क मोड ऑन रखें
  • हाथ पैर धोते समय पानी से आँखों पर छींटे मारें इससे आँखों की थकान और जलन कम होती है

डिजिटल स्क्रीन से आँखों को होने वाले नोकसान से बचाव और रोकथाम का तरीका

मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर देखने से होने वाली आँखों की समस्या अगर शुरुआती स्तर पर हो, तो यह खुदकी देखभाल और आदतों से इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है जो इसकी रोकथाम और बचाव के लिए बहुत अच्छा तरीका है जैसे:

  • पानी ज्यादा पिएं: शरीर में पानी की कमी न होने दें और दिन भर पर्याप्त पानी पिएं क्यूंकि इससे आँखों में सूखापन बढ़ता है।
  • पर्याप्त नींद लें: रोज़ आना 7–8 घंटे की पर्याप्त नींद जरूरी है क्यूंकि कम नींद लेने से आँखों की समस्या और बढ़ जाती है।
  • आँखों को आराम दें: लगातार स्क्रीन देखने के बाद 2–4 मिनट के लिए आँखें बंद करें इससे आँखों की थकान कम होती है और फोकस बना रहेता है।
  • संतुलित आहार लें: जैसे शरीर के लिए खान पान का होना जरुरी है वैसे ही आँखों की सेहत के लिए पोषण बहुत ज़रूरी है, इसलिए आपको अपने रोजाना के भोजन में हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, आँवला और खट्टे फल, बादाम, अखरोट, गाजर, शकरकंद इन सब चीजों को अपने आहार मे शामिल करना चाहिए।

अगर मोबाइल या लैपटॉप देखने से आँखों में दर्द, जलन या धुंधलापन लगातार बना रहता है, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें और आँखों की जाँच ज़रूर कराएं.यदि आप या का बच्चा अगर नंबर का चश्मा लगाता है तो सही पावर का ही इस्तेमाल करें और कम से कम एक साल के अंदर आंखो की जाँच करवा लें यह बहुत ज़रूरी है।

कब डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है?

याद रखें मोबाइल ज़रूरी है, लेकिन आपकी आँखें उससे भी ज़्यादा ज़रूरी हैं, खासकर नीचे दिए गए लक्षण यदि आपको लंबे समय से है, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें ऐसे मे अपने नजदीकी आँखों के डॉक्टर से परामर्श लें:

  • लगातार आँखों में दर्द या जलन होना
  • धुंधला दिखाई देना
  • आँखों में लालिमा या सूजन होना
  • सिरदर्द के साथ आँखों में परेशानी
  • बच्चों में आँखों से सम्बंधित कोई लक्षण दिखना

निष्कर्ष

मोबाइल देखने से आँखों में दर्द और जलन आज एक आम लेकिन गंभीर समस्या बनती जा रही है। क्यूंकि लगातार स्क्रीन देखने से डिजिटल विज़न सिंड्रोम, ड्राई आई और आँखों की थकान जैसी समस्याएँ बढ़ती जा रही हैं। हालाँकि, इन्हें सही आदतें अपनाकर और संतुलित आहार, पर्याप्त नींद इन समस्याओं से काफी हद तक बचा सकती है, क्यूंकि स्मार्टफोन के इस दौर में इनकी सुरक्षा पूरी तरह आपके हाथ में है इसलिए आपको अपनी और अपने बच्चों के स्क्रीन टाइम से जितना हो सके बचना चाहिए।