मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद क्या खाना चाहिए या सवाल मरीज़ और उसके परिजनों का ज्यादातर होता है, लेकिन क्या आप जानते है ऑपरेशन के बाद की देखभाल और खासकर खान पान रहन सहन जो आँखों को जल्दी ठीक होने में अहम भूमिका निभाता है, बल्कि संक्रमण से बचाव, सूजन कम करने और आपकी नई दृष्टि की गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखने में भी सहायक होता है और ऐसे मे एक छोटी सी लापरवाही आपकी नई दृष्टि को प्रभावित कर सकती है, इसलिए रिकवरी के दौरान पोषण और सुरक्षा का तालमेल बहुत जरूरी है।
इस लेख में, हम जानेंगे मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद क्या खाना चाहिए किस चीज का परहेज करना है और क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए और डॉक्टर द्वारा बताई गई ऑपरेशन के बाद की सभी जरुरी बातों को ध्यान मे क्यों रखना चाहिए इस लेख में हम एक एक कर के विस्तार से जानेंगे
मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद क्या खाना चाहिए?
मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद खान पान ऐसा होना चाहिए जो न केवल आंखों की रोशनी को स्पष्ट करने में मदद करे, बल्कि घाव को भी जल्दी भरे जैसे:
मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद शुरुआती 4-5 दिनों तक सबसे हल्का खान पान करना चाहिए जैसे खिचड़ी, दलिया और कम मिर्च-मसाले वाला आहार हो लेकिन अगर ब्लड शुगर या ब्लड प्रेशर की समस्या है तो खान पान पर सख्त नियंत्रण रखें, क्योंकि इस्से अन्य समस्या पैदा हो सकती है और बहुत गरम सूप या चाय पीते समय उसकी भाप आंखों में न जाने दें, इससे जलन हो सकती है।
- विटामिन C से भरपूर खाद्य पदार्थ: ऑपरेशन के 4-5 दिन बाद संतरा, मौसमी, नींबू, कीवी, स्ट्रॉबेरी, ब्रोकली, शिमला मिर्च, अमरूद, कीवी जैसे अन्य चीज को आहार मे शामिल करना चाहिए क्योंकि इसमें विटामिन सी की मात्रा ज्यादा होती है और विटामिन C एक शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट है जो कोलेजन के उत्पादन में मदद करता है और कोलेजन आँख के कॉर्निया और अन्य ऊतकों की मरम्मत के लिए बहुत फायदेमंद है।
- विटामिन E युक्त आहार: मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद विटामिन E युक्त आहार जैसे बादाम, मूंगफली, सूरजमुखी के बीज, पालक, एवोकाडो, ऑलिव ऑयल भी आहार मे शामिल करें क्योंकि विटामिन E कोशिकाओं को नुकसान से बचाता है और हीलिंग प्रक्रिया को बढ़ावा देता है।
- ओमेगा-3 फैटी एसिड: ऑपरेशन के बाद कई मरीजों को आंखों में सूखेपन और गड़न की शिकायत होती है और ऐसे मे ओमेगा-3 इसे ठीक करता है जैसे अखरोट और बादाम अलसी के बीज चिया सीड्स मछली इन सबको आहार मे शामिल करना चाहिए जो कोशिकाओं को डैमेज से बचाता है और आँखों में सूजन और सूखेपन गड़न को कम करने में और आँखों को स्वस्थ बनाये रखता है।
- विटामिन A बीटा-कैरोटीन और एंटीऑक्सीडेंट: आंखों के स्वस्थ के लिए विटामिन-A सबसे महत्वपूर्ण है और गाजर मे विटामिन A सबसे ज्यादा पाया जाता है इसलिए गाजर को Best food for eye health कैटेगरी मे रखा गया है लेकिन ऑपरेशन के बाद गाजर, शकरकंद, पालक, केला, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, आम, पपीता, आदि फल सब्जी आहार मे जरूर शामिल करें ये आंखों को नीली रोशनी और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं और रेटिना को भी सुरक्षित रखता है क्योंकि इन सब मे जेक्सैन्थिन और बीटा-कैरोटीन के बेहतरीन स्रोत पाये जाते हैं।
- जिंक से भरपूर खाद्य पदार्थ: मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद कोशिकाओं के पुनर्निर्माण के लिए प्रोटीन का बहुत बड़ा रोल होता है और ऐसे मे मूंग की दाल राजमा, छोले, मसूर की दाल, डार्क चॉकलेट, कद्दू ये सब सबसे हल्की और पौष्टिक होती है जबकि पनीर दूध या दही अंडे ये सबका भी सेवन करना चाहिए यह प्रोटीन और ल्यूटिन दोनों का एक अच्छा स्रोत है और यह इम्यून सिस्टम के लिए भी जरूरी है, और ये जिंक से भी भरपूर होते है।
मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद कोसिस करें दलिया, ओट्स और ब्राउन राइस खिचड़ी का शुरुआती दिनों मे सेवन करें क्योंकि ये पाचन को सही रखते हैं और कब्ज नहीं होने देते और पानी पिने मे कमी ना करें क्योंकि की पानी शरीर के सभी अंगों को सही तरीके से काम करने और विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है और इसकी जगह आप नारियल पानी, छाछ, सूप, फलों का रस भी इस्तेमाल कर सकते है।

मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद सही डाइट क्यों जरूरी है और उसका महत्व?
मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद आँख के अंदर प्राकृतिक हीलिंग प्रक्रिया शुरू हो जाती है इसलिए ऑपरेशन के बाद आँखों को ठीक होने मे कुछ समय लग जाता है और आँखों को ठीक होने के लिए अतिरिक्त ऊर्जा और पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है और एक सही और संतुलित डाइट न केवल आपकी आंखों की रोशनी को बेहतर करने मे बल्कि आँखों को जल्दी ठीक करने में भी मदद करता है और ऑपरेशन के बाद होने वाली संभावित जटिलताओं के जोखिम को भी कम करता है जैसे:
- ऑपरेशन के बाद आँखों को ठीक होने के लिए शरीर को प्रोटीन और विटामिन C की आवश्यकता होती है क्यों की प्रोटीन नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है, जबकि विटामिन C आंखों के ऊतकों की मरम्मत और कोलेजन के निर्माण में सहायक होता है।
- ऑपरेशन के बाद आंखें बेहद संवेदनशील हो जाती हैं और संक्रमण का खतरा बना रहता है जबकि विटामिन A और एंटीऑक्सीडेंट्स (जैसे संतरा, गाजर, पालक) शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं, जो आंखों को बाहरी कीटाणुओं से लड़ने में मदद करते हैं।
- मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद आंखों में हल्की सूजन या लालिमा और दर्द होना एक सामान्य बात है और ऐसे मे ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरे आहार का लेना बहुत फायदे मंद माना जाता है (जैसे अखरोट, अलसी के बीज, या मछली) क्योंकि इन सब मे प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन को कम करने और आंखों के सूखेपन को रोकने में मदद करते हैं।
- ऑपरेशन के बाद कई बार शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है और दवाओं के कारण एसिडिटी या कब्ज की समस्या हो सकती है इसलिए हल्का भोजन (जैसे खिचड़ी, दलिया, ताजे फल) जरूरी है ताकि शरीर की ऊर्जा सिर्फ पाचन में न लगे, बल्कि रिकवरी में काम आए।
- मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद सही डाइट का होना बहुत जरुरी इसलिए माना जाता है क्यों की इस्से घाव जल्दी भरता है और इंफेक्शन का खतरा कम होता है आँखों की रोशनी बेहतर होती है और लालीमा सूजन दर्द गड़न सब कम हो जाती है।
मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद क्या नही खाना चाहिए?
मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद आंखों का घाव जल्दी और सही ढंग से भर सके इसके लिए सही खान पान बहुत ज़रूरी है हमने यह देखा लेकिन गलत खान-पान से सूजन बढ़ सकती है इंफेक्शन का खतरा रहता है और रिकवरी देरी से हो सकती है इसलिए ऑपरेशन के बाद क्या नहीं खाना चाहिए यह समझना बहुत जरुरी है क्योंकि शरीर को डिहाइड्रेट करने वाले और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से परहेज करना फायदेमंद साबित होता है जैसे:
- ज्यादा मिर्च-मसाले वाला भोजन: मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद तीखा और मसालेदार आहार का सेवन ना करें क्योंकि इन सब मे मौजूद कैप्सेसिन शरीर में गर्मी और सूजन बढ़ा सकता है और तेज मसाले वाले भोजन शरीर में इंफ्लेमेशन बढ़ाते हैं जिससे आंखों के आसपास जलन हो सकती है इसलिए ज्यादा तीखी सब्ज़ियाँ हरी-लाल मिर्च, तीखी चटनी, अचार और अत्यधिक मसालेदार भोजन का ऑपरेशन के बाद और शुरुआती दिनों मे सेवन करने से बचें।
- तला-भुना और जंक फूड: ऑपरेशन के बाद तला भुना हुआ खाना आंखों की हीलिंग को धीमा करता है क्योंकि इनमें अधिक नमक, प्रिजर्वेटिव और अनहेल्दी फैट होते हैं जो सूजन पैदा करते हैं, रक्त प्रवाह प्रभावित करते हैं इसलिए डिब्बाबंद सूप, चिप्स, इंस्टैंट नूडल्स, समोसे-पकौड़े, पिज्जा, बर्गर, प्रोसेस्ड मीट का शुरुआती दिनो मे सेवन ना करें इस्से खतरा बढ़ सकता है।
- अधिक मीठा और शुगर वाला भोजन: ऑपरेशन के बाद मीठी चीज का सेवन ज्यादा ना करें क्योंकि अधिक शक्कर से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है, इंफ्लेमेशन बढ़ सकता है और खासकर डायबिटीज के मरीजों के लिए नुकसानदायक है इसलिए मिठाइयां, चॉकलेट, पेस्ट्री, मीठे सॉफ्ट ड्रिंक्स और केक कोल्ड ड्रिंक का शुरुआती दिनों मे परहेज करें।
- शराब और अधिक कैफीन: शराब शरीर को डिहाइड्रेट करता है हीलिंग प्रक्रिया धीमी करता है और दवाओं के साथ रिएक्शन कर सकता है जबकि दवाओं के असर को भी कम कर देता है इसलिए ऑपरेशन के बाद अधिक कैफीन जैसे चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक का सेवन ना करें क्योंकि ये डिहाइड्रेशन और सूखी आंखों का कारण बन सकता है और सूजन को बढ़ा सकता है।
- अत्यधिक नमक वाला भोजन: ज्यादा नमक से शरीर में पानी जमा हो सकता है और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, जो आंखों के लिए अच्छा नहीं है इसलिए ज्यादा नमक वाली चीज से बचें और खासकर ब्लड प्रेशर वाले लोग बहुत नमकीन स्नैक्स, अचार, पैकेट वाले नमकीन और बहुत ज्यादा नमक से परहेज करें क्योंकि अधिक नमक से आंखों में सूजन बढ़ सकती है।
मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद गर्म खाने-पीने की चीजों से निकलने वाली भाप ऑपरेशन वाली संवेदनशील आंखों में जलन पैदा कर सकती है इसलिए ताजा उबला गरम सूप, बहुत गर्म चाय-कॉफी दूध और जिसमें से भाप निकले उसका शुरुआती दिनों मे ख्याल रख कर सेवन करें बासी और बाहर कि चीज़ों का सेवन करने से भी परहेज करें।
मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद रखी जाने वाली सावधानियाँ
- मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद आँखों में जलन पानी आना दर्द होना या चुभन जैसा महसूस होता है और यह एक आम बात है लेकिन ऐसे मे मरीज़ को आँखों पर बिलकुल हाथ भी ना लगाने दें क्यों की ऐसा करने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है और आँखों मे लगे लेंस को नुकसान पहुँच सकता है
- डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयाँ आँखों मे समय पर और सही मात्रा में डालें और बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा बंद न करें लेकिन दवा मरीज़ अपने हाथ से ना डाले और जो कोई भी दवा डाले उसे अपने हाथों को साबुन से अच्छे से धोलेने के बाद हाथों को फिर किसी भी चीज को टच ना करें और निचे वाली पलक हल्का सा खींच के दवा डाले इस्से संक्रमण का खतरा कम हो जाता है
- आँख को पानी और गंदगी से बचाएँ कम से कम 5–7 दिन तक बहुत जरुरी है और ऑपरेशन के बाद अगर नहाते है तो नहाते समय सावधानी रखें सीधे चेहरे पर पानी न डालें गर्दन से नहाएं और बाकी समय चश्मा जरूर पहनें इस्से तेज रोशनी धूल और हवा से आँख सुरक्षित रहती है और कोसिस करें धूल धुआँ और गंदे वातावरण वाली जगह पर ना जाना पड़े
- ऑपरेशन के बाद कुछ हफ्तों तक भारी सामान न उठाएँ ज्यादा झुककर काम न करें तेज एक्सरसाइज या योग से बचें और शुरुआती दिनों में ऑपरेशन वाली आँख की तरफ करवट लेके ना सोयें डॉक्टर द्वारा दी गई आई शील्ड रात में पहनें बच्चों से दूरी बना के रखे धूम्रपान और सिगरेट अगर पीते है तो कोसिस करें उसे ना इस्तेमाल करें क्यों की सिगरेट का धुआँ आँखों के लिए नोकसान दे है
- टीवी देखना या मोबाइल इस्तेमाल करना आमतौर पर सुरक्षित है लेकिन ज्यादा देर तक लगातार स्क्रीन न देखें बीच-बीच में आराम दें और फॉलो-अप चेकअप ज़रूर कराएँ क्यों की डॉक्टर द्वारा बताए गए दिन पर नियमित फॉलो-अप कराना बहुत ज़रूरी है इससे आँख की रिकवरी सही तरीके से मॉनिटर की जाती है
मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद स्वच्छता कैसे बनाए रखें?
मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद आँखों की स्वच्छता और साफ-सफाई बनाए रखना बहुत ज़रूरी होता है क्योंकि ऑपरेशन के बाद आँखें कुछ समय के लिए संवेदनशील बनी रहती हैं और ऐसे मे थोड़ी सी भी लापरवाही इंफेक्शन, सूजन या जलन का कारण बन सकती है।
मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद आँख और उसके आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई से जुड़े महत्वपूर्ण निर्देश:
- 1. ऑपरेशन के बाद कम से कम 10 दिनों तक सिर से नहाना भी नही चाहिए और आँख में पानी बिल्कुल नहीं भी नही जाने देना है यहाँ तक कि चेहरा धोने से भी बचें केवल साफ और सूखे रुमाल या तौलिये से चेहरे को हल्के से पोंछें और गर्दन से नहाते समय आँख पर पानी की छींटे न पड़ें क्योंकि आँख में पानी जाने से इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
- 2. ऑपरेशन के बाद कम से कम 7 दिनों तक आँखों को हाथ लगाने से भी परहेज करें यहाँ तक कि आँख में खुजली होना गड़न होना या दर्द होने पर भी न मलें और सोते समय अनजाने में भी आँख न रगड़ें, इसके लिए आई-शिल्ड का उपयोग करें और बच्चों से दूरी बना के रखें और खासकर बुजुर्ग मरीजों को क्योंकि आँखों को रगड़ने से लेंस पर असर पड़ सकता है इसलिए विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
- 3. आई ड्रॉप डालने के बाद कई बार दवा पलकों या आँख के कोनों में जमा हो जाती है और ऐसे में साफ रुमाल कॉटन या गॉज़ का उपयोग करें और हल्के हाथ से धीरे धीरे साफ करदें लेकिन कभी कभी ऑपरेशन वाली आँख कि पलकें आपस मे चिपक जाती है और ऐसे मे कॉटन को थोड़ा गुनगुने पानी मे भिगोकर हल्के हाथ से साफ करें लेकिन गंदे कपड़े या टिश्यू का उपयोग न करें।
- 4. ऑपरेशन के बाद शुरुआती दिनों में आँखों को धूल, धुआँ और सूक्ष्म कणों से बचाना बेहद ज़रूरी है इसलिए ऐसी जगह जाने से बचें जहाँ पर धूल-मिट्टी और प्रदूषण ज्यादा हो और काले चश्मे का उपयोग करते रहें इससे आँखों में जलन सूजन और ज्यादा चमक से बचाव होता है।
- 5. यदि कोई मरीज ऑफिस या साफ-सुथरे वातावरण में काम करता है तो वे अगले दिन से काम शुरू कर सकते हैं लेकिन स्क्रीन टाइम सीमित रखें आँखों पर ज़ोर न डालें धूल-मिट्टी वाले स्थान से बचें क्योंकि मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद आँखों की स्वच्छता बनाए रखना बहुत ज़रूरी होता है इसलिए साफ-सफाई सावधानी और डॉक्टर की सलाह का पालन करते रहें इस्से इंफेक्शन का खतरा कम होता है आँख जल्दी ठीक होती है और विज़न बेहतर और सुरक्षित रहता है।
मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद कब कैसे क्या नहा सकते है?
मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद नहाना एक महत्वपूर्ण विषय है क्योंकि अच्छी आँखों मे साबुन शैम्पू पानी चले जाने से आँखों मे लाली गड़न चुभन होने लगती और ऐसे मे मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद गलत तरीके से नहाने से आंख में संक्रमण होने का खतरा बना रहेता है
ऑपरेशन के बाद कम से कम 4-5 दिन तक सिर से नहाना तो बिलकुल भी मना है लेकिन उस दौरान आप एक साफ कपड़े को गुनगुने पानी में भिगोकर, शरीर के अलग-अलग हिस्सों को अलग-अलग तौलिये से पोछ सकते है लेकिन धयान दें चेहरे और आंखों के आसपास के हिस्से को छूने और पोंछने से बचें
और धयान दें चेहरा एक साफ कपडा गुनगुने पानी में भिगोकर हलके हाथ से पोछ लें लेकिन आँखों मे पानी ना जाये जबकि 4-5 दिन के बाद गर्दन से नहा सकते है
तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद हल्की जलन, पानी आना या थोड़ी असहजता सामान्य हो सकती है, लेकिन कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जिन्हें नज़र अंदाज़ करना खतरनाक हो सकता है और ऐसे मे अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें जैसे:
- ऑपरेशन के बाद दर्द लगातार बढ़ रहा हो या दर्द निवारक दवाओं से भी आराम न मिले
- ऑपरेशन के बाद अचानक नजर कम हो जाए, बहुत धुंधला दिखे या पहले से बेहतर होने के बजाय नज़र और खराब हो जाये
- आंखों से पीला या हरा कीचड़ और चिपचिपा पानी निकलना रहा हो आँख आपस मे चिपक जाती है बार बार
- आंखों के सामने बहुत ज्यादा काले धब्बे तैरते हुए दिखे या चमकदार रोशनी दिखना और बिजली जैसी चमक या पर्दा गिरने जैसा महसूस हो
इन लक्षणों के दिखने पर देरी ना करें और खुद से दवा लेना या दवा डाल लेंगे ठीक हो जायेगा ऐसा करना खतरनाक हो सकता है इसलिए समय रहेते और समय पर डॉक्टर को दिखाने से नज़र को स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है।
निष्कर्ष
मोतियाबिंद का ऑपरेशन दृष्टि सुधारने का एक बड़ा कदम है लेकिन ऑपरेशन के बाद शुरुआती दिनों मे आपकी असली जिम्मेदारी शुरू होती है और ऐसे मे सही खान-पान स्वच्छता और समय पर दवा लेने से न केवल आँखें जल्दी ठीक होती है बल्कि संक्रमण का खतरा भी नहीं रहेता और दृष्टि भी साफ और स्थिर होती है.
इस लेख में बताई गई सावधानियों और खान-पान के नियमों का पालन करके ऑपरेशन के बाद संक्रमण से बच सकते हैं और आँखों को स्वस्थ रख सकते है इसलिए आँखों की देखभाल में कोई भी लापरवाही न करें और डॉक्टर के साथ नियमित संपर्क बनाए रखें, और याद रखें आपकी थोड़ी सी सजगता आपकी आँखों को उम्र भर के लिए सेहतमंद रख सकते है।