आज के डिजिटल दौर में मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर का इस्तेमाल हमारी ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है और इसके बिना हमारी दिनचर्या अधूरी लगती है। लेकिन लगातार स्क्रीन देखने या उसपे काम करने से हमारी आँखों पर बुरा असर पड़ता है
इन्हीं समस्याओं से बचाव के लिए आजकल (Blue Cut Lens) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन क्या आपको मालूम है Blue Cut Lens क्या होता है इसमें और नार्मल लेंस मे क्या अंतर होता है इसके फायदे नोकसान और किसको लगवाना चाहिए इसकी पहचान क्या है आइये इस लेख मे हम इसपे चर्चा करें और सब कुछ आसान भाषा मे समझें क्यूंकि इसे कोई कहता है यह आंखों के लिए बहुत ज़रूरी है, तो कोई इसे सिर्फ़ मार्केटिंग बताता है।
Blue Cut Lens क्या होता है?
ब्लू कट लेंस एक विशेष प्रकार का चश्मे का लेंस होता है,जिसे ब्लू लाइट फ़िल्टर लेंस, ब्लू ब्लॉक लेंस और डिजिटल प्रोटेक्शन लेंस के नाम से भी जाना जाता है,जिनका काम आँखों को डिजिटल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट से सुरक्षित रखना होता है।
इस लेंस पर एक खास ब्लू लाइट फ़िल्टर कोटिंग की जाती है, जो मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर और टीवी से आने वाली ब्लू लाइट को फ़िल्टर या ब्लॉक करने का काम करती है।जबकि ब्लू कट लेंस का मुख्य उद्देश्य आँखों पर पड़ने वाले डिजिटल आई स्ट्रेन, जलन और थकान को कम करना होता है। जो लोग रोज़ाना कई घंटों तक स्क्रीन का उपयोग करते हैं, उनके लिए यह लेंस बेहद उपयोगी माना जाता है।
Blue Cut Lens कितने प्रकार का होता है?
तकनीक के आधार पर
- ब्लू रिफ्लेक्ट: इस तरीके का ब्लु कट लेंस की सतह पर एक “एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग” (ARC) का उपयोग कर के बना होता है जो नीली रोशनी को आंखों तक पहुँचने से पहले ही वापस परावर्तित कर देता है जैसे दीवाल पर गेंद लगने के बाद वापस हो जाती है।
- ब्लू एब्सोर्ब: इस तरीके का लेंस का मटीरियल ही ऐसा होता है जो नीली रोशनी को सोख लेता है, इसलिए यह कोटिंग के मुकाबले ज्यादा प्रभावी माना जाता है क्योंकि यह लेंस के आर-पार जाने वाली रोशनी को फिल्टर करता है।
उपयोग और जरूरत के आधार पर
- स्टैंडर्ड ब्लू कट लेंस: यह उन लोगों के लिए होता है जो दिनभर में 3-4 घंटे स्क्रीन का उपयोग करते हैं जबकि यह बजट में किफायती भी होता है।
- प्रोफेशनल हाई ब्लू कट लेंस: जो लोग दिन भर (8-10 घंटे) कंप्यूटर पर काम करते हैं या ग्राफिक डिजाइनिंग करते हैं, उनके लिए यह सबसे अच्छा माना जाता है क्यूंकि इसमें रंगों का अंतर ज्यादा सटीक रहता है।
- फोटोकरोमिक ब्लू कट लेंस: ये लेंस घर के अंदर ब्लू कट का काम करते हैं और धूप में जाते ही काले या ब्राउन काले चश्मे की तरह हो जाते हैं और इन्हें ‘ऑल-इन-वन’ लेंस के नाम से भी जाना जाता है।
विनिर्माण के आधार पर
- स्टॉक लेंसेस: ये पहले से बने-बनाए लेंस होते हैं जो सामान्य नंबरों के लिए तुरंत उपलब्ध होते हैं।
- डिजिटल फ्री फॉर्म लेंसेस: इन्हें आपकी आंखों के सटीक पॉइंट और फ्रेम के आकार के हिसाब से खास तौर पर लैब में बनाया जाता है। यह सबसे स्पष्ट दृष्टि प्रदान करते हैं।

Blue cut lens के फायदे
आज के समय डिजिटल उपकरणों के बढ़ते उपयोग के कारण ब्लू कट लेंस आज की ज़रूरत बन गया हैं, खासकर स्टूडेंट्स, IT प्रोफेशनल्स और ऑफिस वर्कर्स के लिए और ब्लू कट लेंस के सिर्फ़ मार्केटिंग नहीं है, बल्कि इसका उपयोग करने से वास्तव में आराम महसूस किया जा सकता है:
- आंखों के तनाव से राहत: आज के समय कंप्यूटर या मोबाइल की स्क्रीन के सामने बैठ कर काम करना या इस्तेमाल करना एक आम बात हो चुकी है, इसी वजह से आंखों में होने वाली थकान, भारीपन और तनाव को ब्लु कट लेंस काफी हद तक कम कर देता है।
- बेहतर नींद: स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी चाहे मोबाइल की हो या लैपटॉप, कंप्यूटर की यह हमारे शरीर में ‘मेलाटोनिन’ (नींद का हार्मोन) के स्तर को बिगाड़ देती है, जबकि ब्लू कट लेंस इस रोशनी को फ़िल्टर कर देता है।
- स्पष्ट दृष्टि: ब्लु कट लेंस में अक्सर एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग (ARC) होती है, जो स्क्रीन की चमक को कम करती है, यह कोटिंग बिना किसी रुकावट के साफ देखने में मदद करती है, खासकर ड्राइविंग के समय सामने से आने वाली लाइट कम चुभती है, जिससे स्पष्ट दृष्टि बनी रहती है।
- सिरदर्द, चमक, जलन में कमी: स्क्रीन की तेज़ चमक और नीली रोशनी के कारण होने वाले सिरदर्द, आंखों में जलन, सूखेपन, डिजिटल आई स्ट्रेन और पानी आने की समस्या को ब्लु कट लेंस इस्तेमाल कर के आराम महसूस किया जा सकता है।
- भविष्य की सुरक्षा: लंबे समय तक ब्लू लाइट के संपर्क में रहने से रेटिना को नुकसान पहुँचने का खतरा बना रहेता है ऐसे में ब्लू कट लेंस एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है, जो आंखों को लंबी अवधि के नुकसान से बचाता है।
Blue Cut Lens किसे लगवाना चाहिए?
ब्लू कट लेंस हर उस व्यक्ति के लिए फायदेमंद साबित होता है जिसका डिजिटल स्क्रीन टाइम ज्यादा होता है:
- जो लोग रोज़ाना 7-9 घंटे कंप्यूटर या लैपटॉप पर काम करते हैं, उन्हें अपनी आँखों को ‘डिजिटल आई स्ट्रेन’ से बचाने के लिए यह ज़रूर पहनना चाहिए।
- ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले, नोट्स बनाने और लंबे समय तक टेबलेट या मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले छात्रों के लिए यह लेंस अच्छा विकल्प साबित होता है।
- वीडियो एडिटिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग और सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाले लोगों को इससे काफी आराम मिलता है।
बिना नंबर वाले लोग भी इसका इस्तेमाल कर सकते है, ज़रूरी नहीं कि आपकी आँखें कमज़ोर हों तभी आप इसे पहनें। आँखों को भविष्य में होने वाले नुकसान से बचाने के लिए जीरो पावर का ब्लू कट लेंस कोई भी पहन सकता है।
Blue Cut Lens के नुकसान
हर चीज़ की तरह ब्लू कट लेंस के भी कुछ सीमित नुकसान या गलतफहमियाँ हैं जिन्हें जानना आपके लिए जरूरी है:
- ब्लु कट लेंस इस्तेमाल करने पर आँखों की रोशनी नहीं बढ़ाती है
- सस्ते या नकली ब्लू कट लेंस में रंग हल्के पीले या नीले तरह के दिख सकते हैं
- यह आँखों की बीमारियों का इलाज नहीं है, सिर्फ़ सुरक्षा देता है
- हर व्यक्ति को इसका असर तुरंत महसूस नहीं होता है
- बहुत ज्यादा ब्लू कट वाले लेंस में कलर एक्यूरेसी थोड़ी कम हो सकती है
ब्लू कट लेंस का नुकसान तब ज्यादा होता है जब आप इसे किसी अविश्वसनीय या बिना एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग का मिलने वाला बिना जरूरत के बहुत सस्ते में खरीदते है, ध्यान रखें ब्लू लाइट से ज्यादा आंखों को नुकसान स्क्रीन के सामने बिना पलक झपकाए बैठने से भी होता है।

Blue Cut Lens और Normal Lens मे क्या अंतर होता है?
क्या आप जानते है ब्लू कट लेंस और नॉर्मल लेंस में असली फर्क क्या होता है, दरअसल ब्लू कट लेंस और नॉर्मल लेंस के बीच का अंतर केवल उनकी कोटिंग का नहीं, बल्कि उनके काम करने के तरीके और आंखों को मिलने वाली सुरक्षा का होता है जैसे:
कोटिंग का फर्क
अगर आप एक नॉर्मल लेंस को लाइट के नीचे रखेंगे, तो उस पर लाइट का रिफ्लेक्शन सफेद दिखेगा, लेकिन ब्लू कट लेंस अगर लाइट के नीचे रखेंगे तो उसकी कोटिंग के हिसाब से वही रिफ्लेक्शन नीला या बैंगनी दिखेगा, जो इसकी पहचान है।
सुरक्षा कवच
एक नॉर्मल लेंस खिड़की के उस शीशे की तरह होता है, जिससे सब कुछ साफ दिखता है और धूप, रोशनी पूरी अंदर आती है, लेकिन वहीं, ब्लू कट लेंस उस “सन-कंट्रोल फिल्म” की तरह होता है जो रोशनी तो आने देता है पर उसकी चुभन और नुकसान को रोक देता है जिसके कारण आंखो मे लाइट का असर नही पड़ता है।
रात की नींद और थकान
एक नॉर्मल लेंस पहनकर रात में मोबाइल चलाने से आपकी आंखो मे सुखापन या अन्य महसूस हो सकती है क्योंकि नीली रोशनी मस्तिष्क को जगाए रखती है, लेकिन ब्लू कट लेंस इस रोशनी को फिल्टर कर देता है, जिससे आपकी नींद का हार्मोन साइकिल खराब नहीं होती है और ड्राइविंग कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल चलाते समय आंखो मे रोशनी लगने का एहसास नही होता है।
Blue Cut Lens कैसा होता है?
ब्लू कट लेंस दिखने में लगभग साधारण चश्मे के लेंस जैसा ही होता है, लेकिन इसमें एक विशेष ब्लू लाइट फ़िल्टर कोटिंग चढ़ी होती है और यही कोटिंग इसे सामान्य लेंस से अलग बनाती है जो डिजिटल स्क्रीन से निकलने वाली हानिकारक ब्लू लाइट को रोकने में मदद करती है जैसे:
- लेंस पर हल्की नीली या बैंगनी चमक दिखाई देनाजब ब्लू कट लेंस पर कोई भी रोशनी पड़ती है, तो उस पर हल्की नीली, बैंगनी या पिंक कलर की कोई एक चमक दिखाई देती है और यह इस बात का संकेत होता है कि लेंस में ब्लू लाइट फ़िल्टर कोटिंग मौजूद है।
- ब्लू कट लेंस सामान्य रूप से पूरी तरह साफ और पारदर्शी दिखाई देता है और सामने से देखने पर इसमें कोई रंग नज़र नहीं आता, इसलिए यह रोज़मर्रा के उपयोग के लिए आरामदायक होता है।
- ब्लू कट लेंस पहनने पर मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर या ड्राइविंग करते समय सामने से आने वाली रोशनी कम लगती है और आँखों पर पड़ने वाला दबाव कम होता है इसलिए लंबे समय तक काम करने पर भी थकान कम महसूस होती है।
- एक अच्छे गुणवत्ता वाले ब्लू कट लेंस में स्क्रीन के रंग नेचुरल और साफ दिखाई देते हैं, जबकि सस्ते या कम गुणवत्ता वाले लेंस में रंग हल्के पीले पड़ सकते है।
- ब्लू कट लेंस नंबर और बिना नंबर दोनों विकल्पों में उपलब्ध होता है जैसे आपके अपने पावर के नंबर का भी और जीरो नंबर का भी मिलता है इसलिए इसे कोई भी व्यक्ति अपने नंबर बिना नंबर का ब्लू कट लेंस वाला चश्मा पहन सकता है।
- ज्यादा तर ब्लू कट लेंस में एंटी-रिफ्लेक्शन कोटिंग भी होती है, जिससे स्क्रीन की चमक और ग्लेयर कम हो जाती है और देखने में ज्यादा आराम मिलता है इसलिए आपको एंटी-रिफ्लेक्शन कोटिंग वाला ब्लु कट लेंस अपने चश्मे मे लगवाना चाहिए।
Blue Cut Lens कैसे पहचानें?
- लेंस पर नीली या बैंगनी चमक होना: ब्लू कट लेंस की सबसे आसान पहचान यह है कि जब आप लेंस को रोशनी के सामने घुमाते हैं या रोशनी की तरफ देखते है तो उस पर हल्की नीली या बैंगनी चमक दिखाई देती है और यह चमक बताती है कि लेंस पर ब्लू लाइट फ़िल्टर कोटिंग मौजूद है।
- स्क्रीन के सामने जाँच करें: अपने ब्लु कट लेंस को मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन के सामने रखें और देखें क्या लेंस में स्क्रीन की तेज़ चमक थोड़ी कम दिखाई दे रही है या नही दोसरा तरीका यह है की चश्मा पहन कर स्क्रीन को देखने में ज़्यादा आराम महसूस होगा और यह तरीका रोज़मर्रा में पहचान के लिए काफी उपयोगी है।
- ब्रांड मार्किंग या सर्टिफिकेट का होना: अच्छे और ब्रांडेड ब्लू कट लेंस के साथ ब्रांड का नाम होगा और ब्लू लाइट फ़िल्टर का उल्लेख उसपे होगा और सर्टिफिकेट या वारंटी कार्ड आपको मिलेगा जो इसकी असलियत साबित करता है।
- आँखों में आराम महसूस होना: यदि लेंस सही ब्लू कट है, तो चश्मा पहनने परआँखों की थकान कम होगी,जलन और सिर दर्द में राहत मिलेगी औरलंबे समय तक स्क्रीन देखने पर भी आराम महसूस होगाहालाँकि, इसका असर कुछ दिनों के उपयोग के बाद ज़्यादा साफ दिखता है।
- UV लाइट टेस्टर से जाँच: जब आप चश्मा बनवाये ऑप्टिकल शॉप्स में ब्लू लाइट टेस्टर या UV टॉर्च से लेंस की जाँच करवाएं उसमे आप को दिखेगा की ब्लू कट लेंस ब्लू लाइट को रोक देता है जबकि सामान्य लेंस ब्लू लाइट को पास होने देता हैयह सबसे भरोसेमंद तरीका माना जाता है।
- बहुत सस्ता लेंस: अगर कोई लेंस बहुत कम कीमत में ब्लू कट होने का दावा कर रहा है, तो उसकी गुणवत्ता पर संदेह होना चाहिए क्यूंकि कम गुणवत्ता वाले लेंस अक्सर असली ब्लू कट सुरक्षा नहीं देते।
डॉक्टर की सलाह
मैं एक ऑप्टोमेट्रिस्ट होने के नाते आपको एक सलह देना चाहता हूँ अगर आपका स्क्रीन टाइम रोज़ाना 2-3 घंटे से ज़्यादा है तो आपको Blue Cut Lens का इस्तेमाल करना चाहिए और उसके साथ ही 20-20-20 रूल भी अपनाना चाहिए, हर 20 मिनट बाद, 20 फीट दूर देखें, कम से कम 20 सेकंड के लिएइससे आँखों की थकान और ड्रायनेस काफी हद तक कम हो जाती है।
निष्कर्ष
Blue Cut Lens आँखों की बीमारी का इलाज नहीं है, बल्कि डिजिटल एक्सपोज़र से होने वाले स्ट्रेन को कम करने में सहायक होता है, इसका इस्तेमाल करना आँखों की सुरक्षा के लिए एक समझदारी भरा और उपयोगी विकल्प साबित होता है, क्यूंकि Blue Cut Lens डिजिटल स्क्रीन से निकलने वाली हानिकारक ब्लू लाइट को फ़िल्टर करके आँखों पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है। यह न सिर्फ़ डिजिटल आई स्ट्रेन से राहत देता है, बल्कि लंबे समय तक स्क्रीन इस्तेमाल करने वालों के लिए आँखों को आराम भी प्रदान करता है। अगर आपका स्क्रीन टाइम ज़्यादा है—चाहे आप स्टूडेंट हों, ऑफिस वर्कर हों या डिजिटल प्रोफेशनल तो सही क्वालिटी का, सर्टिफाइड Blue Cut Lens चुनना आपके आँखों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।