काला मोतियाबिंद यह एक गंभीर नेत्र रोग है जिसे मेडिकल भाषा में Glaucoma और आम बोलचाल में काला मोतिया आँखों की रौशनी का शांत चोर कहा जाता है क्योंकि यह बिना दर्द या शुरुआती लक्षणों के दृष्टि को धीरे-धीरे नष्ट करता है जिस्से आँखों के आंतरिक दबाव (Intraocular Pressure – IOP) के बढ़ने से ऑप्टिक नर्व (Optic Nerve) को नुकसान पहुँचता है
इस लेख में हम इसके लक्षण, कारण, प्रकार और उपचार के बारे में एक-एक कर के जानेंगे।
काला मोतियाबिंद (ग्लूकोमा) क्या है?
ग्लूकोमा, जिसे आम भाषा में काला मोतियाबिंद कहा जाता है, जो आँखों की एक ऐसी स्थिति है जिसमें आँख के अंदर का दबाव (Intraocular Pressure – IOP) बढ़ जाता है, और यह बढ़ा हुआ दबाव धीरे-धीरे ऑप्टिक नर्व (वह नस जो आँखों से मस्तिष्क तक दृश्य संदेश भेजती है) को नुकसान पहुँचाता है, ऑप्टिक नर्व को होने वाला यह नुकसान अपरिवर्तनीय होता है।

काला मोतिया के अधिकतर मामलों में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते है यदि समय पर काला मोतियाबिंद का निदान और इलाज न किया जाए, तो यह स्थायी अंधेपन का कारण बन सकता है, और यह दुनिया भर में दृष्टिहीनता के प्रमुख कारणों में से एक है। इसलिए यह दृष्टिहीनता का एक प्रमुख कारण माना जाता है। और पूरे विश्व में काला मोतिया दृष्टिहीनता का दूसरा सबसे प्रमुख कारण है।
काला मोतियाबिंद के मुख्य कारण
काला मोतियाबिंद का मुख्य कारण आँख के आंतरिक दबाव का बढ़ना है, लेकिन अधिकांश मामलों में यह आँख के अंदर तरल पदार्थ जो एक्वस ह्यूमर (Aqueous Humor) के उचित रूप से न निकल पाने के कारण और असंतुलन से जुड़ा होता है जब यह द्रव ठीक से बाहर नहीं निकल पाता, तो आँख के अंदर दबाव बढ़ने लगता है,जिससे ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुँचता है लेकिन, कुछ मामलों में सामान्य दबाव होने पर भी ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुँच सकता है।
मुख्य कारण
आँखों में बढ़ा हुआ दबाव (High IOP): जब आँखों में मौजूद तरल पदार्थ का बहाव अवरुद्ध हो जाता है, तो IOP बढ़ जाता है, जिससे ऑप्टिक नर्व डैमेज होना शुरू हो जाता है।
वंशानुगत कारण (Genetic Factors): अगर आपके परिवार में किसी को काला मोतियाबिंद रहा है, तो या अन्य सदस्यों में इसके विकसित होने की संभावना अधिक होती है।
उम्र (Age Factors): 40 वर्ष के बाद काला मोतियाबिंद एक प्रमुख और अटल जोखिम कारक माना जाता है जिस्से काला मोतियाबिंद का खतरा काफी बढ़ जाता है।
डायबिटीज और ब्लड प्रेशर: लंबे समय तक शुगर या ब्लड प्रेशर के असंतुलन से आँखों की नर्व्स को नुकसान हो सकता है और इसे नियोवैस्कुलर ग्लूकोमा’ भी कहा जा सकता है।
कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स का अधिक उपयोग: स्टेरॉइड युक्त दवाओं या आई ड्रॉप्स का लंबे समय तक इस्तेमाल भी IOP को बढ़ा सकता है और ये सेकेंडरी ग्लूकोमा नामक स्थिति उत्पन्न कर सकता है।
आँखों की चोट या सर्जरी: आँखों में पहले से हुई चोटें या सर्जरी ऑप्टिक नर्व को प्रभावित कर सकती हैं और इन दोनों ही स्थितियों में ऑप्टिक नर्व पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और ग्लूकोमा होने का जोखिम बढ़ सकता है।
काला मोतियाबिंद कितने प्रकार का होता है?
ओपन-एंगल ग्लूकोमा (Open-Angle Glaucoma)
इस बीमारी का सबसे आम रूप,और सबसे सामान्य प्रकार, जो लगभग 90% मामलों में पाया जाता है,ओपन-एंगल ग्लूकोमा जिसमे एक्वस ह्यूमर के बाहर निकलने वाला रास्ता (ट्रैबेक्युलर मेशवर्क) धीरे-धीरे बंद हो जाता या ठीक से काम नहीं करता है, और इसमें कोई प्रारंभिक लक्षण या दर्द नहीं होता और दृष्टि हानि इतनी धीरे-धीरे होती है कि इसका पता नहीं चलता जब तक कि स्थायी नुकसान न हो जाए।
एंगल-क्लोजर ग्लूकोमा (Angle-Closure Glaucoma)
यह तब होता है जब आँख की परितारिका (Iris) आगे बढ़कर एक्वस ह्यूमर की निकासी प्रणाली को अचानक पूरी तरह बंद कर देती है, जिससे आँख का दबाव तेजी से और अचानक बहुत अधिक बढ़ जाता है, और यह एक गंभीर चिकित्सीय आपात स्थिति होती है।
जन्मजात ग्लूकोमा (Congenital Glaucoma)
यह शिशुओं और बच्चों में पाया जाता है हालांकि बच्चे इस स्थिति के साथ पैदा भी हो सकते है और आमतौर पर इसका कारण आँख की तरल निकासी प्रणाली का सही से विकसित न होना है लेकिन यह तरल निकासी बाधा या अंतर्निहित चिकित्सा स्थिति के कारण ऑप्टिक तंत्रिका को नुकसान के कारण कुछ वर्षों के भीतर विकसित हो सकता है।
पिगमेंटरी ग्लूकोमा (Pigmentary Glaucoma)
यह ओपन-एंगल ग्लूकोमा का ही एक दुर्लभ उप-प्रकार है, और इस तरह के ग्लूकोमा में आईरिस के पिछले हिस्से से रंगद्रव्य (Pigment) के छोटे-छोटे कण टूटकर आँख में तैरने लगते हैं,ये कण तरल निकासी प्रणाली में जमा होकर उसे ब्लॉक कर देते हैं,और ज्यादा तर यह समस्या युवा और निकट-दृष्टि (मायोपिया) से पीड़ित लोगों में देखी जाती है।
नार्मल-टेंशन ग्लूकोमा (Normal-Tension Glaucoma)
यह एक पेचीदा स्थिति है इसमें आँख का दबाव सामान्य सीमा के भीतर होने पर भी ऑप्टिक तंत्रिका क्षतिग्रस्त हो जाती है और इसका संभावित कारण ऑप्टिक नर्व में रक्त की आपूर्ति कम होना, ऑप्टिक नर्व का अत्यधिक संवेदनशील होना, या शरीर में रक्तचाप का बहुत कम होना हो सकती है।
काला मोतियाबिंद के लक्षण व पहचान
शुरुआत में काला मोतियाबिंद के अक्सर कोई लक्षण नहीं होता है इसलिए इसे ‘दृष्टि का शांत चोर’ कहा जाता है देर से आने वाले लक्षण:
- अचानक तेज़ सिरदर्द और आँखों में दर्द
- आँखों में धुंधलापन या अस्पस्ट ना देख पाना
- रोशनी के चारों ओर रंगीन घेरे दिखना
- अचानक दृष्टि धुंधली होना या प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता
- जन्मजात शिशुओं में आँख का बड़ा होना
- आँखों से पानी आना
काला मोतियाबिंद का निदान

सामान्य टेस्ट
- दृश्य तीक्ष्णता परीक्षण (Visual Acuity Test) यह सबसे आम और प्रारंभिक जांच है, यह जांच इस बात का पता लगाती है कि आपकी दृष्टि कितनी स्पष्ट है।
- स्लिट लैंप परीक्षा (Slit-Lamp Examination) यह जाँच आँख के सामने वाले हिस्से कॉर्निया, आइरिस और लेंस को बहुत बारीकी से देखने के लिए होती है।
- टोनोमेट्री (Tonometry) यह जांच आँखों के अंदर के दबाव (Intraocular Pressure) को मापने के लिए की जाती है।
- ऑफ्थाल्मोस्कोपी (Ophthalmoscopy) यह जाँच आँखों के अंदर परदे या ऑप्टिक नर्व की स्थिति का मूल्यांकन के लिए की जाती है।
- गोनियोस्कोपी (Gonioscopy) यह जाँच Aqueous Humor के आने और जाने वाले रास्ते ड्रेनेज एंगल की स्थिति देखने के लिए की जाती है।
काला मोतियाबिंद का स्थायी इलाज और उपचार
काला मोतियाबिंद (Glaucoma) का कोई अस्थाई इलाज नहीं होता है लेकिन इसे नियंत्रित किया जा सकता है ताकि दृष्टि हानि को रोका जा सके और आपका डॉक्टर आँखों के दबाव को कम करने और ऑप्टिक नर्व को और अधिक क्षति से बचाने के लिए आपका उपचार इस्थिति के हिसाब से कर सकता है जैसे:
- Medical Treatment: यह ग्लूकोमा उपचार का प्रथम और सबसे सामान्य चरण है इसमें आई ड्रॉप्स और ओरल मेडिसिन्स दोनों शामिल होती है आई ड्रॉप्स में Latanoprost, Timolol, Brimonidine और ओरल मेडिसिन्स में Acetazolamide जैसे टैबलेट्स, जो IOP कम करते हैं।
- Laser Treatment: आपका डॉक्टर आपको जब दवाएँ प्रभावी न हों या उनसे दुष्प्रभाव हों, तो लेज़र उपचार का सुझाव दे सकता है जैसे लेज़र ट्रैबेकुलोप्लास्टी (Laser Trabeculoplasty) यह प्रक्रिया मुख्य रूप से ओपन-एंगल ग्लूकोमा (Open-Angle Glaucoma) के लिए की जाती है।लेज़र इरिडोटोमी (Laser Iridotomy) यह प्रक्रिया एंगल-क्लोजर ग्लूकोमा (Angle-Closure Glaucoma) के इलाज और रोकथाम के लिए की जाती है।
- Surgical Treatment: आपका डॉक्टर आपको सबसे लास्ट में या तो सबसे गम-भीर इस्थिति में सर्जरी सुझा सकता है जैसे दवा और लेज़र उपचार से दबाव नियंत्रित न हो पाए।
- ट्रैबेक्युलेक्टॉमी (Trabeculectomy) यह ग्लूकोमा की सबसे पारंपरिक और आम सर्जरी है।
- ड्रेन इम्प्लांट सर्जरी (Drain Implant Surgery) यह सर्जरी उन मरीजों के लिए की जाती है जिन्हें ट्रैबेक्युलेक्टॉमी सफल नहीं हुई हो या जिनमें अन्य जोखिम कारक हों जैसे नवजात शिशुओं में।
काला मोतियाबिंद से बचाव के उपाय
40 वर्ष से अधिक उम्र के सभी व्यक्तियों को साल भर में एक मर्तबा आँखों की जाँच जरूर करवानी चाहिए अगर आपके परिवार में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, आँखों में चोट का इतिहास, है या लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाओं का यूज़ तो को 40 वर्ष की उम्र के बाद से ही 1-2 साल में जाँच करानी चाहिए।
- डायबिटीज़ और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें
- मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन से उचित दूरी बनाए रखें
- पौष्टिक भोजन लें हरी सब्जियाँ, गाजर, और विटामिन A से भरपूर फल
- आई ड्रॉप्स का प्रयोग केवल डॉक्टर की सलाह से करें