आंख लाल होने पर क्या करें? इसका प्रमुख कारण, चिन्ताजनक लक्षण और घरेलू व मेडिकल उपचार

आंख लाल होना एक चिंताजनक विषय हो सकता है अगर समस्या ज्यादा समय से हो, क्यूंकि ज्यादा समय तक बनी रहने वाली लालिमा एलर्जी, संक्रमण, ड्राई आई, धूल, नींद की कमी या ज्यादा स्क्रीन टाइम के कारण हो सकती है। जबकि हल्के फुल्के मामलों में आप अपनी खुद की देखभाल से आराम भी पा सकते है, जैसे ठंडी सिकाई, लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल और आराम करने से ठीक हो सकती है, लेकिन दर्द, धुंधलापन या लालिमा ज्यादा बढ़ रही हो और खुद की देखभाल से आराम न मिले तो ऐसे में आपको अपने नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

आंख लाल क्यों होती है?

आंख लाल होना आज के समय एक सामान्य समस्या बन चुकी है जो एलर्जी, संक्रमण, आंखों में सूखापन और धूल-मिट्टी के चले जाने से भी हो जाती है, जबकि ज्यादा मोबाइल देखने से और नींद की कमी के कारण भी आंख लाल जाती है। दरअसल कई बार यह मामूली समस्या होती है और खुद की देखभाल से ठीक भी हो जाती है, लेकिन कुछ मामलों में यह आंखों की गंभीर बीमारी और चिंताजनक संकेत भी हो सकती है। ऐसे मे अगर आंखों में दर्द, पानी आना या आंखों में जलन होना और खून जैसी लाल दिख रही है, तो यह एक इमरजेंसी स्थिति हो सकती है, जिसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

आंख लाल होने के मुख्य कारण

1. एलर्जी

आंख लाल होने का सबसे बड़ा और आम कारण है, आंखों मे Allergy Conjunctivitis का होना, जो धूल, धुआं, परागकण, पालतू जानवरों के बाल या किसी कॉस्मेटिक प्रोडक्ट के सम्पर्क में आने से आंखों में एलर्जी हो सकती है। जिसके कारण आंखों में खुजली होना, आंखों से पानी आना और आंखों में लालिमा दिखने लगती है।

2. संक्रमण

आंख लाल होने का एक आम कारण बैक्टीरिया या वायरस भी है, जिसके कारण आंखों मे होने वाला संक्रमण आंखों को लाल बना सकता है। इसलिए viral conjunctivitis के कारण आंखों में होने वाली लालिमा को आम बोलचाल में आई फ़्लू भी कहा जाता है, जबकि bacterial conjunctivitis के कारण आंखों में लालिमा और कीचड़ आने वाली समस्या को आम बोल चाल में आंख आना भी कहा जाता है, दरअसल ये दोनो समस्या बहुत तकलीफ दे होती है, जिसकी वजह से आंखों मे दर्द, गड़न, लालिमा , पानी आना और कीचड़ आना शुरू हो जाता है, जो अदिखतर गर्मी और बरसात के मौसम में ज्यादा होता है।

3. आंखों में सूखापन

आज के इस डिजिटल दौर में हर कोई मोबाइल लैपटॉप और टीवी पर अदिख से अदिख समय बिता रहा है और ज्यादा तर मामलों मे आंख लाल होने का कारण स्क्रीन टाइम ही बनता है, दरअसल लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप देखने से आंखों की नमी कम हो जाती है, जिसके कारण आंखें लाल हो जाती है और आंखों मे जलन भी महसूस होने लगती हैं, जो आगे चलकर डिजिटल आई सिंन्द्रोम का कारण बन जाती है।

4. धूल धुआं और प्रदूषण

धूल धुएं और इस बढ़ते हुए प्रदूषण के संपर्क में आने से भी आंखों में जलन और लालपन हो सकता है, खासकर हमारे देश भारत मे यह आंख लाल होने और पानी आने जैसी अन्य समस्या का एक बढ़ता हुआ और आम कारण बन रहा है, जिसकी वजह से बच्चों से लेकर बड़ों तक इस समस्या की चपेट मे आ रहे है, जिसकी वजह से आंखों में लालिमा और ड्राईनेस जैसे लक्षण दिखने लगते है।

5. नींद की कमी

कम नींद लेने से आंखों की रक्त वाहिकाएं फैल जाती हैं जिससे आंखें लाल दिखाई देने लगती हैं और थकी हुई दिखती है, लेकिन लोगों को एहसास नहीं होता की उनकी नींद पूरी न होने के कारण आंखों पर इसका क्या असर पड़ रहा है, जो खासकर यंग लोगों की आंख लाल होने की वजह नींद की कमी और रहन सहन की वजह से होता है।

6. कॉन्टैक्ट लेंस का अधिक उपयोग

अगर आप कॉन्टैक्ट लेंस लगाते है और उसकी देखभाल सही से नहीं करते है, तो यह भी आंख लाल होने और आंखों से पानी आना जैसी समस्या का कारण बन सकती है, दरअसल लंबे समय तक कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से आंखों में ड्राईनेस और इन्फेक्शन होने का खतरा बना रहेता है।

7. आंख में चोट लगना

आंख पर चोट लगने से भी आंख लाल हो जाती है और दर्द होने लगता है, जबकि कुछ मामलों मे Subconjunctival Hemorrhage भी बन जाता है, जिससे आंख के अंदर ब्लड जैसा दिखने लगता है और परेशानी का सबब बनता है।

आंख लाल होने के लक्षण

  • आंखों में अत्यधिक लालिमा दिखना
  • आंखों में लगातार जलन होना
  • आंखों में खुजली होना
  • आंखों से कीचड़ आना
  • छोटे बच्चों का बार-बार आंख मलना
  • आंखों से लगातार पानी आना
  • आंखों में दर्द और गड़न होना
  • धुंधला दिखाई देना
  • तेज रोशनी से परेशानी होना

आंख लाल होने पर तुरंत क्या करें?

  • 1. आंखों को साफ पानी से धोएं: एक कटोरी में साफ और ठंडे पानी लें और काटन या कोई सॉफ्ट कपड़ा उसमे भिगो लें और उसी से आंखों को धीरे-धीरे धोयें, इससे आंखों का तनाव कम होगा और आराम मिलगा और इसी तरीके से दिन-भर में दो -तीन मर्तबा अवश्य करें ऐसा करने से आंखों में लालिमा और सूजन चली जायेगी।
  • 2. आंखों पर ठंडी पट्टी रखें: सोते समय या दोपहर में किसी कपडे में बर्फ का छोटा-छोटा टुकड़ा रख कर आंखों पर 5-10 मिनट तक ठंडी सिकाई करें, इससे आंखों की सूजन और लालिमा कम हो जाती है और आंखों को आराम भी मिलता है जिससे आंखे थकी हुई नहीं दिखती।
  • 3. मोबाइल और स्क्रीन टाइम कम करें: कुछ समय तक मोबाइल, टीवी, कंप्यूटर और लैपटॉप से दूरी बनाएं, लेकिन अगर आप का काम स्क्रीन पर है, तो ऐसे में 20-20-20 नियम का पालन करें इससे आंखों पर तनाव कम पड़ेगा और UV प्रोटेक्शन चश्मे का इस्तेमाल करें जो खासकर स्क्रीन पर काम करने के लिए बनाया गया है।
  • 4. आंखों को रगड़ें नहीं: याद रखें अगर आंख में लालिमा और खुजली या जलन हो रही है तो ऐसे में बार-बार आंख पर हाथ न लगाएं और न ही रगड़े, क्यूंकि रगड़ने से इन्फेक्शन हो सकता है और जलन गड़न बढ़ सकती है, जबकि आंख की ऊपरी परत कॉर्निया पर बार – बार रगड़ने से जखम बन सकता है।
  • 5. पर्याप्त आराम करें: रोज आना कम से कम 7–8 घंटे की अच्छी नींद अवश्य लें इससे आंखों को आराम मिलेगा और मस्तिष्क भी फ्रेश रहेगा, याद रखें आंख लाल होने पर जितना हो सके उतना अपनी आंखों को आराम दें, ऐसा करने से आंख की लालिमा, गड़न चुभन कम होंगी।

हल्की फूलकी लालिमा के लिए घरेलू उपाय

अगर कभी कभार आंख धूल, धुंआ या कोई डस्ट आंख मे चले जाने से या स्क्रीन पर अधिक समय बिताने से हल्की फूलकी लाल हो जाती है, तो ऐसे मे आप अपनी आंखों की खुद की देखभाल से एक से दो दिन मे आराम पा सकते है, लेकिन अगर आंखों मे चोट लग गई है या कोई संक्रमण, एलर्जी जैसी वजह से ऐसा हुआ है और खुद की देखभाल से आराम ना मिले तो आपको चिंतित होना चाहिए, लेकिन आप हल्की फूलकी लालिमा के लिए निचे बताये गये प्रथम उपचार अपना सकते है जैसे:

  • धूल और धुएं से बचें: घर से बाहर निकलते समय सनग्लासेस या फोटोक्रोमिक चश्मे का इस्तेमाल जरूर करें, इससे धूप, धूल, गर्दा से आंखों का बचाव होगा जिससे आंख की लालिमा बढे गी नहीं।
  • ठंडे पानी की सिकाई: ऊपर बताया जा चूका है की ठन्डे पानी से आंख को वाश कैसे करना है और सेकाई कैसे करना है, याद रखें ठंडे पानी की सिकाई से जलन और सूजन कम करने में बेहद मदद गार साबित होती है।
  • ज्यादा पानी पिएं: शरीर में पानी की कमी न होने दें, क्यूंकि पानी की कमी से आंखों में ड्राईनेस पैदा होने लगती है जिससे लालिमा, गड़न, जलन जैसी समस्या लंबे समय तक बनी रह सकती है और निर्जलीकरण की भी समस्या पैदा हो सकती है।
  • लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स: आंखों के लाल होने पर आप बिना डॉक्टर के परामर्श से मिलने वाली लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल कर सकते है, जो आंखों को फ्रेश रखती है और ड्राईनेस, जलन, गड़न, पानी आना जैसी समस्या मे इसका उपयोग करने पर भी काफ़ी ज्यादा मददगार साबित होती है

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

आंख लाल होने पर मेडिकल से या घर पर रखी कोई भी आई ड्रॉप्स का यूज़ न करें और नीचे दिए गए लक्षण होने पर तुरंत अपने नज़दीकी नेत्र रोग डॉक्टर से संपर्क करें, खासकर निचे बताये गए इनमे से किसी भी लक्षण को एक गंभीर स्थिति समझें और इस को नजरअंदाज न करे:

  • आंखों में तेज दर्द होना
  • रोशनी से परेशानी होना
  • अगर विजन धुंधला हो रहा हो
  • आंख से गाढ़ा, पीला, हरा या सफ़ेद कीचड़ आना
  • लालिमा समय के साथ बढ़ती जा रही हो
  • आंख में चोट लगना
  • आंख में कोई केमिकल चला गया हो

डॉक्टर आंखों की जाँच कैसे करते है?

अगर आपको या आपके परिवार में किसी की आंख लाल है और आप डॉक्टर के पास गये है दिखाने तो ऐसे में आपका डॉक्टर सबसे पहले आपके बारे में थोड़ा परिचय लेगा, ये कब से है, क्या कैसे और विज़न चेक करेंगे उसके बाद स्लिट लैंप एग्जामिनेशन करेंगे, आपकी आंख की स्थिति के अनुसार fluorescein stain भी कर सकते है और जरुरत के हिसाब से आंखों के प्रेसर (IOP)भी चेक कर सकते है जिससे समस्या का सही – सही कारण पता चल सके और अंत में जाँच पूरी होने पर उपचार सुझा सकते है

आंख लाल होने का मेडिकल उपचार

  • आंख लाल होने के कई कारण हो सकते है, ऐसे में आपका डॉक्टर एग्जामिनेशन करने के बाद अगर समस्या एलर्जीक जैसी समस्या से हो रही है तो एंटी-हिस्टामाइन आई ड्रॉप्स प्रिस्क्राइब कर सकते है।
  • मान लें अगर समस्या बैक्टीरियाल या वायरल जैसी समस्या के कारण हो रही है तो ऐसे में एंटीबायोटिक ड्रॉप्स, नॉन स्टेरॉयड आई ड्राप या एंटीवायरल ड्रॉप्स, समस्या की पहचान होने के बाद आपका डॉक्टर आपको प्रिस्क्राइब कर सकता है. लेकिन ये सब ड्रॉप्स आप हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही इस्तेमाल करें वरना आपकी आंख के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।
  • अदिखतर मामलों में आंखों की लालिमा धूल गर्दा धुआँ जैसी समस्या के कारण ही होती है, जिसकी वजह से आंखों में सूखापन की समस्या तेजी से बढ़ जाती है, इसकी वजह से आंख में हल्की फूलकी लालिमा जलन और पानी आने लगता है, इसलिए आपका डॉक्टर आपकी आंखों की जाँच करने के बाद ऐसे मामलों में इसके उपचार के लिए आर्टिफिशियल टियर्स या बिना प्रिजर्वेटिव वाली लुब्रिकेटिंग ड्रॉप्स को भी प्रिस्क्राइब कर सकता है।

कुछ विशेष स्थितियां और उनके कारण

कुछ स्थिति ऐसी होती है जो केवल एक आंख में ही हो सकती है, जो काफी ज्यादा चिंता जनक और इमरजेंसी स्थिति होती है, लेकिन उसके अपने अन्य लक्षण होते है, जैसे:

आंख लाल होना और पानी आना क्या संकेत देता है?

आंख लाल होने के साथ अगर लगातार पानी आ रहा है तो यह एलर्जी, इन्फेक्शन या वायरल जैसी समस्या का संकेत हो सकता है। लेकिन ऐसे हल्के फुल्के मामलों में आंखों को साफ रखें और साफ पानी से वाश करें और सेकाई करें, उसके बाद भी अगर आराम ना मिले तो अपने नजदीकी डॉक्टर से सलाह लें।

आंख लाल होना और दर्द होना कितना गंभीर है?

अगर आंख लाल होने के साथ तेज दर्द होने लगे और सूजन आ जाए या धुंधलापन दिखने लगे तो यह काला मोतियाबिंद या Keratitis जैसी अन्य गंभीर समस्या का भी संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत आपको अपने नजदीकी आंखों के डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

बच्चों की आंख लाल क्यों होती है?

बच्चों में आंख लाल होने के कई कारण हो सकते है, जैसे बच्चों की आंखों में काजल लगाते समय नाख़ून लग जाना या नहाते समय साबुन शैम्पू का चला जाना, खेलते कूदते समय धूल डस्ट का चला जाने की वजह से और इन्फेक्शन, एलर्जी जैसी समस्या भी हो सकता है, जिसकी वजह से बच्चे अपनी आंखों को बार-बार रगड़ने लगते है, जबकि सामान्य स्थिति में माता पिता की केयर करने से आराम भी हो सकता है। लेकिन याद रखें अगर आपके बच्चे की आंखों से चिपचिपा पानी या कीचड़ आ रहा है और आंखे बहुत अधिक लाल दिख रही है या बार – बार रगड़ता रहता है तो ऐसे मे डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए क्यूंकि बच्चों की आंख बहुत ज्यादा नाजुक और सेंसिटिव होती है।

आंख लाल होने से बचाव कैसे करें?

आंखों की लालिमा से बचने के लिए आपको अपनी आदतों में सुधार करना पड़ेगा, यदि आपकी आंख बार-बार लाल हो जाती है, तो ऐसे में सबसे पहले आंखों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और गंदे हाथों से आंखों को छूने से बचें, खासकर आंखों को छूने या रगड़ने से पहले हमेशा हाथों को साबुन से अच्छी तरह धो लें, क्योंकि हाथों पर मौजूद बैक्टीरिया और वायरस संक्रमण का कारण बन सकते हैं।

जबकि लंबे समय तक मोबाइल, कंप्यूटर या टीवी देखने से आंखों पर तनाव बढ़ता है और ड्राई आई की समस्या हो सकती है। इसलिए स्क्रीन का उपयोग करते समय 20-20-20 नियम अपनाएं, अर्थात हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए लगभग 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें। साथ ही प्रतिदिन 7–8 घंटे की पर्याप्त नींद लें, जिससे आंखों को आराम मिल सके और लालिमा की संभावना कम हो।

यदि आप कॉन्टैक्ट लेंस का उपयोग करते हैं, तो उनकी नियमित सफाई करें और निर्धारित समय से अधिक देर तक न पहनें। इसके अलावा धूल, धुआं और प्रदूषण से आंखों को बचाने के लिए बाहर निकलते समय धूप का चश्मा पहनें। इन सावधानियों को अपनाकर आंखों को स्वस्थ रखा जा सकता है और लाल होने की समस्या से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।

क्या आंख लाल होने पर गुलाब जल डाल सकते हैं?

ऐसे मामलों में शहद हो या गुलाब जल बिना डॉक्टर की सलाह के आंखों में डालना या कोई घरेलू पदार्थ डालना सुरक्षित नहीं माना जाता है, दरअसल आज के समय बाजार में सब मिलावटी मिल रहा है, जिससे आंखों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

क्या लाल आंख अपने आप ठीक हो सकती है?

अगर हल्की फूलकी लालिमा का कारण थकान या स्क्रीन पर अधिक समय बिताने की वजह से हो या फिर धूप डस्ट की वजह से हो, तो ऐसे में खुद की देखभाल से आराम मिल सकता है, लेकिन समस्या खुद की देखभाल से भी आराम ना मिले तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

क्या मोबाइल ज्यादा देखने से आंखें लाल हो जाती हैं?

हाँ, ज्यादा स्क्रीन टाइम Dry Eyes और Digital Eye Strain का कारण बन सकता है, जिसकी वजह से आंखों में लालिमा, पानी आना और थकान जैसे अन्य लक्षण भी दिख सकते है।

आंख लाल होने पर बर्फ से सिकाई करनी चाहिए या गर्म कपड़े से?

आंख लाल होने पर, खासकर अगर सूजन या एलर्जी हो, तो ठंडी सिकाई या फिर बर्फ को साफ कपड़े में लपेटकर करना सबसे सुरक्षित और फायदेमंद होता है।जबकि गर्म सिकाई से संक्रमण या लालिमा बढ़ सकती है, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के गर्म सिकाई से बचें।

आंख लाल होने पर क्या चश्मा लगाना जरूरी है?

हां, आंख लाल होना आई फ्लू या इन्फेक्शन का मुख्य लक्षण हो सकता है। ऐसे में काला चश्मा पहनने से आंखों को तेज रोशनी से आराम मिलता है और बार-बार हाथ आंखों पर जाने से बचाव होता है।

निष्कर्ष

​आंखों का लाल होना एक बेहद आम समस्या है, जो ज्यादातर मामलों में धूल-मिट्टी, थकान या स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने के कारण ही होती है और थोड़ी सी देखभाल से ठीक हो जाती है। लेकिन अगर यह लालिमा संक्रमण, एलर्जी या किसी अंदरूनी चोट के कारण है, तो इसे नजरअंदाज करना आपकी आंखों की रोशनी के लिए खतरनाक हो सकता है। दरअसल आंखों की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि आप बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा या ड्रॉप्स न डालें। अगर समस्या एक दिन से ज्यादा बनी रहे या आंखों में तेज दर्द हो, तो तुरंत अपने नजदीकी नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें, क्योंकि सतर्कता ही आंखों की असली सुरक्षा है।

अस्वीकरण

यह लेख केवल सामान्य जागरूकता और शिक्षा के उद्देश्य से लिखा गया है। याद रखें इमरजेंसी स्थिति में ऐसे और आंखों से जुड़ी किसी भी गंभीर समस्या के लिए हमेशा अपने नजदीकी नेत्र रोग विशेषज्ञ से व्यक्तिगत परामर्श लें।