Refresh Tears Eye Drop एक Lubricating Eye Drop है, जिसका मुख्य घटक Carboxymethylcellulose Sodium 0.5% होता है। इसका उपयोग Dry Eye, आंखों में जलन, किरकिरापन और LASIK या मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद आंखों को नमी देने के लिए किया जाता है।
- परिचय
- Refresh Tears आई ड्रॉप्स क्या है?
- Refresh Tears आई ड्रॉप्स का उपयोग कब और क्यों किया जाता है?
- Refresh Tears आई ड्रॉप्स के फायदे
- Refresh Tears आई ड्रॉप्स को लंबे समय तक उपयोग से पहले सावधानी क्यों ज़रूरी है?
- शेल्फ लाइफ और सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
- Refresh Tears आई ड्रॉप्स के साइड इफेक्ट्स
- Refresh Tears आई ड्रॉप्स क्या बच्चों की आंखों के लिए सुरक्षित है?
- Refresh Tears आई ड्रॉप्स कितनी बार डालनी चाहिए?
- आई ड्रॉप डालने का सही तरीका क्या होता है?
- Contact Lens पहनने वाले क्या करें?
- Refresh Tears आई ड्रॉप्स काम कैसे करती है?
- Refresh Tears आई ड्रॉप्स में क्या पाया जाता है? (इसके मुख्य घटक और उनकी भूमिका)
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
परिचय
आज के इस डिजिटल युग में कंप्यूटर, लैपटॉप और स्मार्टफोन का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ रहा है और हर घर मे हो रहा है। लेकिन लंबे समय तक स्क्रीन देखने, एसी (AC) में रहने, या धूल-प्रदूषण के कारण आंखों में सूखापन, जलन और भारीपन होना इन सबकी वजह से एक आम समस्या बन चुकी है। ऐसे में अगर डॉक्टर के पास आंख चेकअप करवाने जाव तो डॉक्टर अक्सर लुब्रिकेंट या कृत्रिम आंसू प्रिस्क्राइब करते हैं।
क्या आपके डॉक्टर ने भी आपको यह ड्रॉप सुझाई है या आपकी आंखों मे जलन, सूखेपन, आंखों से पानी आना और भारीपन से परेशान हैं या राहत पाना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। इस लेख में हम जानेंगे कि रिफ्रेश टियर्स आई ड्रॉप क्या है इसके क्या फायदे हैं, इसे क्या बिना डॉक्टर की सलाह के डालना ठीक है य नही, कौन डाल सकता क्या बच्चों के लिए ठीक है य नही और इसके क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, इन सबके बारे मे जानेंगे।
Refresh Tears आई ड्रॉप्स क्या है?
रिफ्रेश टियर्स आई ड्रॉप एक नाम है, लेकिन इस आई ड्राप में जो तत्व होता है। दरअसल वह एक प्रकार का आंखों का लुब्रिकेंट (आर्टिफीसियल कृत्रिम आँसू) होता है। जिसे मूल रूप से Allergan द्वारा विकसित किया गया था, जो अब AbbVie का हिस्सा है
इस आई ड्रॉप में मुख्य सक्रिय घटक Carboxymethylcellulose Sodium (0.5% w/v) होता है। दरअसल जब हमारी आंखें पर्याप्त मात्रा में प्राकृतिक आँसू नहीं बना पाती हैं या आंसू बहुत जल्दी सूख जाते हैं, तो ऐसे मे लुब्रिकेंट मतलब आर्टिफीसियल कृत्रिम आंसू के उपयोग से बहुत राहत मिलती है।
जबकि आंखों में सूखेपन, जलन, गड़न या चुभन होने पर और LASIK ऑपरेशन के बाद, मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद और अन्य स्थिति मे डॉक्टर इसको प्रिस्क्राइब भी करते है। जिसका खासकर काम यह होता है, आंखों में प्राकृतिक नमी बनाए रखना और आंखों को फ्रेस रखना।
Refresh Tears आई ड्रॉप्स का उपयोग कब और क्यों किया जाता है?
Refresh Tears आई ड्रॉप मुख्य रूप से सूखी आंखों के इलाज के लिए उपयोग की जाती है। हालांकि इसे जलन होने पर, गड़न होने पर, आंखों से पानी आने पर और आंखों का ऑपरेशन होने के बाद और कई अन्य स्थितियों में भी नेत्र विशेषज्ञ प्रिस्क्राइब कर देते हैं:
डिजिटल आई स्ट्रेन
कंप्यूटर, स्मार्टफोन या टैबलेट की स्क्रीन पर लगातार काम करने के कारण आंखों में होने वाली थकान और परेशानी को डिजिटल आई स्ट्रेन कहा जाता है। इसी कारण जो लोग लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करते हैं उनकी पलकें कम झपकती हैं, जिससे आँसू जल्दी वाष्पित हो जाते हैं और आंख सूख जाती हैं। जबकि ऐसी स्थिति मे लुब्रिकेंट आई ड्रॉप्स तुरंत नमी प्रदान करने और आंखों में जलन, थकान, तनाव को दूर करने मे बहुत सहायक होती हैं।
एयर कंडीशनर / हीटर वाले वातावरण
AC और हीटर हवा की नमी को कम कर देते हैं, ये तो आपको भी मालूम होगा और इस वजह से हमारी आंखों की आंसू की परत (tear film) तेज़ी से सूखने लगती है, जिससे ड्राय आई की समस्या पैदा होती है। ऐसी स्थिति मे लुब्रिकेंट आई ड्रॉप्स शुष्क हवा के प्रभाव से आंखों की सुरक्षा करता है और आंखों को नम रखता है। लेकिन अगर ड्रॉप्स का उपयोग दिन में 4-5 बार से अधिक करना पड़े, तो बिना प्रिज़रवेटिव वाली आई ड्रॉप्स का उपयोग करना आंखों के लिए और भी सुरक्षित माना जाता है।
धूल, धुआं और प्रदूषण
ये तो आपको मालूम होगा की आपके यहाँ कितना धूल गर्दा और प्रदूषण है। लेकिन सायद यह न मालूम हो की बाहर निकलने पर हवा में मौजूद प्रदूषक कण आंखों में जलन, चुभन, गड़न, पानी आना और सूखापन पैदा करते हैं। ऐसे मामलों आंखों को फ्रेस रखने के लिए Refresh Tears आई ड्रॉप्स जो आंखों को धोने और लुब्रिकेट करने में मदद करता है। उन लोगों के लिए इन सब समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए बहुत अच्छा साबित होता है।
ड्राई आई सिंड्रोम
दरअसल जब आंखों में पर्याप्त मात्रा में आँसू नहीं बनते या फिर आँसू बहुत जल्दी सूख जाते हैं, तो उस स्थिति को ड्राई आई सिंड्रोम कहा जाता है। जो आज के समय में आंखों से जुड़ी सबसे आम, लेकिन अनदेखी की जाने वाली समस्याओं में से एक है। इसकी वजह से आंखों मे जलन, चुभन, गड़न और आंखों का लाल होने जैसे लक्षण दिखने लगते हैं। इसी वजह से ड्राई आई सिंड्रोम से राहत पाने के लिए सबसे ज़्यादा इस्तेमाल की जाने वाली दवा लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स हैं।
आंख के ऑपरेशन के बाद
आंखों का जो कई अन्य परिस्थितियों मे ऑपरेशन होता है, खासकर मोतियाबिंद हो गया, नाखुना हो गया चश्मा हटाने के लिए LASIK सर्जरी हो गई और पलकों के ऑपरेशन के बाद इन सबको ठीक होने में समय लगता है और अक्सर सूखापन होता है, जिसकी वजह से गड़न, चुभन, लालपन, पानी आना और जलन होना शुरुआती दिनों मे होती है। ऐसे मे डॉक्टर लुब्रिकेंट आई ड्रॉप्स विशेषकर प्रिजर्वेटिव-फ्री वेरिएंट को पोस्ट-ऑप केयर के तौर पर प्रिस्क्राइब करते हैं।
उम्र बढ़ने के कारण
उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारे शरीर के कई अंगों की तरह आंख भी कई बदलावों से गुजरती हैं। इनमें से एक सबसे प्रमुख समस्या है एज-रिलेटेड ड्राई आई। दरअसल जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, आंखों में आँसू बनाने वाली लैक्रिमल ग्लैंड्स (Lacrimal Glands) यानी आँसू ग्रंथियों की कार्यक्षमता कम होने लगती है। इसके कारण न केवल आँसू कम बनते हैं, बल्कि उनकी गुणवत्ता में भी गिरावट आ जाती है। इस स्थिति मे जब प्राकृतिक रूप से आँसू बनने कम हो जाते हैं, तो लुब्रिकेंट आई ड्रॉप्स ही आंखों की नमी और सेहत बनाए रखने में मुख्य भूमिका निभाती हैं। इसलिए बुज़ुर्गों को अक्सर डॉक्टर प्रिस्क्राइब करते हैं।
कुछ दवाइयों के साइड-इफेक्ट से
ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, एलर्जी, डिप्रेशन या किसी अन्य रोग की हाई पावर की जब हम इन बीमारियों के नियंत्रण के लिए दवाएं लेते हैं, तो वे शरीर के अन्य कार्यों के साथ-साथ आँसू बनाने वाली ग्रंथियों और आँसू की गुणवत्ता को भी प्रभावित करती हैं। ऐसे में रिफ्रेश टियर्स जैसी लुब्रिकेंट आई ड्रॉप्स आंखों को अतिरिक्त नमी देकर इस सूखेपन से तुरंत राहत दिलाती हैं। लेकिन ऐसी स्थिति मे अपने डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक होता है।
Refresh Tears आई ड्रॉप्स के फायदे
Refresh Tears आई ड्रॉप के कई प्रमुख फायदे हैं। इसलिए इसको बहुत से लोग बिना डॉक्टर के प्रिस्क्राइब किये हुए भी ले लेते हैं और इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि यह बिना डॉक्टर की पर्ची के भी मिल जाती है। हालाँकि यह एक बेहद सुरक्षित और प्रभावी आई ड्रॉप है, फिर भी इसे बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
जबकि इसके कई प्रमुख फायदे और उपयोग से जुड़ी ज़रूरी जानकारियों का विवरण दिया गया है, जिसे आप निचे देख सकते ह:
- Refresh Tears में मौजूद कार्बोक्सीमिथाइलसेलुलोज (CMC) आंख की सतह (Tear Film) पर चिपककर नमी को बांधे रखती है। जो आँसू को जल्दी सूखने या वाष्पित होने से रोकती है, जिससे इसका असर लगभग 2 से 4 घंटे तक बना रहता है।
- यह आंखों में होने वाली कई तरह की तकलीफों को तुरंत शांत करती है। खासकर सूखेपन के कारण आंख जो अतिरिक्त पानी छोड़ती हैं, उसे नियंत्रित करती है और आंखों मे जलन होने पर, चुभन होने पर, किरकिरापन जैसा अहसास होना पर, आंख लाल हो जाने पर और आंखों में खुजली होना पानी आना जैसे मामलों में भी काफ़ी असर दार साबित होती है।
- इस ड्रॉप का फ़ॉर्मूला प्राकृतिक आँसू के पीएच (pH) और गाढ़ेपन के काफ़ी करीब होता है। मतलब यह प्राकृतिक आँसू की तरह होता है। जबकि यह आंख की ऊपरी पारदर्शी सतह को चिकनाहट देता है और उसे बाहरी रगड़ या खरोंच से बचाता है और आंखों को कोई नुकसान नहीं पहुँचाती है।
Refresh Tears आई ड्रॉप्स को लंबे समय तक उपयोग से पहले सावधानी क्यों ज़रूरी है?
Refresh Tears आई ड्रॉप्स बिना पर्ची के भी मिल जाती है और बहुत सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन लंबे समय तक बिना डॉक्टर की सलाह के इसका इस्तेमाल करने पर कुछ बातें ध्यान में रखनी चाहिए:
- प्रिजर्वेटिव्स: बोतल वाली आई ड्रॉप्स को खराब होने से बचाने के लिए उनमें माइल्ड प्रिजर्वेटिव मिलाए जाते हैं। यदि इसका इस्तेमाल दिन में 4-5 बार से ज़्यादा या लगातार महीनों तक किया जाए, तो यह आँख की संवेदनशील सतह को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
- मूल कारण का न पता चलना: आंख में सूखापन केवल सामान्य थकान नहीं, बल्कि मीबोमियन ग्लैंड डिस्फंक्शन (MGD), ऑटोइम्यून बीमारी या इंफेक्शन का संकेत भी हो सकता है। ऐसे मे केवल ड्रॉप्स डालने से मूल बीमारी छिप सकती है।
- प्रिजर्वेटिव-फ्री विकल्प: यदि किसी को लंबे समय तक या दिन में बार-बार लुब्रिकेंट की आवश्यकता है, तो ऐसे मे आपका नेत्र विशेषज्ञ Preservative-Free ड्रॉप्स की सलाह दे सकते हैं।

शेल्फ लाइफ और सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
आई ड्रॉप्स का सही तरीके से इस्तेमाल करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि सही दवा का चुनाव करना। विशेष रूप से रिफ्रेश टियर्स या किसी भी अन्य आई ड्रॉप का उपयोग करते समय शेल्फ लाइफ और सुरक्षा से जुड़ी कुछ बातों का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है:
- 30 से 45 दिनों की सीमा: कोई भी आई ड्रॉप हो उसकी सील खुलने के बाद इसे केवल 30 से 45 दिनों तक ही इस्तेमाल करें। क्योंकि सील खुलने के बाद हवा के संपर्क में आने से बोतल के ड्रॉपर टिप पर बैक्टीरिया या फंगस पनपने का खतरा बढ़ जाता है।
- प्रिजर्वेटिव-फ्री विकल्प कब चुनें: रिफ्रेश टियर्स की मल्टी-डोज़ बोतल में हल्का प्रिजर्वेटिव (जैसे Purite) होता है, जो दवा को बोतल में खराब होने से बचाता है। ऐसे मे अगर आप बिना डॉक्टर की सलाह के दिन में 4 से 6 बार से अधिक ड्रॉप्स डाल रहे हैं, तो ये प्रिजर्वेटिव्स समय के साथ आंख की संवेदनशील सतह को नुकसान पहुँचा सकते हैं। इसलिए ऐसी स्थिति में अपने डॉक्टर से परामर्श लेकर प्रिजर्वेटिव-फ्री लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का चयन करना आंखों के स्वास्थ्य के लिए अधिक सुरक्षित और मुनासिब रहता है।
- दो अलग-अलग आई ड्रॉप्स के बीच अंतर (10-15 मिनट का नियम): यदि आप कोई अन्य आई ड्रॉप (जैसे एंटीबायोटिक, एंटी-एलर्जिक, ग्लूकोमा की दवा या स्टेरॉयड) डाल रहें हैं, तो दो ड्रॉप्स के बीच कम से कम 10 से 15 मिनट का अंतर जरूर रखें यही इसका नियम है। क्योंकि एक ड्राप डालने के बाद तुरंत दूसरी ड्रॉप डालेंगे, तो पहली दवा आंख से बहकर बाहर निकल जाएगी और उसका सही असर नहीं हो पाएगा। लेकिन 10-15 मिनट का अंतर देने से पहली दवा को आंख की सतह में सही तरीके से अवशोषित होने का समय मिल जाता है।
Refresh Tears आई ड्रॉप्स के साइड इफेक्ट्स
Refresh Tears आई ड्रॉप्स को आमतौर पर आंखों के लिए बहुत ही सुरक्षित माना जाता है। क्योंकि यह एक OTC (ओवर-द-काउंटर) दवा है, इसलिए लोग अक्सर इसका इस्तेमाल बिना किसी झिझक के करते हैं और बिना पर्ची के भी मिल जाती है। लेकिन फिर भी कुछ मामलों में या शुरुआत में हल्के साइड इफेक्ट्स देखने को मिल सकते हैं।
सामान्य और अस्थायी साइड इफेक्ट्स
Refresh Tears आई ड्रॉप डालने के तुरंत बाद दिखने वाले लक्षण आमतौर पर बहुत मामूली होते हैं और कुछ ही सेकंड या मिनटों में अपने आप ठीक हो जाते हैं:
- अस्थायी धुंधलापन: ड्रॉप की जेल जैसी परत के कारण डालने के तुरंत बाद कुछ सेकंड के लिए धुंधला दिखाई दे सकता है और यह बिल्कुल सामान्य है और घबराने की आवश्यकता नहीं है।
- हल्की चुभन या सनसनाहट: दवा आंखों की सतह पर पहुँचते ही शुरुआत के 5 से 10 सेकंड के लिए हल्की चुभन महसूस दिला सकती है और यह भी बिल्कुल सामान्य है और घबराने की आवश्यकता नहीं है।
- पलकों पर चिपचिपापन: दवा सूखने के बाद कभी-कभी पलकों के किनारों पर या आंखों के कोनों में हल्का सफेद या चिपचिपा पदार्थ जमा हो सकता है और यह भी बिल्कुल सामान्य है और घबराने की आवश्यकता नहीं है।
कब तुरंत उपयोग रोकें और डॉक्टर से मिलें?
यह ड्राप सुरक्षित होने के नाते इसके कोई बहुत बड़े साइड इफेक्ट्स नही दीखते है। लेकिन अगर डेट स्पायर दवा का उपयोग हो जाए और अत्यधिक संवेदनशीलता आंखों मे होने लगे तो इसके निम्नलिखित लक्षण दिख सकते हैं:
- आंखों में अत्यधिक लालीमा दिखना
- लगातार और तेज दर्द होना
- रोशनी से परेशानी होना
- पलकों या आँखों के आसपास सूजन आना
- धुंधलापन लंबे समय तक बना रहना या देखने में समस्या आना
ध्यान दें यदि इनमें से कोई भी समस्या दिखाई दे, तो तुरंत आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल बंद करें और अपने नेत्र विशेषज्ञ (Optometrist / Ophthalmologist) से परामर्श लें।
Refresh Tears आई ड्रॉप्स क्या बच्चों की आंखों के लिए सुरक्षित है?
बच्चों की आंख वयस्कों की तुलना में बहुत संवेदनशील होती हैं, हालांकि बच्चों में किसी भी आई ड्रॉप का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और स्वयं दवा देने से बचना चाहिए, फिर चाहे रिफ्रेश टियर्स आई ड्रॉप ही क्यों न हो, इसलिए, बच्चों की दृष्टि की सुरक्षा के लिए किसी भी लक्षण को नज़रअंदाज़ न करें और लक्षण दिखने पर बिना डॉक्टरी सलाह के कोई भी आई ड्रॉप न डालें।
बच्चों में आई ड्रॉप्स के उपयोग से जुड़ी कुछ मुख्य बातें जो हर अभिभावक को ध्यान में रखनी चाहिए:
बच्चों में आंख की समस्या का सही निदान जरूरी है
बच्चों की आंखों से कीचड़ आना, आंखों का लाल होना, पानी आना या लगातार आंखे मलना केवल सूखेपन के कारण नहीं होता। इसके पीछे कई अन्य कारण हो सकते हैं, जैसे:
- बैक्टीरियल या वायरल इन्फेक्शन।
- दृष्टि दोष (Refractive Error ) चश्मे का नंबर लगना।
- आंख में कोई बाहरी कण का चला जाना।
- एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस का संकेत होना।
ऐसे मामलों में केवल लुब्रिकेटिंग ड्रॉप्स से राहत नहीं मिलेती खासकर इन्फेक्शन और दृष्टि दोष होने पर इसलिए बच्चों की आंखों की जाँच और उपचार हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही होना चाहिए।

Refresh Tears आई ड्रॉप्स कितनी बार डालनी चाहिए?
Refresh Tears (Carboxymethylcellulose) जैसी लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स की खुराक आंखों में समस्या की गंभीरता और व्यक्ति की जीवनशैली पर निर्भर करती है। लेकिन हल्के फुल्के मामलों में दिनभर में 1 से 2 बार (जैसे सुबह और शाम, या जब भी आंखों में हल्का खिंचाव या सूखापन लगे) तो इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे आंख एकदम फ्रेस हो जाती है और थकना तनाव भी कम हो जाता है।
लेकिन अगर आंखों का सूखापन लगातार बना रहता है या बढ़ता है, या फिर आंखों से कीचड़ आना, दर्द होना और आंखों से पानी आये या फिर आंख लाल हो जाए तो खुद से खुराक बढ़ाने के बजाय अपने नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लें और लापरवाही न करें।
क्योंकि आंखों की जाँच और सुखी आंखों के लिए ड्राई आई इवैल्यूएशन (Dry Eye Evaluation) करावा के दवा डालना ज्यादा बेहतर होता है और ये सब मेडिकल स्टोर पर नही होता है, इसलिए आंखों की जाँच आंखों के डॉक्टर से ही करवाएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवा डालें।
आई ड्रॉप डालने का सही तरीका क्या होता है?
देखें गलत तरीके से कोई भी आई ड्रॉप डालने से इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। फिर चाहे रिफ्रेश टियर्स आई ड्रॉप ही क्यों न हो इसलिए इन स्टेप्स को फॉलो करें और हमेशा अपनी आंख या परिवार के किसी सदस्य को दवा डाल रहें हैं, तो थोड़ा सावधानी बरतें:
- आंखों मे दवा डालने से पहले हो सके तो साबुन से हाथों को अच्छे से धोएं ।
- बोतल की नोक को अपनी उंगलियों या आंख से न टच होने दें।
- हमेशा आंख की निचली पलक को नीचे खींचकर ही दवा डालें।
- दवा डालने के बाद कुछ सेकंड के लिए आंखों को बंद रखें और पुतली को इधर-उधर घुमाएं।
- आंख के कोने से निकली अतिरिक्त दवा को साफ टिश्यू या किसी साफ कपडे से पोंछ लें।
- सिर पीछे झुकाकर या किसी चीज पर लेट कर ही दवा डालें।
Contact Lens पहनने वाले क्या करें?
यदि आप कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं, तो क्या आपको मालूम है, कॉन्टैक्ट लेंस आई ड्रॉप डालने से पहले निकाल देना चाहिए या नही । अगर नही मालूम है तो यह जान ले कोई भी दवा डालने से पहले कॉन्टैक्ट लेंस निकाल देना चाहिए और कम से कम 10/15 मिनट के बाद लेंस लगाना चाहिए। लेकिन प्रिज़रवेटिव-मुक्त आई ड्रॉप्स जो सिंगल-डोज़ वायल में आती हैं और इन्हें लेंस पहने हुए भी डाला जा सकता है।
इसलिए Contact Lens Rewetting Drops विशेष रूप से कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों के लिए बनाई जाती हैं, जो लेंस को नम रखती हैं और बिना लेंस निकाले इस्तेमाल की जा सकती हैं। लेकिन किसी भी ड्रॉप को लेंस के ऊपर डालने से पहले अपने डॉक्टर से पुष्टि ज़रूर करें और बिना डॉक्टर की सलाह के न डालें।
Refresh Tears आई ड्रॉप्स काम कैसे करती है?
Refresh Tears आई ड्रॉप आंखों में डालने पर प्राकृतिक आंसुओं की तरह व्यवहार करती है। क्योंकि इसमें Carboxymethylcellulose पाया जाता है, जो आंख की ऊपरी परत (Cornea, Conjunctiva, sclera) पर नमी प्रदान करतीं है और चिपक जाता है और पानी को रोककर रखता है।
इसी कारण Refresh Tears आई ड्रॉप सुखी आंखों के लिए बहुत अच्छी मानी जाती है। जबकि एक अच्छी लुब्रिकेंट (Carboxymethylcellulose Eye Drops) की पहचान यही होती है, आंख की सतह पर नमी काफी देर तक बना के रखना है। जिससे आंखों में जलन में राहत, ड्राईनेस और पलकें झपकाते समय कम्फर्टेबाल महसूस होना।
Refresh Tears आई ड्रॉप्स में क्या पाया जाता है? (इसके मुख्य घटक और उनकी भूमिका)
Refresh Tears का मुख्य घटक active ingredient Carboxymethylcellulose Sodium 0.5% w/v ही है, जिसे आमतौर पर CMC या Sodium Carboxymethylcellulose भी कहा जाता है। जबकि अधिकतर प्लेनो लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का यही सेम फार्मूला होता है। इसलिए Refresh Tears आई ड्रॉप्स को लुब्रिकेटिंग केटेगरी मे रखा गया है।
मुख्य घटक
| घटक (Ingredient) | प्रकार | मुख्य कार्य |
| Carboxymethylcellulose Sodium IP 5 mg | Active | नमी प्रदान करना और आँसुओं को सूखने से रोकना |
| Purite 0.05% mg | Preservative | आंखों में जाते ही आँसुओं में बदल जाना |
| Purified Water IP q.s. | Base | नमी बनाए रखना और pH बैलेंस करना |
याद रखें अगर आप बिना डॉक्टर की सलाह के दिनभर में रिफ्रेश टियर्स आई ड्रॉप हो या कोई अन्य दवा 4 से 5 बार से अधिक ड्रॉप्स डाल रहे हैं, तो ऐसा ना करें और ऐसा करने से पहले अपने नजदीकी डॉक्टर से सलाह लेना और उनका पालन करना जरुरी है।
सन्दर्भ References
- Abbvie रिफ्रेश टियर्स आई ड्रॉप
- Cleveland Clinic कृत्रिम आंसू: ये क्या होते हैं और इनका उपयोग कब करना चाहिए
- EyeMantra सूखी आंखों (Dry Eyes) के लिए आईड्रॉप्स | ड्राई आइज़ क्या हैं?
- All About Vision सूखी आंखों के लिए आई ड्रॉप्स: प्रकार और उनका कार्य
- Eye7 Eye Hospitals ड्राय आई सिंड्रोम – कारण, लक्षण एवं उपचार की संपूर्ण जानकारी
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
क्या Refresh Tears आई ड्राप को रोजाना इस्तेमाल किया जा सकता है?
हाँ, सूखी आंखों से राहत पाने के लिए इसे डॉक्टर के बताए गए तौर तरीके से रोजाना 2 से 3 बार इस्तेमाल किया जा सकता है।
क्या Refresh Tears आई ड्रॉप चश्मे का नंबर कम कर सकती है?
नहीं, रिफ्रेश टियर्स केवल आंखों के सूखेपन और जलन को ठीक करती है। इसका चश्मे के नंबर से कोई संबंध नहीं है और न ही चश्मे के नंबर को कम करती है।
Refresh Tears Eye Drop की कीमत कितनी है?
भारत में इसके 10ml की बोतल की कीमत लगभग ₹120 से ₹130 के बीच होती है।
क्या बच्चों की आंखों में Refresh Tears आई ड्रॉप डाल सकते हैं?
बच्चों की आंखों में कोई भी आई ड्रॉप डालने से पहले बाल-नेत्र विशेषज्ञ (Pediatric Optometrist/Ophthalmologist) की सलाह लेना अनिवार्य है।
क्या Refresh Tears Eye Drop बिना डॉक्टर की पर्ची के मिल जाती है?
जी हाँ Refres Tears आई ड्राप बिना पर्ची के भी मिल जाती है, लेकिन लंबे समय तक उपयोग से पहले नेत्र विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

